9 Carat gold hallmarking: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सोने की हॉलमार्किंग मानकों में बड़ा बदलाव करते हुए अब 9 कैरेट यानी 375 शुद्धता वाले सोने के गहनों को भी आधिकारिक रूप से हॉलमार्किंग के लिए मंजूरी दे दी है। BIS ने IS 1417:2016 स्टैंडर्ड में जुलाई 2025 से प्रभावी संशोधन संख्या 2 के तहत इस बदलाव की घोषणा की है। इस फैसले के बाद अब कुल 9 प्रकार की शुद्धता वाले सोने – 24KF, 24KS, 23K, 22K, 20K, 18K, 14K, 10K और 9K – को हॉलमार्किंग के दायरे में शामिल कर लिया गया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सोने की कीमतें ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गई हैं और आम ग्राहकों के लिए उच्च शुद्धता वाले गहनों की खरीद मुश्किल होती जा रही है। 9 कैरेट सोना अपेक्षाकृत किफायती होता है और खासतौर पर फैशन ज्वेलरी या डेली वियर ज्वेलरी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। BIS का यह कदम ग्राहकों को एक और वैध व भरोसेमंद विकल्प देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। हालांकि कुछ ग्राहक जो कि सोने की क्वालिटी पर ज्यादा भरोसा रखते हैं वो उच्च कैरेट वाली ज्वेलरी को खरीदना पसंद कर सकते हैं।
अब गोल्ड ज्वेलरी की हॉलमार्किंग में 9 कैरेट भी शामिल
- 24KF (999)
- 24KS (995)
- 23K- 23 कैरेट (958 शुद्धता)
- 22K- 22 कैरेट (916 शुद्धता)
- 20K- 20 कैरेट (833 शुद्धता)
- 18K – 18 कैरेट (750 शुद्धता)
- 14K – 14 कैरेट (585 शुद्धता)
- 9K- 9 कैरेट (375 शुद्धता)
इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने BIS के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनका अनुरोध था जिसे अब मंजूरी मिल गई है। IBJA के बयान के अनुसार,
“BIS ने 9 कैरेट को हॉलमार्किंग में शामिल करने का हमारा अनुरोध स्वीकार किया है। BIS ने अब IS 1417:2016 में संशोधन कर 9 कैरेट को अधिकृत किया है। हम BIS के साथ 9K हॉलमार्किंग को BIS मानक पोर्टल (Manak) में जल्द शामिल करने के लिए समन्वय कर रहे हैं ताकि ज्वेलर्स तुरंत इसका उपयोग कर सकें।”

GJC ने दी विस्तृत जानकारी
ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) ने BIS के संशोधन का हवाला देते हुए अपने सदस्यों को सूचित किया कि 9 कैरेट (375 ppt) अब अनिवार्य हॉलमार्किंग के तहत शामिल कर लिया गया है।
“BIS संशोधन संख्या 2 (जुलाई 2025) के अनुसार अब 9 कैरेट (375 ppt) को अनिवार्य हॉलमार्किंग के तहत शामिल कर लिया गया है। सभी ज्वेलर्स और हॉलमार्किंग सेंटर्स को इस नए नियम का पालन करना होगा।”


भारत में हॉलमार्किंग का बढ़ता दायरा
भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता देश है, जहां सालाना 700 से 1000 टन तक सोने की खपत होती है। BIS द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, देश में अब तक 40 करोड़ से ज्यादा सोने की ज्वेलरी आइटम्स हॉलमार्क की जा चुकी हैं। पंजीकृत ज्वेलर्स की संख्या 2019 में 34,647 थी जो अब बढ़कर 1,94,039 हो चुकी है, वहीं हॉलमार्किंग सेंटर्स की संख्या 945 से बढ़कर 1,622 हो गई है।
सरकार ने चरणबद्ध तरीके से हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया है। वर्तमान में यह प्रक्रिया अपने चौथे चरण में है, जिसमें 343 नए जिलों को भी शामिल किया गया है।
BIS CARE ऐप से मिलेगी हर जानकारी
BIS उपभोक्ताओं को ‘BIS CARE’ मोबाइल ऐप के माध्यम से हॉलमार्क ज्वेलरी की सत्यता जांचने की सुविधा देता है। उपभोक्ता इस ऐप के माध्यम से किसी भी ज्वेलरी पर लगे हॉलमार्क नंबर को स्कैन करके उस ज्वेलर का पंजीकरण, हॉलमार्किंग केंद्र, शुद्धता, परीक्षण की तारीख जैसी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस ऐप के जरिए उपभोक्ता किसी उत्पाद में गड़बड़ी या BIS मार्क के दुरुपयोग की शिकायत भी सीधे दर्ज कर सकते हैं, जिससे उपभोक्ता अधिकारों को और मजबूती मिलती है।
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