भारत सरकार ने सोने के आभूषण और गोल्ड आर्टिफैक्ट्स के लिए अनिवार्य हॉलमार्किंग व्यवस्था का दायरा और बढ़ा दिया है। अब देश के 392 जिले अनिवार्य गोल्ड हॉलमार्किंग के दायरे में आ गए हैं। इससे पहले यह व्यवस्था 380 जिलों में लागू थी। हालिया विस्तार के तहत 9 राज्यों के 12 नए जिले सूची में जोड़े गए हैं।
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12 नए जिले अनिवार्य हॉलमार्किंग सूची में शामिल
मिनिस्ट्री ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स, फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन ने Hallmarking of Gold Jewellery and Gold Artefacts (Third Amendment) Order, 2026 के जरिए जिलों की नई सूची जारी की है।
यह आदेश 3 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में जारी किया गया। इसे Bureau of Indian Standards Act, 2016 के तहत BIS से परामर्श के बाद जारी किया गया है। आदेश सरकारी राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी होगा।
नए जोड़े गए 12 जिलों का राज्यवार विवरण इस प्रकार है:
- असम: कोकराझार और लखीमपुर — कुल 12 जिले
- हरियाणा: पानीपत — कुल 21 जिले
- मध्य प्रदेश: भिंड, खंडवा और विदिशा — कुल 19 जिले
- महाराष्ट्र: भंडारा — कुल 30 जिले
- ओडिशा: अंगुल — कुल 12 जिले
- राजस्थान: कोटपूतली-बहरोड़ — कुल 26 जिले
- तमिलनाडु: कांचीपुरम — कुल 32 जिले
- उत्तराखंड: ऊधम सिंह नगर — कुल 7 जिले
- पश्चिम बंगाल: झाड़ग्राम — कुल 22 जिले
कुल विस्तार: 12 नए जिले, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर कवरेज 392 जिलों तक पहुंच गई है।
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा 3 जिले जुड़े
नए विस्तार में मध्य प्रदेश में सबसे अधिक तीन जिलों को शामिल किया गया है। इनमें भिंड, खंडवा और विदिशा शामिल हैं। इन तीन जिलों के जुड़ने के बाद मध्य प्रदेश में अनिवार्य हॉलमार्किंग के तहत आने वाले जिलों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है।
असम में दो नए जिले शामिल
असम में कोकराझार और लखीमपुर को नई सूची में शामिल किया गया है। संशोधित सूची में इन्हें क्रमशः राज्य के छठे और सातवें कवर किए गए जिले के रूप में दर्ज किया गया है। इसके साथ ही असम में अनिवार्य हॉलमार्किंग के दायरे वाले जिलों की संख्या 12 हो गई है।
हरियाणा में पानीपत भी हॉलमार्किंग के दायरे में
हरियाणा में पानीपत को नई सूची में शामिल किया गया है। संशोधित सूची में यह राज्य का 21वां कवर किया गया जिला है। इसके बाद हरियाणा में अनिवार्य गोल्ड हॉलमार्किंग के दायरे में आने वाले जिलों की संख्या 21 हो गई है।
महाराष्ट्र में भंडारा की एंट्री
महाराष्ट्र में भंडारा को अनिवार्य हॉलमार्किंग कवरेज में जोड़ा गया है। संशोधित सूची में यह राज्य का छठा जिला है। नए जिले के जुड़ने के बाद महाराष्ट्र में कुल 30 जिले हॉलमार्किंग व्यवस्था के दायरे में आ गए हैं।
ओडिशा में अंगुल शामिल
ओडिशा में अंगुल को नई हॉलमार्किंग सूची में शामिल किया गया है। संशोधित सूची में इसे राज्य के पहले जिले के रूप में दर्ज किया गया है। इसके साथ ओडिशा में हॉलमार्किंग कवरेज बढ़कर 12 जिलों तक पहुंच गई है।
राजस्थान में कोटपूतली-बहरोड़ जोड़ा गया
राजस्थान में कोटपूतली-बहरोड़ को अनिवार्य हॉलमार्किंग व्यवस्था में शामिल किया गया है। यह संशोधित सूची में राज्य का 13वां जिला है। इस विस्तार के बाद राजस्थान में कुल 26 जिले हॉलमार्किंग के दायरे में हैं।
तमिलनाडु में कांचीपुरम शामिल
तमिलनाडु में कांचीपुरम को नई सूची में जोड़ा गया है। यह राज्य की संशोधित सूची में आठवें जिले के रूप में दर्ज है। इसके साथ तमिलनाडु में अनिवार्य हॉलमार्किंग कवरेज बढ़कर 32 जिलों तक पहुंच गई है।
उत्तराखंड में ऊधम सिंह नगर जोड़ा गया
उत्तराखंड में ऊधम सिंह नगर को हॉलमार्किंग व्यवस्था के तहत शामिल किया गया है। संशोधित सूची में यह राज्य का पांचवां कवर किया गया जिला है।
अब उत्तराखंड में कुल 7 जिले अनिवार्य गोल्ड हॉलमार्किंग के दायरे में हैं।
पश्चिम बंगाल में झाड़ग्राम शामिल
पश्चिम बंगाल में झाड़ग्राम को नई सूची में जोड़ा गया है। यह संशोधित सूची में राज्य का नौवां कवर किया गया जिला है।
इसके बाद पश्चिम बंगाल में हॉलमार्किंग व्यवस्था के तहत आने वाले जिलों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है।
अब 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 392 जिले कवर
संशोधित एनेक्सचर के अनुसार भारत में अनिवार्य गोल्ड हॉलमार्किंग की व्यवस्था अब 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 392 जिलों तक पहुंच गई है।
कुछ प्रमुख राज्यों की संशोधित कवरेज इस प्रकार है:
- आंध्र प्रदेश — 18 जिले
- असम — 12 जिले
- बिहार — 25 जिले
- चंडीगढ़ — 1 जिला
- छत्तीसगढ़ — 5 जिले
- दिल्ली — 8 जिले
- गोवा — 2 जिले
- गुजरात — 25 जिले
- हरियाणा — 21 जिले
- कर्नाटक — 20 जिले
- केरल — 14 जिले
- मध्य प्रदेश — 19 जिले
- महाराष्ट्र — 30 जिले
- ओडिशा — 12 जिले
- पंजाब — 20 जिले
- राजस्थान — 26 जिले
- तमिलनाडु — 32 जिले
- तेलंगाना — 13 जिले
- उत्तर प्रदेश — 39 जिले
- उत्तराखंड — 7 जिले
- पश्चिम बंगाल — 22 जिले
नए जिलों में ग्राहकों और ज्वेलर्स के लिए क्या बदलेगा?
हॉलमार्किंग व्यवस्था के विस्तार से नए शामिल जिलों में ग्राहकों को हॉलमार्क प्रमाणित सोने के आभूषण और आर्टिफैक्ट्स तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है।
वहीं, इन जिलों में कारोबार करने वाले ज्वेलर्स के लिए BIS की लागू हॉलमार्किंग आवश्यकताओं का पालन और महत्वपूर्ण हो जाएगा। इससे सोने की शुद्धता की पहचान और उपभोक्ता विश्वास को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
2020 के हॉलमार्किंग आदेश में एक और संशोधन
नए आदेश के तहत Hallmarking of Gold Jewellery and Gold Artefacts Order, 2020 के पुराने एनेक्सचर को संशोधित राज्यवार जिला सूची से बदला गया है।
मूल आदेश 15 जनवरी 2020 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित हुआ था। इसके बाद इसमें 28 अप्रैल 2026 को S.O. 2117(E) के माध्यम से संशोधन किया गया था। अगस्त 2026 का नया आदेश इसी व्यवस्था के जिला-स्तरीय कवरेज को आगे बढ़ाता है।
भारत में अनिवार्य गोल्ड हॉलमार्किंग का दायरा बढ़ा
नवीनतम बदलाव के बाद अनिवार्य गोल्ड हॉलमार्किंग कवरेज 380 से बढ़कर 392 जिलों तक पहुंच गया है। नए 12 जिले असम, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में शामिल किए गए हैं।
यह विस्तार भारत के गोल्ड हॉलमार्किंग नेटवर्क को और व्यापक बनाता है और नए क्षेत्रों के ज्वेलर्स को संशोधित BIS हॉलमार्किंग नियमों के तहत लाता है।
FAQs
1. भारत में अब कितने जिलों में अनिवार्य गोल्ड हॉलमार्किंग लागू है?
नवीनतम सरकारी अधिसूचना के बाद भारत में अनिवार्य गोल्ड हॉलमार्किंग का दायरा 380 जिलों से बढ़कर 392 जिलों तक पहुंच गया है। इस विस्तार के तहत नौ राज्यों के 12 नए जिलों को शामिल किया गया है, जिससे देश में सोने की शुद्धता से जुड़े मानकों और हॉलमार्किंग व्यवस्था की पहुंच और व्यापक हुई है।
2. नवीनतम विस्तार के तहत किन राज्यों को हॉलमार्किंग कवरेज में शामिल किया गया है?
नई सूची में असम, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इन नौ राज्यों में कुल 12 नए जिलों को अनिवार्य हॉलमार्किंग व्यवस्था के दायरे में लाया गया है। इससे इन राज्यों के अतिरिक्त ज्वेलरी बाजारों में BIS हॉलमार्किंग नियम लागू होंगे।
3. अनिवार्य गोल्ड हॉलमार्किंग की नई सूची में कौन-कौन से जिले जोड़े गए हैं?
नवीनतम संशोधन में असम के कोकराझार और लखीमपुर, हरियाणा के पानीपत, मध्य प्रदेश के भिंड, खंडवा और विदिशा, महाराष्ट्र के भंडारा, ओडिशा के अंगुल, राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़, तमिलनाडु के कांचीपुरम, उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर और पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम को शामिल किया गया है।
4. नए जिलों के शामिल होने से ज्वेलर्स पर क्या असर पड़ेगा?
नए जिलों को अनिवार्य हॉलमार्किंग के दायरे में लाने के बाद वहां कारोबार करने वाले ज्वेलर्स के लिए BIS द्वारा निर्धारित लागू हॉलमार्किंग और अनुपालन आवश्यकताओं का पालन करना महत्वपूर्ण होगा। इससे सोने के आभूषणों की गुणवत्ता और शुद्धता से जुड़े मानकों को मजबूत करने के साथ-साथ ज्वेलरी कारोबार में पारदर्शिता और उपभोक्ता विश्वास बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
5. अनिवार्य गोल्ड हॉलमार्किंग के विस्तार से ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
हॉलमार्किंग व्यवस्था का विस्तार होने से नए शामिल जिलों के ग्राहकों को हॉलमार्क प्रमाणित सोने के आभूषण और गोल्ड आर्टिफैक्ट्स तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है। हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता की पहचान के लिए एक मानकीकृत व्यवस्था उपलब्ध कराती है, जिससे ग्राहक खरीदारी के समय अधिक भरोसे के साथ निर्णय ले सकते हैं और बाजार में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलता है।
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