America Data, Gold Silver Price Today, Gold Price today in Big Cities, 18 Carrat Gold Price Today, आज सोने का भाव, आज चांदी का भाव: CPI आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स 0.1% बढ़ा। वहीं, फूड और एनर्जी को छोड़कर कोर CPI में 0.2% की बढ़ोतरी हुई। यह डेटा जारी होने के बाद आज 13 अगस्त, गुरुवार को बाजार खुलते ही कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। सुबह 09:00 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1,54,800 रूपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा, जिसमें 82 रूपए यानी (0.05%) की गिरावट देखी गई। वहीँ चांदी MCX में भी गिरावट देखी गई, जो 2,37,500 रूपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है, जो 335 रूपए यानी (0.14%) की गिरावट को दर्शाता है।
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आज वैश्विक बाजार में भी गिरावट देखने को मिली। सुबह 09:00 बजे (IST) COMEX पर गोल्ड 0.30 डॉलर यानी करीब (0.1%) की गिरावट के साथ 4467.10 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, वहीं चांदी में भी गिरावट दिखी और यह 0.07 डॉलर (0.11%) गिरकर 65.63 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
केडिया कोमोडिटी की राय (Kedia Commodity View)
सोना (Gold)- सोने की कीमतें 0.73% बढ़कर 1,54,882 रुपए पर बंद हुईं। अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहने के बाद डॉलर कमजोर हुआ, जिससे सोने को सपोर्ट मिला। इससे सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने की उम्मीद भी बढ़ी है।
अमेरिका में जुलाई में उपभोक्ता महंगाई महीने-दर-महीने 0.1% बढ़ी, जो अनुमान के मुताबिक रही। जून में इसमें 0.4% की गिरावट आई थी। कमजोर रोजगार आंकड़ों ने भी जल्द ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद को कम किया है। अब बाजार सितंबर में दर बढ़ने की संभावना 48% मान रहा है, जो रोजगार आंकड़ों से पहले 60% थी। हालांकि, शिकागो फेड के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्स्बी ने सावधानी बरतते हुए कहा कि महंगाई के लंबे समय तक बने रहने की चिंता अभी भी ज्यादा है।
एशिया के बड़े बाजारों में फिजिकल गोल्ड की मांग मिली-जुली रही। भारत में सोने पर डिस्काउंट बढ़कर 47 डॉलर प्रति औंस हो गया, जो पिछले सप्ताह 44 डॉलर था। कीमतों के एक महीने से ज्यादा के ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद भारतीय खरीदार सावधानी बरत रहे हैं। चीन में सोने का प्रीमियम घटकर 3-5 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि पिछले सप्ताह यह 5-8 डॉलर था। हांगकांग और सिंगापुर में मांग सुस्त रही। जापान में मांग में हल्का सुधार हुआ और सोना हाजिर कीमत के आसपास कारोबार करता रहा।
जून के अंत में लंदन की वॉल्ट में रखे सोने का भंडार महीने-दर-महीने 0.77% बढ़कर 9,464 टन हो गया। इसकी कीमत करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर रही, जो लगभग 7,57,145 गोल्ड बार के बराबर है।
भारत में ज्यादा इंपोर्ट टैरिफ के बाद अनऑफिशियल गोल्ड इनफ्लो बढ़ा। हालांकि, जून तिमाही में भारत का शुद्ध सोना आयात सालाना आधार पर 23% घटकर 98.1 टन रह गया। इस दौरान कुल सोने की मांग भी 6% घटकर 131.4 टन रही।
दूसरी तिमाही में दुनिया में सोने की मांग 1,268.9 टन पर स्थिर रही। इस दौरान केंद्रीय बैंकों ने 289 टन सोना खरीदा, जिससे ETF से 45 टन सोने की निकासी का असर काफी हद तक कम हुआ।
तकनीकी स्तर
- तकनीकी रूप से सोने में नई खरीदारी देखने को मिली। ओपन इंटरेस्ट 0.66% बढ़कर 10,344 कॉन्ट्रैक्ट हो गया, जबकि कीमत में 1,117 रुपए की बढ़त हुई।
- सोने को 1,54,055 रुपए पर सपोर्ट है। इसके नीचे जाने पर कीमत 1,53,220 रुपए तक गिर सकती है।
- ऊपर की तरफ 1,55,780 रुपए पर रेजिस्टेंस है। इस स्तर के ऊपर लगातार मजबूती रहने पर सोने की कीमत 1,56,670 रुपए तक पहुंच सकती है।
- डॉलर की चाल और फिजिकल गोल्ड की मांग आगे सोने की कीमत की दिशा तय करने में अहम रहेगी।
Trading Ideas
- आज सोने की ट्रेडिंग रेंज 1,53,220 रुपए से 1,56,670 रुपए के बीच रह सकती है।
- अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहने और डॉलर कमजोर होने से सोने को सपोर्ट मिला।
- कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद अमेरिकी ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद कम हुई, जिससे सोने की कीमतों में तेजी आई।
- पहली छमाही में केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद 2022 के बाद सबसे निचले स्तर पर रही।
चांदी (Silver)- चांदी की कीमतें 0.92% बढ़कर 2,37,835 रुपए पर पहुंच गईं। अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के करीब रहने से फेडरल रिजर्व की जल्द ब्याज दर बढ़ाने की चिंता कम हुई। जुलाई में कोर CPI महीने-दर-महीने 0.2% और सालाना आधार पर 2.5% बढ़ा। इससे फेड के सावधानी भरे रुख की उम्मीद मजबूत हुई।
निवेशकों की नजर Strait of Hormuz से जुड़े घटनाक्रम पर भी रही। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि अमेरिका और ईरान इस अहम जलमार्ग को फिर से खोलने के समझौते के करीब हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका का Strait of Hormuz पर पूरा नियंत्रण है। इससे बाजार में भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी रही।
सोलर पैनल, बिजली ग्रिड, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों में सिल्वर की औद्योगिक मांग से कीमतों को लगातार सपोर्ट मिल रहा है। जून में चीन का सिल्वर वाले अयस्कों का आयात सालाना आधार पर 62.5% बढ़कर 219,000 टन हो गया।
जुलाई में Perth Mint की सिल्वर बिक्री महीने-दर-महीने 65% से ज्यादा बढ़कर 4,86,043 औंस हो गई। सालाना आधार पर भी बिक्री में 7.5% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, जून के अंत में लंदन के वॉल्ट में सिल्वर का भंडार महीने-दर-महीने 1.7% बढ़कर 28,082 टन हो गया। इसकी कीमत करीब 53.1 अरब डॉलर है और यह लगभग 9,36,052 सिल्वर बार के बराबर है।
COMEX सिल्वर में 4 अगस्त को समाप्त सप्ताह में सट्टेबाजों की नेट-लॉन्ग पोजीशन 2,679 कॉन्ट्रैक्ट बढ़कर 11,067 कॉन्ट्रैक्ट हो गई। इससे सिल्वर को लेकर निवेशकों की तेजी वाली उम्मीद मजबूत होने का संकेत मिलता है।
वैश्विक सिल्वर बाजार में लगातार छठे साल सप्लाई की कमी रहने का अनुमान है। 2026 में यह कमी बढ़कर 46.3 मिलियन औंस हो सकती है, जबकि 2025 में यह 40.3 मिलियन औंस थी। कुल मांग में 2% गिरावट का अनुमान है, जबकि औद्योगिक सिल्वर उपयोग में करीब 3% की कमी आ सकती है।
इसके विपरीत, सिक्कों और सिल्वर बार की मांग में 18% की बढ़ोतरी का अनुमान है। वैश्विक सिल्वर सप्लाई में भी 2% गिरावट की उम्मीद है, जिससे बाजार में लंबे समय तक सप्लाई की कमी का सपोर्ट बना रह सकता है।
तकनीकी रूप से सिल्वर में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल रही है। ओपन इंटरेस्ट 1.9% घटकर 10,670 कॉन्ट्रैक्ट रह गया, जबकि कीमत में 2,176 रुपए की बढ़ोतरी हुई।
सिल्वर को 2,35,990 रुपए पर सपोर्ट मिल रहा है। इस स्तर के नीचे गिरावट आने पर कीमत 2,34,150 रुपए तक जा सकती है। वहीं, ऊपर की ओर 2,40,180 रुपए पर रेजिस्टेंस है। इस स्तर के ऊपर लगातार तेजी रहने पर सिल्वर की कीमत 2,42,530 रुपए तक पहुंच सकती है।
Trading Ideas
- आज सिल्वर की ट्रेडिंग रेंज 2,34,150 रुपए से 2,42,530 रुपए के बीच रह सकती है।
- अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के करीब रहने से जल्द फेड रेट बढ़ने की चिंता कम हुई और सिल्वर में तेजी आई।
- अमेरिका में सालाना महंगाई दर जुलाई 2026 में लगातार दूसरे महीने घटकर 3.4% रही, जो जून में 3.5% थी।
- CME FedWatch Tool के अनुसार, बाजार अब सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की 48% संभावना मान रहा है।
- औद्योगिक मांग, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और वैश्विक सप्लाई की कमी आगे सिल्वर की कीमतों के लिए अहम रहेंगे।
आज सोने, चांदी में क्यों आई गिरावट ?
अमेरिकी CPI आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहने के बावजूद गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली। MCX पर सुबह 09:00 बजे सोना 82 रुपए की गिरावट के साथ 1,54,800 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 335 रुपए गिरकर 2,37,500 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई।
1. मुनाफावसूली से सोने और चांदी पर दबाव
हाल की तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर कुछ मुनाफा बुक किया। सोना और चांदी पिछले सत्र में मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे, इसलिए आज शुरुआती कारोबार में कुछ बिकवाली देखने को मिली। इससे दोनों कीमती धातुओं की कीमतों पर हल्का दबाव आया।
2. अमेरिकी CPI के बाद बाजार में सावधानी
अमेरिका में जुलाई का CPI महीने-दर-महीने 0.1% बढ़ा, जबकि कोर CPI में 0.2% की बढ़ोतरी हुई। आंकड़े बाजार की उम्मीद के मुताबिक रहे। हालांकि इससे फेड की तुरंत ब्याज दर बढ़ाने की चिंता कम हुई, लेकिन महंगाई अभी भी फेड के 2% लक्ष्य से ऊपर है। इसलिए निवेशकों ने आंकड़ों के बाद सावधानी बरती।
3. डॉलर में हल्की मजबूती से दबाव
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोना और चांदी की कीमतें आमतौर पर डॉलर की चाल से प्रभावित होती हैं। डॉलर में मजबूती आने पर दूसरी करेंसी रखने वाले निवेशकों के लिए अमेरिकी डॉलर में कीमत वाले सोने और चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग पर दबाव आ सकता है।
4. फेड की अगली नीति को लेकर अभी भी अनिश्चितता
CME FedWatch Tool के अनुसार, बाजार सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की करीब 48% संभावना मान रहा है। हालांकि यह संभावना पहले के मुकाबले कम हुई है, लेकिन दर बढ़ने की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इसलिए निवेशक फेड की अगली नीति को लेकर अभी भी सतर्क हैं।
5. ऊंचे स्तरों पर फिजिकल गोल्ड की मांग कमजोर
भारत में सोने पर डिस्काउंट बढ़कर 47 डॉलर प्रति औंस हो गया है, जो पिछले सप्ताह 44 डॉलर था। इसका मतलब है कि ऊंची कीमतों पर भारतीय खरीदारों की रुचि कुछ कम हुई है। एशिया के कुछ अन्य बाजारों में भी फिजिकल गोल्ड की मांग बहुत मजबूत नहीं रही, जिससे कीमतों को तत्काल सपोर्ट सीमित हुआ।
6. चांदी में भी ऊंचे स्तरों पर बिकवाली
चांदी में हाल की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की। हालांकि सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहनों और बिजली ग्रिड जैसे क्षेत्रों से औद्योगिक मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन ऊंची कीमतों पर शॉर्ट टर्म बिकवाली ने आज के कारोबार में चांदी पर दबाव बनाया।
7. भू-राजनीतिक घटनाक्रम से बाजार में उतार-चढ़ाव
निवेशक Strait of Hormuz से जुड़े घटनाक्रम पर भी नजर रख रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते और जलमार्ग को फिर से खोलने की चर्चा से बाजार की दिशा में बदलाव आ सकता है। दूसरी ओर, क्षेत्र में तनाव बना रहने से सोने को सुरक्षित निवेश की मांग मिल सकती है।
8. तकनीकी स्तरों के कारण भी दबाव
तकनीकी रूप से सोना और चांदी अभी भी महत्वपूर्ण स्तरों के आसपास कारोबार कर रहे हैं। सोने के लिए 1,54,055 रुपए पहला सपोर्ट है, जबकि 1,55,780 रुपए महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस है। चांदी के लिए 2,35,990 रुपए सपोर्ट और 2,40,180 रुपए रेजिस्टेंस है।
सोने, चांदी के भाव से जुड़े सवाल-जवाब, FAQ’s
1. 13 अगस्त 2026 को सोने की कीमत क्यों गिरी?
13 अगस्त को शुरुआती कारोबार में सोने की कीमत में गिरावट का मुख्य कारण ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली रहा। इसके अलावा भारत में फिजिकल गोल्ड की मांग कमजोर रहने, डॉलर की चाल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी सोने पर दबाव डाला।
2. आज चांदी की कीमत में गिरावट की क्या वजह है?
चांदी में हाल की तेजी के बाद निवेशकों ने कुछ मुनाफा बुक किया, जिससे शुरुआती कारोबार में कीमत पर दबाव आया। इसके साथ ही ऊंचे भाव पर मांग में कुछ कमजोरी देखने को मिली। हालांकि, सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और बिजली ग्रिड जैसे क्षेत्रों से औद्योगिक मांग अभी भी चांदी को सपोर्ट दे रही है।
3. क्या अमेरिकी CPI आंकड़ों ने सोने और चांदी को प्रभावित किया?
हां, अमेरिकी CPI आंकड़े कीमती धातुओं के लिए महत्वपूर्ण रहे। जुलाई में अमेरिका का CPI 0.1% बढ़ा, जबकि कोर CPI 0.2% बढ़ा। आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहे, जिससे सितंबर में फेड की तुरंत ब्याज दर बढ़ाने की चिंता कम हुई। हालांकि, महंगाई अभी भी फेड के 2% लक्ष्य से ऊपर है।
4. आज सोने और चांदी के महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं?
सोने के लिए 1,54,055 रुपए महत्वपूर्ण सपोर्ट है। इसके नीचे जाने पर कीमत 1,53,220 रुपए तक आ सकती है, जबकि 1,55,780 रुपए प्रमुख रेजिस्टेंस है। चांदी के लिए 2,35,990 रुपए सपोर्ट और 2,40,180 रुपए रेजिस्टेंस है। इन स्तरों के टूटने से आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
5. क्या आज की गिरावट के बाद सोना-चांदी फिर बढ़ सकते हैं?
सोने और चांदी में दोबारा तेजी की संभावना बनी हुई है, क्योंकि कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद अमेरिकी ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद कम हुई है। केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद, चांदी की वैश्विक सप्लाई में कमी और औद्योगिक मांग जैसे फैक्टर भी कीमतों को आगे सपोर्ट दे सकते हैं।
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