WGC Report, Central Bank Gold Purchase: वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों की रणनीति में सोना (Gold) एक बार फिर केंद्र में आ गया है। World Gold Council द्वारा जारी एक रिपोर्ट, “Central Bank Gold Statistics” के ताज़ा आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि 2026 की शुरुआत में केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद की रफ्तार में थोड़ी सुस्ती आई है, पिछले 12 महीनों के औसत 27 टन की तुलना में जनवरी माह में शुद्ध खरीद घटकर मात्र 5 टन रही। लेकिन इस बार बाजार का दायरा पहले से कहीं अधिक विस्तृत (Broaden) होता दिख रहा है।
पिछले साल की तुलना में खरीद का वॉल्यूम कम रहा, वहीं मलेशिया और दक्षिण कोरिया जैसे नए देशों का इस दौड़ में शामिल होना एक बड़े संरचनात्मक बदलाव का संकेत दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और हॉलिडे सीज़न के कारण कुछ केंद्रीय बैंकों ने खरीदारी को लेकर सतर्क रुख अपनाया। हालांकि, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव अब भी कम होने के संकेत नहीं दे रहे हैं। ऐसे में संभावना है कि 2026 और उसके बाद भी केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार में बढ़ोतरी की रणनीति जारी रखेंगे।
जनवरी के मुख्य आकर्षण (January Highlights)
जनवरी 2026 के दौरान वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद में कुछ दिलचस्प रुझान देखने को मिले:
- बढ़ता हुआ डिमांड बेस: सोने की खरीद केवल पुराने खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रही। बैंक नेगारा मलेशिया ने 3 टन सोना खरीदकर 2018 के बाद अपनी पहली शुद्ध खरीद दर्ज की।
- दक्षिण कोरिया की वापसी: बैंक ऑफ कोरिया (BOK) ने 2013 के बाद पहली बार 2026 की पहली तिमाही से गोल्ड इन्वेस्टमेंट (ETFs के जरिए) फिर से शुरू करने की घोषणा की है।
- भू-राजनीतिक अनिश्चितता: वैश्विक तनाव अभी भी केंद्रीय बैंकों के लिए सोने की मांग बनाए रखने का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है।
केंद्रीय बैंकों की सोना खरीद (Central Bank’s Gold Purchases)
रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में केंद्रीय बैंकों ने कुल 5 टन की शुद्ध (Net) खरीद की, जो 2025 के मासिक औसत (27 टन) के मुकाबले काफी कम है। जनवरी में दर्ज की गई गतिविधियाँ मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में केंद्रित रही हैं:
- सेंट्रल बैंक ऑफ उज्बेकिस्तान ने इस महीने 9 टन सोना खरीदा, जिससे अक्टूबर से उसकी खरीदारी का सिलसिला लगातार जारी है। इस खरीद ने उसके स्वर्ण भंडार को बढ़ाकर 399 टन तक पहुँचा दिया है। उज्बेकिस्तान के स्वर्ण भंडार में यह वृद्धि काफी अभूतपूर्व रही है; 2020 की समान अवधि में यह उसके कुल भंडार का 57% था, जो जनवरी 2026 तक बढ़कर 86% हो गया है।
- बैंक नेगारा मलेशिया स्वर्ण खरीदारों में एक नया नाम था, जिसने जनवरी में 3 टन सोना खरीदा—यह 2018 के बाद से उसकी पहली वृद्धि है। इस केंद्रीय बैंक ने जनवरी के अंत तक अपने स्वर्ण भंडार को बढ़ाकर 42 टन कर दिया है, जो उसके कुल भंडार का 5% है।
- इस महीने सोना खरीदने वाले अन्य केंद्रीय बैंकों में चेक गणराज्य (Czech Republic) 2 टन, इंडोनेशिया 2 टन, चीन और सर्बिया (प्रत्येक 1 टन) शामिल हैं। चीन की लगातार 15 महीनों की स्वर्ण खरीद ने उसके स्वर्ण भंडार को कुल विदेशी मुद्रा भंडार के लगभग 10% तक पहुँचा दिया है।
- इस महीने बैंक ऑफ रशिया (Bank of Russia) सबसे बड़ा शुद्ध विक्रेता (Net Seller) रहा, जिसने 9 टन सोना बेचा। इसके बाद बुल्गारियाई नेशनल बैंक (2 टन) का स्थान रहा, जिसने 1 जनवरी 2026 को देश द्वारा यूरो अपनाए जाने की प्रक्रिया के तहत यह सोना ईसीबी (ECB) को स्थानांतरित कर दिया, जिससे बुल्गारिया यूरोपीय संघ का 21वाँ सदस्य बन गया है। कजाकिस्तान और किर्गिज गणराज्य ने भी अपने स्वर्ण भंडार में प्रत्येक ने एक-एक टन की कमी की।
बैंक ऑफ कोरिया का नया कदम (Bank of Korea’s New Move)
बैंक ऑफ कोरिया (BOK) ने घोषणा की है कि वह वर्ष 2026 की पहली तिमाही (Q1 2026) से अपने विदेशी मुद्रा भंडार पोर्टफोलियो में विदेशों में सूचीबद्ध फिजिकल गोल्ड ETF को शामिल करेगा। यह 2013 के बाद सोने से जुड़ा उसका पहला निवेश कदम होगा।
BOK ने कहा कि भौतिक सोने की तुलना में ETF संरचना में बेहतर लिक्विडिटी और आसानी से खरीद-फरोख्त (ट्रेडेबिलिटी) की सुविधा मिलती है, जो इसके प्रमुख लाभ हैं।
वर्तमान में BOK के पास लगभग 104 टन भौतिक सोना है, जो उसके कुल विदेशी भंडार का करीब 4% है। इस आधार पर वह वैश्विक केंद्रीय बैंकों की रैंकिंग में 41वें स्थान पर है।
वहीं, Central Bank Gold Reserves Survey 2025 के अनुसार, केंद्रीय बैंकों के बीच ETF के माध्यम से सोने तक पहुंच बनाना अभी भी काफी असामान्य है। सर्वे में शामिल किसी भी केंद्रीय बैंक ने सोना खरीदने के लिए ETF को प्राथमिक माध्यम के रूप में नहीं चुना था।
कैसा रहेगा सोने का रुझान? (What will be the trend of gold?)
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की यह रिपोर्ट संकेत देती है कि 2026 में सोने के प्रति केंद्रीय बैंकों का आकर्षण कम नहीं हुआ है, बल्कि अब इसमें नए देश शामिल हो रहे हैं। आने वाले हफ्तों में अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक राजनीति की दिशा यह तय करेगी कि साल के बाकी महीनों में सोने की खरीद की रफ्तार कैसी रहती है।
Central Bank Gold Purchase से जुड़े कुछ ज़रूरी सवाल-जवाब, FAQ’s
1. जनवरी 2026 में केंद्रीय बैंकों की सोना खरीद कितनी रही?
जनवरी 2026 में केंद्रीय बैंकों ने कुल 5 टन की शुद्ध सोना खरीद दर्ज की। यह 2025 के 27 टन के मासिक औसत से काफी कम है, जो वर्ष की शुरुआत में खरीदारी की रफ्तार में आई अस्थायी सुस्ती को दर्शाता है।
2. किन देशों ने जनवरी में सबसे अधिक सोना खरीदा?
उज्बेकिस्तान 9 टन की खरीद के साथ प्रमुख खरीदार रहा। इसके अलावा मलेशिया (3 टन), चेक गणराज्य और इंडोनेशिया (प्रत्येक 2 टन), तथा चीन और सर्बिया (प्रत्येक 1 टन) ने भी अपने स्वर्ण भंडार में इजाफा किया।
3. क्या कोई देश इस महीने शुद्ध विक्रेता भी रहा?
हाँ, बैंक ऑफ रशिया 9 टन की बिक्री के साथ सबसे बड़ा शुद्ध विक्रेता रहा। बुल्गारियाई नेशनल बैंक ने 2 टन सोना बेचा, जबकि कजाकिस्तान और किर्गिज गणराज्य ने भी अपने भंडार में मामूली कटौती की।
4. बैंक ऑफ कोरिया ने क्या नया कदम उठाया है?
Bank of Korea ने 2026 की पहली तिमाही से विदेशी सूचीबद्ध फिजिकल गोल्ड ETF को अपने विदेशी मुद्रा भंडार में शामिल करने की घोषणा की है। यह 2013 के बाद उसका पहला गोल्ड-लिंक्ड निवेश होगा, जो उसकी रणनीति में बदलाव का संकेत है।
5. 2026 में सोने की मांग का रुझान कैसा रह सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता सोने की मांग को बनाए रख सकते हैं। भले ही जनवरी में खरीद कम रही हो, लेकिन नए देशों की भागीदारी संकेत देती है कि 2026 में केंद्रीय बैंकों की स्वर्ण रणनीति जारी रह सकती है।
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