दुनियाभर के बाजारों में महंगाई, ब्याज दरों, सरकारी कर्ज और भू-राजनीतिक जोखिमों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में निवेशकों और केंद्रीय बैंकों का ध्यान एक बार फिर सोने की ओर बढ़ रहा है। Société Générale ने 2026 की चौथी तिमाही के लिए सोने पर अपना बुलिश रुख बरकरार रखा है और कीमत 4,750 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान लगाया है।
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फ्रांसीसी बैंक का मानना है कि केंद्रीय बैंकों की लगातार सोने की खरीद, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, भविष्य में कम रियल ब्याज दरों की संभावना और गोल्ड ETF में लौटती निवेश मांग आने वाले समय में कीमती धातु को सपोर्ट कर सकती है।
SocGen ने सोने और कमोडिटीज में बनाए रखा भरोसा
Société Générale के मार्केट एनालिस्ट्स ने 2026 की अंतिम तिमाही में भी इक्विटी और कमोडिटीज पर अपना ओवरवेट रुख बनाए रखा है। बैंक ने खासतौर पर सोने और कॉपर को महत्वपूर्ण कमोडिटीज के रूप में देखा है।
बैंक ने अपने पोर्टफोलियो में सोने के लिए 10% आवंटन बरकरार रखा है। व्यापक कमोडिटी सेक्टर में भी 10% हिस्सेदारी रखी गई है, जो तीसरी तिमाही के स्तर के बराबर है।
इस बीच, बैंक ने इक्विटी में अपना आवंटन 55% से बढ़ाकर 58% कर दिया है। दूसरी ओर, सरकारी बॉन्ड में एक्सपोजर को 15% से घटाकर 12% कर दिया गया है।
SocGen के विश्लेषकों ने रिपोर्ट में कहा, “2026 की शुरुआत से अब तक अलग-अलग एसेट क्लास के प्रदर्शन में काफी अंतर देखने को मिला है। इक्विटी और कमोडिटीज ने अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि बॉन्ड पर दबाव रहा है। इक्विटी और कमोडिटीज पर फोकस वाले हमारे SGMAP पोर्टफोलियो ने इस माहौल में मजबूत प्रदर्शन किया है।”
उन्होंने आगे कहा, “आगे बढ़ते हुए हमारा मानना है कि भू-राजनीतिक और जलवायु जोखिमों से बचाव के लिए कमोडिटीज एक महत्वपूर्ण एसेट क्लास हैं। 60/20/20 पोर्टफोलियो, जिसमें 60% इक्विटी और 20%-20% बॉन्ड तथा कमोडिटीज में हो, मौजूदा माहौल के लिए अधिक उपयुक्त हो सकता है।”
केंद्रीय बैंकों की गोल्ड खरीद बनी अहम वजह
SocGen के अनुसार, सोना उसके मल्टी-एसेट पोर्टफोलियो में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बैंक का मानना है कि भू-राजनीतिक विभाजन और अमेरिका की राजकोषीय स्थिति तथा मुद्रा की विश्वसनीयता को लेकर बढ़ती चिंताएं निवेशकों को पारंपरिक रिजर्व एसेट्स से अलग विकल्पों की ओर ले जा रही हैं।
SocGen के विश्लेषकों ने कहा, “केंद्रीय बैंक सोना खरीदना जारी रख रहे हैं और साथ ही US Treasuries में अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं। भू-राजनीतिक विभाजन और राजकोषीय तथा मुद्रा की विश्वसनीयता को लेकर चिंताएं वैकल्पिक रिजर्व एसेट्स की मांग को सपोर्ट कर रही हैं।”
इसका मतलब है कि केंद्रीय बैंकों की रणनीतिक गोल्ड खरीद केवल अल्पकालिक बाजार गतिविधि नहीं रह गई है, बल्कि रिजर्व में विविधता लाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बन रही है।
कमजोर डॉलर और कम रियल रेट्स से Gold को मिल सकता है सपोर्ट
SocGen ने कहा कि मौजूदा आर्थिक चक्र भी सोने के लिए धीरे-धीरे अधिक अनुकूल होता जा रहा है। बैंक को उम्मीद है कि आगे चलकर रियल ब्याज दरों में कमी से सोना रखने की अवसर लागत घट सकती है।
सोने पर अमेरिकी डॉलर की दिशा और निवेश मांग का भी असर पड़ता है। SocGen के अनुसार, डॉलर में कमजोरी और निवेशकों की दोबारा बढ़ती दिलचस्पी सोने की कीमतों को अतिरिक्त सपोर्ट दे सकती है।
विश्लेषकों ने कहा, “केंद्रीय बैंकों द्वारा संरचनात्मक विविधीकरण को अब कम रियल रेट्स, कमजोर डॉलर और ETF फ्लो की वापसी से और मजबूती मिल रही है।”
बैंक ने यह भी बताया कि वैश्विक गोल्ड ETF होल्डिंग्स करीब 3,000 टन के स्तर की ओर वापस आ गई हैं। SocGen इसे सोने में निवेश मांग के दोबारा मजबूत होने का संकेत मानता है।
Gold Price Forecast Q4 2026 में 4,750 डॉलर का अनुमान
इन सभी परिस्थितियों के बीच SocGen को लगता है कि सोने की मौजूदा तेजी में अभी और गुंजाइश है।
बैंक का अनुमान है कि सोना:
- Q4 2026 में 4,750 डॉलर प्रति औंस
- Q2 2027 में 5,000 डॉलर प्रति औंस
- Q3 2027 में 5,250 डॉलर प्रति औंस
तक पहुंच सकता है।
SocGen का 2026 के लिए पूरे साल का गोल्ड प्राइस अनुमान 4,500 डॉलर प्रति औंस है, जबकि 2027 के लिए यह अनुमान 5,125 डॉलर प्रति औंस रखा गया है।
Copper Price Forecast भी मजबूत
SocGen का सकारात्मक रुख केवल सोने तक सीमित नहीं है। बैंक ने कॉपर के लिए भी मजबूत मांग का अनुमान जताया है। खासतौर पर AI डेटा सेंटर और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कॉपर की मांग को बढ़ाने वाला प्रमुख कारक माना जा रहा है।
बैंक के अनुसार, बढ़ती मांग की तुलना में कॉपर की सप्लाई पर्याप्त नहीं है।
SocGen के विश्लेषकों ने कहा, “2026 की पहली छमाही में कॉपर माइन प्रोडक्शन साल-दर-साल 1.1% घटा और 2017 के बाद पहली बार पूरे साल में इसमें गिरावट दर्ज हो सकती है।”
उन्होंने आगे कहा, “लंबी अवधि की समस्या यह है कि एक दशक से निवेश की कमी के कारण नई परियोजनाओं की पाइपलाइन बहुत सीमित हो गई है। ऊंची कीमतें मदद करेंगी, लेकिन 2030 से पहले सप्लाई में कोई महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया आने की संभावना कम है।”
SocGen का अनुमान है कि कॉपर की कीमत Q4 2026 में 14,750 डॉलर प्रति टन रह सकती है। Q1 2027 में भी यह इसी स्तर पर रहने का अनुमान है, जिसके बाद Q2 में 15,000 डॉलर और Q3 में 15,250 डॉलर प्रति टन तक पहुंचने का अनुमान है।
पूरे साल के लिए बैंक ने कॉपर का अनुमान 2026 में 14,000 डॉलर प्रति टन और 2027 में 15,125 डॉलर प्रति टन रखा है।
करीब 5% बॉन्ड यील्ड के बीच Gold पर नजर
SocGen का सोने और कमोडिटीज को लेकर सकारात्मक रुख ऐसे समय में आया है जब बॉन्ड यील्ड करीब 5% से थोड़ा नीचे कारोबार कर रही है।
आमतौर पर ऊंची बॉन्ड यील्ड गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे सोने के लिए चुनौती मानी जाती है। हालांकि, SocGen के अनुसार, बढ़ती उधारी लागत अमेरिका की सरकारी कर्ज स्थिरता को लेकर बढ़ती चिंताओं को भी दर्शाती है।
बैंक का कहना है कि साल के बाकी महीनों में भी ये चिंताएं बनी रह सकती हैं।
SocGen के विश्लेषकों ने कहा, “अमेरिका के सामने अब केवल प्राथमिक घाटे की समस्या नहीं है; अब ब्याज लागत की भी समस्या है। CBO को उम्मीद है कि प्राथमिक घाटा पिछले संकट के उच्च स्तर से काफी नीचे रहेगा। फिर भी कुल घाटा GDP के 6% से ऊपर रहने का अनुमान है, जबकि 2030 के मध्य तक शुद्ध ब्याज भुगतान GDP के करीब 5% तक बढ़ सकता है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारी Rates टीम के अनुसार, विकसित देशों में अमेरिका कर्ज स्थिरता से जुड़ी चिंताओं के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील देश है। अमेरिकी कर्ज पर औसत ब्याज दर करीब 4% है, जो कर्ज अनुपात को स्थिर रखने के लिए जरूरी 2.3% दर से काफी ऊपर है और 4.1% के उस स्तर से कुछ ही नीचे है, जहां कर्ज की सर्विसिंग को बनाए रखना मुश्किल हो जाता है।”
SocGen ने सरकारी बॉन्ड में घटाया निवेश
इस आर्थिक माहौल में Société Générale ने वैश्विक सरकारी बॉन्ड में अपना एक्सपोजर 15% से घटाकर 12% कर दिया है।
हालांकि, बैंक ने इंफ्लेशन-लिंक्ड बॉन्ड में 5% और कॉरपोरेट बॉन्ड में 5% का आवंटन बरकरार रखा है।
कुल मिलाकर, SocGen की रणनीति में सोने को केंद्रीय बैंक की खरीद, संभावित कम रियल ब्याज दरों, कमजोर डॉलर और निवेश मांग की वापसी से मिलने वाले संभावित सपोर्ट के कारण महत्वपूर्ण स्थान मिला हुआ है।
सोने, चांदी के भाव से जुड़े सवाल-जवाब, FAQ’s
1. Société Générale ने Q4 2026 के लिए सोने की कीमत का क्या अनुमान दिया है?
Société Générale ने Q4 2026 में सोने की कीमत 4,750 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। बैंक का मानना है कि केंद्रीय बैंकों की खरीद, कमजोर अमेरिकी डॉलर, कम रियल ब्याज दरों की संभावना और निवेश मांग में सुधार सोने को आगे भी सपोर्ट दे सकते हैं।
2. SocGen के अनुसार केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद क्यों महत्वपूर्ण है?
SocGen के अनुसार केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं और अमेरिकी ट्रेजरी में अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं। भू-राजनीतिक जोखिमों के साथ अमेरिका की राजकोषीय और मुद्रा संबंधी विश्वसनीयता को लेकर चिंताओं के कारण केंद्रीय बैंक अपने रिजर्व में वैकल्पिक एसेट्स की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
3. कमजोर अमेरिकी डॉलर और कम रियल ब्याज दरों का सोने पर क्या असर हो सकता है?
कमजोर अमेरिकी डॉलर आमतौर पर डॉलर में कीमत तय होने वाले सोने को सपोर्ट कर सकता है। वहीं, अगर रियल ब्याज दरों में गिरावट आती है तो गैर-ब्याज देने वाली संपत्ति के रूप में सोना रखने की अवसर लागत कम हो सकती है। SocGen इन दोनों कारकों को सोने के लिए संभावित सकारात्मक संकेत मानता है।
4. SocGen ने 2027 के लिए सोने का क्या पूर्वानुमान दिया है?
Société Générale के अनुसार सोने की कीमत Q2 2027 में 5,000 डॉलर प्रति औंस और Q3 2027 में 5,250 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। बैंक ने 2027 के लिए पूरे साल का औसत अनुमान 5,125 डॉलर प्रति औंस रखा है।
5. Gold ETF होल्डिंग्स में बढ़ोतरी को SocGen किस तरह देखता है?
SocGen ने बताया कि वैश्विक गोल्ड ETF होल्डिंग्स करीब 3,000 टन के स्तर की ओर वापस आ गई हैं। बैंक इसे निवेश मांग के दोबारा मजबूत होने का संकेत मानता है। ETF में निवेश प्रवाह की वापसी केंद्रीय बैंक की मांग के साथ मिलकर सोने के बाजार को अतिरिक्त सपोर्ट दे सकती है।
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