Bank of Japan: ग्लोबल इकोनॉमी में मची उथल-पुथल और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने अपनी बहुप्रतीक्षित मौद्रिक नीति का खुलासा कर दिया है। BoJ ने अपनी ताज़ा मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों को 0.75% पर स्थिर रखने का फैसला किया है। हालांकि, बैंक के भीतर महंगाई को लेकर हलचल तेज हो गई है। बोर्ड के 9 में से 3 सदस्यों ने ब्याज दरें बढ़ाने का सुझाव दिया है, जो इस बात का संकेत है कि मिडिल ईस्ट (अमेरिका-ईरान युद्ध) में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने जापान की अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।
जापानी केंद्रीय बैंक का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर की निगाहें कच्चे तेल की सप्लाई और उससे पैदा होने वाली महंगाई पर टिकी हैं। बैंक को डर है कि अगर तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में जापान में आम उपभोग की चीजें और महंगी हो सकती हैं।
BoJ ब्याज दरों और महंगाई पर मुख्य अपडेट
मंगलवार को हुई दो दिवसीय बैठक के अंत में बैंक ऑफ जापान ने निम्नलिखित घोषणाएं कीं:
- ब्याज दरें स्थिर: बैंक ने अपनी शार्ट टर्म ब्याज दर को 0.75% पर बरकरार रखा है। यह 1995 के बाद से बैंक का उच्चतम स्तर है।
- वोटिंग का गणित: यह फैसला 6-3 के बहुमत से लिया गया। ख़ास बात यह रही कि बोर्ड के 3 सदस्यों ने दरों को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जो महंगाई को लेकर बैंक की आंतरिक चिंता को दर्शाता है।
- महंगाई का पूर्वानुमान: वित्तीय वर्ष 2026 के लिए महंगाई दर 2.5% से 3.0% के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है, जिसका मुख्य कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं।
जापान की सबसे बड़ी चिंता
जापान की अर्थव्यवस्था काफी हद तक आयातित तेल पर निर्भर है, और मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने बैंक की चुनौतियों को बढ़ा दिया है:
- ऊर्जा की लागत: ब्रेंट क्रूड ऑयल के 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से जापान में उत्पादन लागत बढ़ने का खतरा है।
- आर्थिक सुस्ती: BoJ ने चेतावनी दी है कि साल 2026 में जापान की आर्थिक विकास दर धीमी हो सकती है क्योंकि महंगे तेल से कंपनियों के मुनाफे और आम जनता की वास्तविक आय पर सीधा असर पड़ेगा।
- येन की कमजोरी: जापानी मुद्रा ‘येन’ वर्तमान में डॉलर के मुकाबले 159.49 के करीब है, जो ऐतिहासिक रूप से काफी कमजोर स्तर है।
आगे क्या होगा?
अब पूरी दुनिया की निगाहें बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काजुओ उएदा के बयान पर टिकी हैं। बाजार यह समझना चाहता है कि क्या जापान भविष्य में अपनी ‘सस्ती ब्याज दर’ वाली नीति को पूरी तरह छोड़ देगा। साथ ही, इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक के फैसले भी जापानी बाजार की दिशा तय करेंगे।
बैंक ऑफ जापान का यह रुख दर्शाता है कि वह फिलहाल जल्दबाजी में कोई बड़ा कदम उठाकर बाजार को चौंकाना नहीं चाहता, लेकिन महंगाई का भूत अब उसे और अधिक समय तक शांत बैठने नहीं देगा।
BoJ के ब्याज दरों से जुड़े कुछ सवाल-जवाब, FAQ’s
1. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों पर क्या फैसला लिया?
बैंक ऑफ जापान ने अपनी शॉर्ट-टर्म ब्याज दर को 0.75% पर स्थिर रखा है। यह फैसला 6-3 के बहुमत से लिया गया, हालांकि कुछ सदस्यों ने महंगाई को देखते हुए दरें बढ़ाने का सुझाव दिया।
2. महंगाई को लेकर BoJ क्यों चिंतित है?
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मिडिल ईस्ट तनाव के कारण महंगाई बढ़ने का खतरा है। इससे रोजमर्रा की चीजें महंगी हो सकती हैं और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
3. जापान की अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर पड़ सकता है?
महंगे तेल से उत्पादन लागत बढ़ सकती है, जिससे कंपनियों के मुनाफे और आर्थिक विकास दर पर दबाव आ सकता है। इससे 2026 में आर्थिक वृद्धि धीमी रहने की आशंका है।
4. येन की कमजोरी का क्या कारण है?
जापानी येन डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रहा है, जिसका मुख्य कारण ब्याज दरों में अंतर, वैश्विक अनिश्चितता और ऊर्जा आयात पर निर्भरता है।
5. आगे बैंक ऑफ जापान की नीति में क्या बदलाव हो सकता है?
अगर महंगाई लगातार बढ़ती रही, तो बैंक भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। गवर्नर काजुओ उएदा के आगामी बयान और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के फैसले आगे की दिशा तय करेंगे।
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