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	<title>ईरान &#8211; Gold Price Today</title>
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	<description>Everything About Gold and Silver</description>
	<lastBuildDate>Thu, 04 Jun 2026 12:35:35 +0000</lastBuildDate>
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	<title>ईरान &#8211; Gold Price Today</title>
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	<item>
		<title>US Iran War: अमेरिका में ईरान युद्ध रोकने के लिए प्रस्ताव पारित, अपनी ही पार्टी में घिरे राष्ट्रपति ट्रंप</title>
		<link>https://goldpricetoday.co.in/us-iran-war-us-house-moves-to-limit-trumps-military-action/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Abhishek Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Jun 2026 12:34:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Gold Price]]></category>
		<category><![CDATA[us iran war]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
		<category><![CDATA[ईरान]]></category>
		<category><![CDATA[सोना]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिकी प्रतिनिधिसभा ने 215-208 मतों से ‘वॉर पावर्स रेजोल्यूशन’ पारित कर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान में सैन्य कार्रवाई सीमित करने का फैसला किया। रिपब्लिकन बहुमत के बावजूद चार सांसदों ने विरोध किया। 1973 के कानून के तहत कांग्रेस की मंजूरी बिना युद्ध जारी नहीं रह सकता। बढ़ते खर्च और जन असंतोष ने यह कदम उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>US Iran War: </strong>अमेरिकी राजनीति में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पिछले लगभग तीन महीनों (100 दिनों) से चल रहे ईरान संघर्ष के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपनी ही पार्टी के भीतर भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। रिपब्लिकन-नियंत्रित अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) ने बुधवार (3 जून 2026) को एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया है, जिसका सीधा उद्देश्य राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने से रोकना और अमेरिकी सेना की शक्तियों को सीमित करना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रतिनिधिसभा ने इस <strong>&#8216;वॉर पावर्स रेजोल्यूशन&#8217; (War Powers Resolution)</strong> को 215-208 के मामूली अंतर से मंजूरी दी। इस प्रस्ताव के पास होने का मुख्य संदेश यह है कि अब राष्ट्रपति ट्रंप संसद (Congress) की आधिकारिक मंजूरी या युद्ध की स्पष्ट घोषणा के बिना ईरान में अमेरिकी सैनिकों का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे और उन्हें वहां से अपनी सेना वापस बुलानी होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>स्पीकर माइक जॉनसन रहे नाकाम</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात यह है कि वर्तमान में अमेरिकी संसद के इस सदन (House) में राष्ट्रपति ट्रंप की अपनी &#8216;रिपब्लिकन पार्टी&#8217; का बहुमत है। इसके बावजूद, हाउस स्पीकर माइक जॉनसन इस प्रस्ताव को पास होने से रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप की अपनी ही पार्टी के भीतर चल रहे इस युद्ध को लेकर बेचैनी इतनी बढ़ चुकी थी कि चार रिपब्लिकन सांसदों ने अपनी पार्टी की लाइन तोड़ दी। सांसद थॉमस मैसी, ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक, टॉम बैरेट और वॉरेन डेविडसन ने विपक्ष (डेमोक्रेट्स) का हाथ मिलाया, जिसके कारण यह ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित हो सका।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>&#8216;वॉर पावर्स रेजोल्यूशन 1973&#8217; का हुआ इस्तेमाल</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी संसद ने राष्ट्रपति की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए अपने <strong>&#8216;वॉर पावर्स रेजोल्यूशन 1973&#8217;</strong> के कड़े नियम का इस्तेमाल किया है। इस कानून के तहत:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>यदि अमेरिकी राष्ट्रपति संसद की पूर्व अनुमति के बिना कहीं भी सेना भेजता है, तो युद्ध शुरू होने के <strong>90 दिनों के भीतर</strong> उसे संसद से आधिकारिक मंजूरी लेना अनिवार्य होता है।</li>



<li>चूंकि ईरान के साथ इस युद्ध को शुरू हुए 90 दिन से अधिक (लगभग 100 दिन) का समय बीत चुका है, इसलिए संसद ने अपनी संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इस पर रोक लगा दी है।</li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>युद्ध की भारी कीमत और जनता का बढ़ता असंतोष</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी संसद और जनता में इस संघर्ष को लेकर बढ़ते असंतोष की सबसे बड़ी वजह इस युद्ध का लंबा खिंचना और इस पर होने वाला बेहिसाब खर्च है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस युद्ध में अब तक अमेरिका के <strong>29 अरब डॉलर (यानी करीब 2.4 लाख करोड़ रूपए)</strong> से अधिक स्वाहा हो चुके हैं। इस भारी आर्थिक नुकसान के साथ-साथ कई अमेरिकी सैनिकों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी है, जिसने अमेरिकी नागरिकों और सांसदों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। अब इस प्रस्ताव के पास होने के बाद ट्रंप प्रशासन पर युद्ध को तुरंत रोकने का भारी दबाव बन गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अक्सर पूछे जाने वाले सवाल, FAQ&#8217;s</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>1. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने कौन सा प्रस्ताव पारित किया है?<br></strong>अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने &#8216;वॉर पावर्स रेजोल्यूशन&#8217; पारित किया है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने से रोकना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>2. यह प्रस्ताव कितने मतों से पारित हुआ?<br></strong>यह प्रस्ताव 215-208 के करीबी अंतर से पारित हुआ। चार रिपब्लिकन सांसदों ने अपनी पार्टी की लाइन से हटकर डेमोक्रेट्स का समर्थन किया, जिससे प्रस्ताव को बहुमत मिला।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>3. वॉर पावर्स रेजोल्यूशन 1973 क्या है?<br></strong>यह अमेरिकी कानून राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों पर नियंत्रण रखता है। इसके तहत यदि राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की अनुमति के सेना भेजते हैं, तो 90 दिनों के भीतर उन्हें कांग्रेस से औपचारिक मंजूरी प्राप्त करनी होती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>4. ट्रंप को अपनी ही पार्टी के विरोध का सामना क्यों करना पड़ा?<br></strong>ईरान संघर्ष के लंबे समय तक चलने, युद्ध पर भारी खर्च और अमेरिकी सैनिकों की मौतों के कारण कई रिपब्लिकन सांसदों में असंतोष बढ़ गया। इसी वजह से कुछ सांसदों ने ट्रंप के खिलाफ जाकर प्रस्ताव का समर्थन किया।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>5. इस युद्ध की लागत और प्रभाव कितना रहा है?<br></strong>पेंटागन के अनुसार, ईरान संघर्ष में अब तक अमेरिका 29 अरब डॉलर से अधिक खर्च कर चुका है। इसके अलावा कई अमेरिकी सैनिकों की जान भी गई है, जिससे जनता और सांसदों के बीच युद्ध को लेकर विरोध और दबाव बढ़ा है।</p>



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<div class="youtube-embed" data-video_id=""><iframe title="अमेरिका में बड़ा प्रस्ताव पारित, Gold-Silver पर असर? | आज का सोने-चांदी का भाव | Gold Price Today" width="696" height="392" src="https://www.youtube.com/embed/ALgPYoRz2Us?feature=oembed&#038;enablejsapi=1" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></div>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>डिस्क्लेमर: ये न्यूज सिर्फ जानकारी के लिए बनाई गई है, निवेश या ट्रेडिंग की सलाह नहीं है। स्टोरी में दी गई राय एक्सपर्ट और ब्रोकरेज हाउस की है। गोल्ड प्राइस टुडे से जुड़े लोग निजी तौर पर सोने, चांदी की ट्रेडिंग नहीं करते हैं। हमारी सोने, चांदी में कोई पोजीशन नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें। सोने चांदी में निवेश जोखिम का काम है अपने विवेक का इस्तेमाल करें। आपको होने वाले किसी भी नुकसान की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है।</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>US, Israel attack Iran: अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर किया संयुक्त हमला, ईरान के सुप्रीम लीडर Khamenei की मौत</title>
		<link>https://goldpricetoday.co.in/us-israel-attack-iran-major-military-strike-on-iran-middle-east-tensions-escalate/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Abhishek Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Mar 2026 02:41:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Gold Price]]></category>
		<category><![CDATA[US Iran]]></category>
		<category><![CDATA[USA attack Iran]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
		<category><![CDATA[ईरान]]></category>
		<category><![CDATA[डोनाल्ड ट्रम्प]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया, जिसमें तेहरान समेत कई शहरों को निशाना बनाया गया। ईरान ने पलटवार करते हुए इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया। स्कूल पर हमले में 85 मौतों की खबर है। तनाव बढ़ने से सोना-चांदी की कीमतों में उछाल आया है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>US, Israel attack on Iran:</strong> अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बाद, शनिवार को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला कर दिया है। जिसमें तेहरान समेत कई शहरों पर मिसाइलों और हवाई हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। संयुक्त हमले का नाम “ओपरेशन एपिक फ्यूरी/लायन’स रोअर” बताया जा रहा है और अमेरिका ने इसका उद्देश्य ईरान के “खतरे” को खत्म करना बताया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन करार देते हुए तेजी से मिसाइल हमला किया और क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। हमलों के कारण कई जगह धमाके, भय और भागती जनता के दृश्य सामने आए हैं, जबकि भारत सहित अनेक देशों ने संयुक्त राष्ट्र में धैर्य और कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने की पुष्टि (President Donald Trump Confirmed)</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमलों में अमेरिका की भूमिका की पुष्टि करते हुए कहा है कि अमेरिका ने “ईरान में बड़े सैन्य अभियान” (मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस) शुरू कर दिए हैं। वहीं, इज़राइल ने कहा कि उसने शनिवार को तेहरान में कई धमाकों की आवाज़ सुनाई देने के बाद ईरान के खिलाफ “पूर्व-खतरनाक हमला” (प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक) किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इज़राइली हमले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई के कार्यालयों के पास भी हुए। इज़राइली अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान को ‘रोर ऑफ द लायन’ नाम दिया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>हमलों में ईरान के सुप्रीम नेता Khamenei की मौत</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">ईरान के मीडिया ने पुष्टि की है कि <strong>अमेरिका और इज़राइल</strong> के विशाल हमले में <strong>ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की मौत हो गई है</strong>, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और चरम पर पहुंच गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी राष्ट्रपति <strong>डोनाल्ड ट्रंप</strong> ने भी कहा कि खामनेई इस हमले में मारे गए हैं और यह अभियान कड़ी बमबारी के साथ सप्ताह भर जारी रहेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>वार्ता विफल होने के बाद हमला (Attack after no Results in Talks)</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">यह हमला उस बयान के कुछ ही घंटों बाद हुआ है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति <strong>डोनाल्ड ट्रंप</strong> ने कहा था कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच गुरुवार को हुई बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई है और अब अमेरिका को “एक बड़ा फैसला लेना” है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप ने कहा, “हमें एक बड़ा निर्णय लेना है। आप यह जानते हैं। यह आसान नहीं है। हमें बहुत बड़ा फैसला करना है। यह एक ऐसा देश है जो 47 वर्षों से लोगों के पैर, हाथ और चेहरे उड़ा रहा है। वे जहाज़ों को निशाना बना रहे हैं, लोगों को मार रहे हैं — सिर्फ अमेरिकियों को ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोगों को भी।”<br><br><strong>हमले में स्कूल भी बना निशाना</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">बता दें की अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए इस संयुक्त हमलों में एक हमला दक्षिणी प्रांत होरमोज़गान के मीनाब में एक प्राथमिक बालिका विद्यालय पर भी हुआ। जिसमें कुल 85 लोगों के मरने की खबर सामने आई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सोने-चांदी की कीमतों पर प्रभाव</strong> <strong>(Impact on Gold Silver Prices)</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर आज हुए हमलों के बाद भू-राजनीतिक तनाव में तेज़ वृद्धि देखने को मिली है, जिससे वित्तीय बाजारों पर भी इसका सीधा असर पड़ने का अनुमान है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संकट के समय निवेशक सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी की ओर अधिक रुख करते हैं, जिससे इनकी मांग और कीमतों में उछाल देखा जा रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अमेरिका और ईरान के बीच तनाव</strong> <strong>का कारण (Reason of US, Iran Tension)</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिका और ईरान के बीच तनाव हाल के महीनों में <strong>चरम सीमा पर पहुँच गया था</strong>, जिसका मुख्य कारण ईरान के <strong>परमाणु कार्यक्रम</strong>, <strong>मिसाइल क्षमता</strong>, और क्षेत्रीय शत्रुता रहा है। अमेरिका और पश्चिमी देश आरोप लगाते रहे हैं कि ईरान गुप्त तरीके से अपने <strong>परमाणु कार्यक्रम को हथियार बनाने के क़रीब ला रहा है</strong>, जबकि ईरान इसे शांतिपूर्ण बताते रहा है। 2025-26 में दोनों देशों के बीच <strong>परमाणु वार्ता असफल रही</strong>, और अमेरिका ने ईरान से <strong>कठोर प्रतिबंध और परमाणु गतिविधि रोकने की मांग</strong> की, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके अलावा <strong>ईरान में विरोध प्रदर्शन और सख्त दमन</strong> तथा अमेरिका द्वारा मध्य पूर्व में सैनिक तैनाती और बुनियादी ढांचे पर दबाव की रणनीति ने भी दोनों देशों के बीच दुर्लभ राजनीतिक रिश्तों को और बिगाड़ दिया। एक ओर अमेरिका ने ईरान को “खतरे” के रूप में देखा और <strong>पूर्व-खतरनाक कार्रवाई के विकल्प</strong> पर जोर दिया, वहीं ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला कहा और जवाबी मिसाइल हमले की चेतावनी दी थी, जिससे यह तनाव आज के हमलों तक पहुंचा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>US, Israel attack Iran से जुड़े कुछ जरुरी सवाल-जवाब, FAQ&#8217;s</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>1. अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला क्यों किया?</strong><br>हमले का मुख्य कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल क्षमता और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चला आ रहा तनाव बताया जा रहा है। हालिया परमाणु वार्ता भी बिना नतीजे के खत्म हुई थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>2. किन शहरों को निशाना बनाया गया?</strong><br>तेहरान के अलावा इस्फहान, तब्रिज, क़ोम और केरमनशाह समेत कई शहरों में सैन्य और सरकारी प्रतिष्ठानों पर मिसाइल तथा हवाई हमले हुए।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>3. क्या ईरान ने पलटवार किया?</strong><br>हाँ, ईरान ने हमले को अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए मिसाइल दागीं और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>4. स्कूल पर हमले की क्या जानकारी है?</strong><br>होरमोज़गान प्रांत के मीनाब में एक प्राथमिक बालिका विद्यालय पर हमले में 85 लोगों की मौत की खबर है, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>5. इस संघर्ष का आर्थिक प्रभाव क्या पड़ा?</strong><br>भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर मुड़े हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में तेज़ उछाल देखा जा रहा है।</p>



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			</item>
		<item>
		<title>US, Iran Tension, Trump Speech Big Takeaway: ट्रम्प के भाषण की बड़ी बातें, ईरान को लेकर कही ये बड़ी बात</title>
		<link>https://goldpricetoday.co.in/us-iran-tensiontrump-warns-iran-against-nuclear-ambitions-gold-prices-in-focus/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Abhishek Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 11:32:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Gold Price]]></category>
		<category><![CDATA[US-Iran Tension:]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
		<category><![CDATA[ईरान]]></category>
		<category><![CDATA[जिनेवा वार्ता]]></category>
		<category><![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप]]></category>
		<category><![CDATA[परमाणु वार्ता]]></category>
		<category><![CDATA[सोना]]></category>
		<category><![CDATA[सोने का भाव]]></category>
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					<description><![CDATA[Donald Trump ने ईरान को परमाणु संपन्न राष्ट्र नहीं बनने देने की चेतावनी दी है, जबकि 26 फरवरी को जिनेवा में वार्ता तय है। United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव के बीच युद्ध की आशंका बनी हुई है, जिसका असर वैश्विक बाजार और सोने की कीमतों पर पड़ सकता है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>US-Iran Tension:</strong> इस साल के शुरुआत से ही ईरान में हो रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों और उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज अपने भाषण में ईरान के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि वह किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु संपन्न राष्ट्र नहीं बनने देंगे। हालांकि, राष्ट्रपति ने कूटनीतिक समाधान <strong>(Diplomacy)</strong> के दरवाजे खुले रखने की बात कही, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर मौजूदा गतिरोध बरकरार है। ट्रंप ने अपने भाषण के दौरान ईरान की तीखी आलोचना की और उसे &#8220;दुनिया में आतंकवाद का नंबर 1 प्रायोजक&#8221; करार दिया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने &#8216;सेव अमेरिका एक्ट&#8217; <strong>(SAVE America Act)</strong> का भी आह्वान किया, जिसके तहत संघीय चुनावों <strong>(Federal Elections)</strong> में मतदाता पंजीकरण के लिए जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट की आवश्यकता होगी और मतदान केंद्रों पर फोटो पहचान पत्र <strong>(Photo ID)</strong> अनिवार्य होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>परमाणु वार्ता के बीच युद्ध की आशंकाएं बरकरार (Fears of War Amid Nuclear Talks)</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप का यह भाषण ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, दोनों देश 26 फरवरी को जिनेवा में परमाणु समझौते पर बातचीत करने वाले हैं। इस वार्ता में ट्रंप द्वारा दुनिया भर में, विशेष रूप से ईरान और वेनेजुएला में, त्वरित सैन्य कार्रवाई करने की अपनी क्षमता का उल्लेख करने की संभावना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप का यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के दो एयरक्राफ्ट कैरियर मध्य पूर्व <strong>(Middle East) </strong>में तैनात किए गए हैं। मंगलवार को ट्रंप ने कहा कि ईरान &#8220;बेसब्री से समझौता करना चाहता है।&#8221;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>Fox News</strong> के अनुसार ट्रम्प ने कहा की गुरुवार को ईरान बेसब्री से समझौता करना चाहता है। लेकिन ईरान सिर्फ इतना नहीं कह पा रहा है कि ‘हम परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>डील नहीं तो बहुत बुरा दिन होगा</strong> <strong>(It Will be a Very Bad Day)</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">इस सप्ताह की शुरुआत में ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान के साथ समझौता करना पसंद करेंगे, लेकिन यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो ईरान के लिए “बहुत बुरा दिन” होगा, ऐसी चेतावनी भी दी थी। इसी बात को दोहराते हुए अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी कहा कि ईरान के लिए समझौता करना “समझदारी भरा कदम” होगा और यही परिणाम राष्ट्रपति ट्रंप चाहते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सोने की कीमतों पर संभावित प्रभाव</strong> <strong>(Impact On Gold Prices)</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिका–ईरान तनाव, युद्ध की आशंकाओं और परमाणु गतिरोध की स्थिति आमतौर पर वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाती है। ऐसे परिदृश्य में सोना सुरक्षित निवेश <strong>(Safe Haven)</strong> के रूप में उभरता है, जिससे कीमतों पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ सकते हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ेगी: भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने में शिफ्ट करते हैं। इससे सोने की कीमतों को मजबूती मिल सकती है।</strong></li>



<li><strong>कच्चे तेल की कीमतों का असर: मध्य पूर्व (Middle East) में सैन्य तनाव से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। तेल महंगा होने से महंगाई (Inflation) का दबाव बढ़ेगा, जो सोने को हेज (Hedge) के रूप में समर्थन दे सकता है।</strong></li>



<li><strong>समझौता होने पर दबाव: यदि जिनेवा वार्ता में सकारात्मक प्रगति होती है और तनाव कम होता है, तो सुरक्षित निवेश की मांग घट सकती है, जिससे सोने की कीमतों में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।</strong></li>



<li><strong>केंद्रीय बैंकों की रणनीति: भू-राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में कई देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाते हैं। इससे दीर्घकाल में कीमतों को संरचनात्मक समर्थन मिल सकता है।</strong></li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>US-Iran Tension से जुड़े कुछ जरुरी सवाल-जवाब,FAQ&#8217;s</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>1. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव क्यों बढ़ा है?</strong><br>ईरान के परमाणु कार्यक्रम, सरकार विरोधी प्रदर्शनों और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। दोनों देशों के बीच अविश्वास और कड़े बयानों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>2. ट्रंप ने अपने भाषण में क्या कहा?</strong><br>डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि वह किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देंगे। हालांकि उन्होंने कूटनीतिक समाधान के लिए दरवाजे खुले रखने की भी बात कही, लेकिन सख्त चेतावनी भी दी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>3. जिनेवा वार्ता का क्या महत्व है?</strong><br>26 फरवरी को जिनेवा में होने वाली परमाणु वार्ता को दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के अहम अवसर के रूप में देखा जा रहा है। यदि सकारात्मक परिणाम निकलता है तो युद्ध की आशंकाएं कम हो सकती हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>4. मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य तैनाती का क्या संकेत है?</strong><br>अमेरिका ने मध्य पूर्व में दो एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात किए हैं, जो यह दर्शाता है कि वाशिंगटन संभावित सैन्य विकल्पों के लिए भी तैयार है। इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>5. अमेरिका-ईरान तनाव का सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है?</strong><br>भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं। यदि तनाव बढ़ता है तो सोने की कीमतों में तेजी आ सकती है, जबकि समझौता होने पर मुनाफावसूली देखी जा सकती है।</p>



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