Friday, June 5, 2026
Google search engine
HomeGold PriceIndia Gold Import Duty: सरकार ने ड्यूटी-फ्री गोल्ड इंपोर्ट पर लगाई 100...

India Gold Import Duty: सरकार ने ड्यूटी-फ्री गोल्ड इंपोर्ट पर लगाई 100 किलो की सीमा, ज्वेलरी एक्सपोर्टर्स के लिए नियम हुए सख्त

India Gold Import Duty: भारत सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को सुरक्षित रखने और बढ़ते आयात दबाव को नियंत्रित करने के लिए सोने के आयात नियमों को लेकर रणनीतिक कदम उठाए हैं। सरकार ने अब ज्वेलरी एक्सपोर्टर्स के लिए ड्यूटी-फ्री गोल्ड इंपोर्ट पर प्रति लाइसेंस 100 किलोग्राम की सीमा तय कर दी है।

यह नया फैसला गुरुवार को जारी किया गया, जिसके तहत एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम (Advance Authorisation Scheme) में संशोधन किया गया है। पहले इस योजना के तहत ज्वेलरी निर्माता एक्सपोर्ट के उद्देश्य से बिना इंपोर्ट ड्यूटी दिए सोना मंगा सकते थे, लेकिन अब सरकार ने इस प्रक्रिया को अधिक नियंत्रित और सख्त बना दिया है।

गोल्ड इंपोर्ट नियमों में क्या हुआ बदलाव?

सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों के तहत अब गोल्ड इंपोर्ट लाइसेंस प्राप्त करना आसान नहीं रहेगा। पहले जहां निर्यातकों को लगातार नए लाइसेंस मिल जाते थे, वहीं अब नए लाइसेंस का अनुमोदन पुराने निर्यात प्रदर्शन से जुड़ा होगा।

नए नियमों के अनुसार:

  • किसी भी एक्सपोर्टर को नया इंपोर्ट लाइसेंस तभी मिलेगा जब वह अपने पुराने एक्सपोर्ट ऑब्लिगेशन (Export Obligation) का कम से कम 50% पूरा कर चुका हो।
  • प्रति लाइसेंस अधिकतम 100 किलो सोने का ही ड्यूटी-फ्री आयात किया जा सकेगा।
  • पहली बार आवेदन करने वाले एक्सपोर्टर्स के लिए फिजिकल फैक्ट्री निरीक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।

नए ज्वेलरी एक्सपोर्टर्स के लिए बढ़ी मुश्किलें

सरकार ने पहली बार लाइसेंस लेने वाले कारोबारियों के लिए नियम और अधिक कड़े कर दिए हैं। अब क्षेत्रीय अधिकारी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का ऑन-साइट निरीक्षण करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवेदक के पास वास्तविक उत्पादन क्षमता और संचालन व्यवस्था मौजूद है।

इसके अलावा:

  • हर 15 दिन में लाइसेंस धारकों को विस्तृत रिपोर्ट जमा करनी होगी।
  • यह रिपोर्ट स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) द्वारा प्रमाणित होना अनिवार्य होगा।
  • रिपोर्ट में आयात और निर्यात किए गए हर ग्राम सोने का पूरा विवरण देना होगा।

सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?

सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और भारत का आयात बिल लगातार दबाव में है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है, जिससे भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा बाहर जाती है।

इसी आर्थिक दबाव को कम करने के लिए सरकार ने हाल ही में सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी थी। अब नए अनुपालन नियमों (Compliance Rules) के जरिए सरकार गैर-जरूरी आयात पर नियंत्रण चाहती है।

ज्वेलरी उद्योग पर क्या पड़ेगा असर?

सरकार जहां आर्थिक स्थिरता और विदेशी मुद्रा बचाने पर जोर दे रही है, वहीं ज्वेलरी उद्योग ने इन नए नियमों को लेकर चिंता जताई है। मुंबई के एक निर्यातक के अनुसार, अत्यधिक अनुपालन और कागजी प्रक्रियाएं ज्वेलरी एक्सपोर्ट बिजनेस की गति को धीमा कर सकती हैं।

हालांकि, इसके बावजूद भारत का जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर पिछले वित्त वर्ष में मजबूत प्रदर्शन करने में सफल रहा। जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का गोल्ड ज्वेलरी एक्सपोर्ट 11.36 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था।

मुख्य बातें

  • ड्यूटी-फ्री गोल्ड इंपोर्ट पर प्रति लाइसेंस 100 किलो की सीमा लागू
  • नया लाइसेंस पाने के लिए 50% पुराने निर्यात लक्ष्य पूरे करना जरूरी
  • नए आवेदकों के लिए फैक्ट्री का फिजिकल निरीक्षण अनिवार्य
  • हर 15 दिन में CA प्रमाणित रिपोर्ट जमा करनी होगी
  • सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15% की गई
  • सरकार का उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना

India Gold Import Duty से जुड़े कुछ सवाल-जवाब, FAQ’s

1. सरकार ने ड्यूटी-फ्री गोल्ड इंपोर्ट पर 100 किलो की सीमा क्यों लगाई है?
सरकार ने यह कदम मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए उठाया है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है और भारी मात्रा में सोने का आयात देश की विदेशी मुद्रा पर असर डालता है। सरकार का मानना है कि आयात पर सीमा लगाने और नियमों को सख्त करने से गैर-जरूरी आयात कम होगा और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

2. एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम में क्या बदलाव किए गए हैं?
पहले ज्वेलरी एक्सपोर्टर्स को एक्सपोर्ट के उद्देश्य से बिना ड्यूटी दिए सोना आयात करने की सुविधा मिलती थी और नए लाइसेंस अपेक्षाकृत आसानी से जारी हो जाते थे। लेकिन अब सरकार ने इस स्कीम में कई बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत प्रति लाइसेंस केवल 100 किलो सोना ही आयात किया जा सकेगा और नया लाइसेंस तभी मिलेगा जब निर्यातक अपने पुराने एक्सपोर्ट दायित्व का कम से कम 50% पूरा कर चुका होगा।

3. नए ज्वेलरी एक्सपोर्टर्स के लिए कौन-कौन से नियम सख्त किए गए हैं?
पहली बार लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले कारोबारियों को अब अधिक सख्त जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। क्षेत्रीय अधिकारी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का फिजिकल निरीक्षण करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवेदक के पास वास्तविक उत्पादन क्षमता मौजूद है। इसके अलावा, हर 15 दिन में CA प्रमाणित रिपोर्ट जमा करना भी अनिवार्य किया गया है, जिसमें आयात और निर्यात किए गए सोने का पूरा रिकॉर्ड देना होगा।

4. सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का क्या असर पड़ सकता है?
सरकार ने हाल ही में सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। इससे आयातित बुलियन की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर देखने को मिल सकता है। साथ ही, ज्वेलरी उद्योग के लिए कच्चे माल की लागत बढ़ने से एक्सपोर्ट कारोबार पर भी दबाव बन सकता है।

5. क्या नए नियमों से भारत के ज्वेलरी एक्सपोर्ट सेक्टर पर असर पड़ेगा?
उद्योग से जुड़े कई विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक अनुपालन (Compliance) और कागजी प्रक्रियाओं के कारण ज्वेलरी एक्सपोर्ट बिजनेस की गति धीमी हो सकती है। हालांकि भारत का जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर अभी भी मजबूत स्थिति में है। GJEPC के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का गोल्ड ज्वेलरी एक्सपोर्ट 11.36 बिलियन डॉलर तक पहुंचा था, लेकिन नए नियमों के बाद उद्योग को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

1.यूट्यूब चैनल – Gold Price Today News (188K सब्सक्राइबर्स)

2.फेसबुक पेज – Gold Silver Price Today (118K फॉलोअर्स)

3. इंस्टाग्राम – Gold Price Today News (50K फॉलोअर्स)

4.X (ट्विटर) – @today_gold

5.टेलीग्रामग्रुप – Gold Silver Price

डिस्क्लेमर: ये न्यूज सिर्फ जानकारी के लिए बनाई गई है, निवेश या ट्रेडिंग की सलाह नहीं है। स्टोरी में दी गई राय एक्सपर्ट और ब्रोकरेज हाउस की है। गोल्ड प्राइस टुडे से जुड़े लोग निजी तौर पर सोने, चांदी की ट्रेडिंग नहीं करते हैं। हमारी सोने, चांदी में कोई पोजीशन नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें। सोने चांदी में निवेश जोखिम का काम है अपने विवेक का इस्तेमाल करें। आपको होने वाले किसी भी नुकसान की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular