Gold Silver Price Today, Gold Price today in Big Cities, 18 Carrat Gold Price Today, आज सोने का भाव, आज चांदी का भाव: कीमती धातुओं के आयात पर नियंत्रण कड़ा करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने सिल्वर बार्स के “फ्री” इम्पोर्ट स्टेटस को आधिकारिक रूप से खत्म कर दिया है। DGFT ने सिल्वर की कुछ प्रमुख कैटेगरी को तुरंत प्रभाव से “रिस्ट्रिक्टेड” श्रेणी में डाल दिया है। अब घरेलू कारोबारियों को सिल्वर आयात करने के लिए नए लाइसेंस और सरकारी अनुमति की जरूरत होगी। इस आदेश के बाद आज 18 मई, सोमवार को कीमती धातुओं की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। सुबह 09:00 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1,57,820 रूपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा, जिसमें 727 रूपए यानी (0.46%) की गिरावट देखी गई। वहीँ चांदी MCX में भी गिरावट देखी गई, जो 2,67,786 रूपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है, जो 4,111 रूपए यानी (1.51%) की गिरावट को दर्शाता है।
आज वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। सुबह 09:00 बजे (IST) COMEX पर गोल्ड 30.10 डॉलर यानी करीब 0.66% की गिरावट के साथ 4530.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, वहीं चांदी में भी गिरावट दिखी और यह 2.807 डॉलर (3.63%) गिरकर 74.94 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
मनोज कुमार जैन की सोने, चांदी पर राय
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका से अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने का डर बढ़ गया है। इसी वजह से सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। बाजार का ट्रेंड फिलहाल काफी उतार-चढ़ाव वाला बना हुआ है।
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी कमजोरी के साथ बंद हुए। गोल्ड जून फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 2.63% गिरकर 4,561.90 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर बंद हुआ। वहीं सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 9.12% टूटकर 77.547 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर बंद हुआ।
घरेलू बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं में भारी गिरावट दर्ज की गई। गोल्ड जून फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 2.12% की कमजोरी के साथ 1,58,547 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 6.60% गिरकर 2,71,886 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।
शुक्रवार को डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़त के कारण सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है, जिससे अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड एक साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई।
डॉलर इंडेक्स भी 99 के ऊपर निकलकर 5 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जिससे सोना और चांदी पर दबाव बढ़ा। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा सोने और चांदी के आयात पर लगाए गए प्रतिबंधों का भी कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ा।
फिलहाल दोनों कीमती धातुओं में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच किसी बड़े शांति समझौते की स्थिति में ही सोने और चांदी को सपोर्ट मिल सकता है।
इस सप्ताह चांदी के लिए 64.00 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस और सोने के लिए 4,343.00 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता के कारण इस सप्ताह भी सोने और चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
मनोज कुमार जैन की सोने, चांदी पर राय (Manoj Kumar Jain Gold Silver Outlook)
गोल्ड (कॉमेक्स) Gold COMEX
सपोर्ट: 4,515 डॉलर – 4,470 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस
रेजिस्टेंस: 4,600 डॉलर – 4,640 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस
सिल्वर (कॉमेक्स) Silver COMEX
सपोर्ट: 75.50 डॉलर – 72.00 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस
रेजिस्टेंस: 80.00 डॉलर – 82.80 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस
MCX पर आज के प्रमुख स्तर
MCX गोल्ड (MCX Gold)
सपोर्ट: 1,57,000 रुपए – 1,55,500 रुपए
रेजिस्टेंस: 1,59,400 रुपए – 1,60,650 रुपए
MCX सिल्वर (MCX Silver)
सपोर्ट: 2,66,600 रुपए – 2,61,200 रुपए
रेजिस्टेंस: 2,77,700 रुपए – 2,83,000 रुपए
सोने-चांदी का भाव, FAQ’s
1. डॉलर इंडेक्स बढ़ने से सोने और चांदी की कीमतों पर क्या असर पड़ता है?
जब डॉलर इंडेक्स मजबूत होता है, तो सोना और चांदी जैसे कीमती धातु निवेशकों के लिए महंगे हो जाते हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी मांग कमजोर पड़ती है और कीमतों पर दबाव बढ़ता है। हाल ही में डॉलर इंडेक्स 99 के ऊपर पहुंचने से गोल्ड और सिल्वर में तेज गिरावट देखी गई।
2. पश्चिम एशिया तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का बुलियन बाजार से क्या संबंध है?
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, जिससे वैश्विक महंगाई की चिंता बढ़ जाती है। इसके बाद निवेशकों को लगता है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा सकता है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने और चांदी जैसी धातुओं के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं।
3. क्या मौजूदा गिरावट के बाद सोने में निवेश करना सही समय हो सकता है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार गिरावट के दौरान चरणबद्ध तरीके से निवेश करना एक बेहतर रणनीति हो सकती है। हालांकि निवेशकों को बाजार की अस्थिरता, वैश्विक आर्थिक संकेतों और डॉलर की चाल पर नजर बनाए रखनी चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अभी भी सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है।
4. भारत सरकार के आयात प्रतिबंधों का सर्राफा बाजार पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
सरकार द्वारा सोने और चांदी के आयात पर सख्ती बढ़ाने से घरेलू बाजार में सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इससे भविष्य में लोकल प्रीमियम बढ़ने और फिजिकल मार्केट में कीमतों में अंतर देखने को मिल सकता है। इसका असर ज्वेलरी उद्योग और ट्रेडर्स दोनों पर पड़ सकता है।
5. इस सप्ताह किन वैश्विक घटनाओं पर बुलियन बाजार की नजर रहेगी?
इस सप्ताह निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान शांति वार्ता, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स की चाल पर रहेगी। इसके अलावा फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेत भी सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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डिस्क्लेमर: ये न्यूज सिर्फ जानकारी के लिए बनाई गई है, निवेश या ट्रेडिंग की सलाह नहीं है। स्टोरी में दी गई राय एक्सपर्ट और ब्रोकरेज हाउस की है। गोल्ड प्राइस टुडे से जुड़े लोग निजी तौर पर सोने, चांदी की ट्रेडिंग नहीं करते हैं। हमारी सोने, चांदी में कोई पोजीशन नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें। सोने चांदी में निवेश जोखिम का काम है अपने विवेक का इस्तेमाल करें। आपको होने वाले किसी भी नुकसान की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है।



