Gold Silver Price Today, Gold Price today in Big Cities, 18 Carrat Gold Price Today, आज सोने का भाव, आज चांदी का भाव: आज 20 फरवरी, शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज दोपहर 12:06 पर सोना और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर सोना 1,55,985 रूपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जिसमें 1,166 रूपए (0.75%) की मजबूती देखी गई। वहीं Silver MCX भी मजबूत रुख के साथ 2,45,703 रूपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता नजर आया, जिसमें 4,310 रूपए (1.79%) की तेज उछाल दर्ज हुई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोना और चांदी में मजबूत तेजी का रुख देखने को मिला। गोल्ड COMEX का भाव आज दोपहर 12:06 (IST) पर बढ़कर 5,042.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जिसमें 44.70 डॉलर (0.89%) की उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। वहीं Silver Comex भी मजबूती के साथ 78.745 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता नजर आया, जिसमें 1.111 डॉलर (1.43%) की तेज उछाल रही। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश की मांग और डॉलर में उतार-चढ़ाव के बीच कीमती धातुओं में खरीदारी बढ़ने से यह तेजी देखने को मिल रही है।
ईरान पर अमेरिका के हमले की तैयारी (America Strike on Iran)
खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह “अगले 10 दिनों के भीतर” यह तय करेंगे कि ईरान के खिलाफ सैन्य हमला किया जाए या नहीं।
व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है और अगले 10 दिनों की समय सीमा काफी महत्वपूर्ण होने वाली है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और हालिया कूटनीतिक विफलताओं को लेकर अमेरिका सख्त रुख अपनाए हुए है।
10 से 15 दिन में फैसला संभव (Decision in 10-15 days)
ट्रंप ने कहा, “अगले 10 दिनों के भीतर आपको इसके बारे में पता चल जाएगा।” जब बाद में ‘एयर फोर्स वन’ पर सवार पत्रकारों ने उनसे विस्तार से जानकारी मांगी, तो उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इतना समय पर्याप्त होगा — 10 से 15 दिन, लगभग अधिकतम समय।”
उन्होंने आगे कोई विशिष्ट विवरण देने से इनकार कर दिया, लेकिन अपनी चेतावनी दोहराते हुए कहा कि “बहुत बुरा परिणाम” हो सकता है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंततः ईरान को किसी न किसी तरह समझौता करना ही पड़ेगा।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका की भारी सैन्य घेराबंदी (America’s Military Blockade in Middle East)
अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को अत्यधिक मजबूत कर दिया है। इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी तैनाती के रूप में देखा जा रहा है:
- USS Abraham Lincoln: यह एयरक्राफ्ट कैरियर (Aircraft Carrier) पहले से ही क्षेत्र में तैनात है।
- USS Gerald Ford: अमेरिका का दूसरा सबसे शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर भी अब मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहा है।
बढ़ते संघर्ष की आशंका (Fear of Conflict)
विशेषज्ञों का मानना है कि दो बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर की एक साथ तैनाती किसी बड़े सैन्य ऑपरेशन की तैयारी का संकेत है। यदि राजनयिक स्तर पर वार्ता सफल नहीं होती है, तो यह तनाव एक ‘फुल-स्केल कॉन्फ्लिक्ट’ का रूप ले सकता है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध का खतरा (Risk of War Increased In Middle East)
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए संभावित सैन्य हमले की चेतावनी दी है। इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति में हड़कंप मच गया है और खाड़ी देशों में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।
तनाव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका ने मिडिल ईस्ट (खाड़ी क्षेत्र) में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर दी है। अमेरिका ने इलाके में अतिरिक्त युद्धपोत (Warships) और आधुनिक फाइटर जेट्स की तैनाती की है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह तैनाती किसी भी वक्त ‘फुल-स्केल’ ऑपरेशन शुरू करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।
Diego Garcia विवाद
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन और अमेरिका के रिश्तों में ‘डिएगो गार्सिया’ (Diego Garcia) सैन्य बेस को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। ब्रिटेन सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए अमेरिका को इस बेस से ईरान पर हमला करने की अनुमति देने से मना कर दिया है।
यूके सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसने अमेरिका को ईरान पर किसी भी संभावित हमले के लिए डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे का उपयोग करने के लिए अधिकृत नहीं किया है। ब्रिटिश अधिकारियों ने चिंता जताई है कि इस बेस का उपयोग करके किया गया हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन के दायरे में आ सकता है, जिससे ब्रिटेन की वैश्विक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डिएगो गार्सिया को ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए “अत्यंत महत्वपूर्ण” बताया है। इसके साथ ही, ट्रंप ने ब्रिटेन द्वारा चागोस द्वीप समूह (Chagos Islands) की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने के समझौते का कड़ा विरोध किया है। ट्रंप का मानना है कि इस ट्रांसफर से इस रणनीतिक सैन्य अड्डे की सुरक्षा और स्वायत्तता खतरे में पड़ सकती है।
सैन्य शक्ति का प्रदर्शन (Military Power)
खाड़ी क्षेत्र में तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। एक तरफ जहां अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत को कई गुना बढ़ा दिया है, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने रूस के साथ मिलकर अपनी समुद्री शक्ति का प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
बढ़ते खतरों को देखते हुए अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी हवाई और नौसैनिक उपस्थिति को काफी मजबूत कर लिया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने अतिरिक्त लड़ाकू विमानों और वॉरशिप्स को रणनीतिक ठिकानों पर तैनात किया है, ताकि ईरान की किसी भी संभावित गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास किया है। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस जलमार्ग से दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है। ईरान की इस सैन्य गतिविधि को वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करने की एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
ईरान और रूस का साझा नौसैनिक युद्धाभ्यास
तनाव के बीच ईरान ने ओमान की खाड़ी (Sea of Oman) में रूस के साथ मिलकर संयुक्त नौसैनिक अभ्यास की घोषणा की है। रूस और ईरान के बीच बढ़ती यह सैन्य भागीदारी वाशिंगटन के लिए चिंता का बड़ा विषय बन गई है। यह अभ्यास ओमान की खाड़ी के रणनीतिक पानी में दोनों देशों की आपसी तालमेल और सैन्य क्षमता को परखने के लिए किया जा रहा है।
क्षेत्र में क्यों बढ़ा तनाव?
- सैन्य घेराबंदी (Military Siege): अमेरिका द्वारा खाड़ी देशों में सैन्य उपकरणों की निरंतर बढ़ती संख्या।
- रणनीतिक जलमार्ग (Strategic Waterways): हॉर्मुज और ओमान की खाड़ी पर नियंत्रण को लेकर खींचतान।
- वैश्विक गठबंधन (Global Alliance): रूस और ईरान का करीब आना अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती।
स्वेडिश निवेश कम्पनी AuAg का अनुमान
स्वीडिश निवेश कंपनी AuAg Funds ने वर्ष 2026 के लिए अपना नवीनतम मार्केट आउटलुक जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में कीमती धातुओं की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिल सकता है।
2026 के लिए मुख्य अनुमान (Key Outlook)
- सोना (Gold): विश्लेषकों का मानना है कि इस साल सोना अपनी मजबूती बरकरार रखते हुए $6,000 प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर जाएगा।
- चांदी (Silver): चांदी में सोने से भी बड़ी तेजी की उम्मीद है। इसके $133 प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
- गोल्ड/सिल्वर रेश्यो: चांदी की कीमतों में तीव्र उछाल के कारण ‘गोल्ड-सिल्वर रेश्यो’ गिरकर 45 के स्तर पर आ सकता है।
हालिया बाजार की स्थिति और रिकवरी (Current Market Status)
यह साहसी अनुमान ऐसे समय में आया है जब बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है:
- रिकॉर्ड ऊंचाई: पिछले महीने सोना $5,600 के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू चुका है।
- अचानक गिरावट: उच्च स्तर को छूने के बाद कीमतों में अचानक 20% का करेक्शन देखा गया।
- सपोर्ट और स्थिरता: $4,400 के निचले स्तर पर मजबूत सपोर्ट लेने के बाद, अब सोना $5,000 के आसपास खुद को स्थिर (Balance) करने की कोशिश कर रहा है।
AuAg Funds की रिपोर्ट संकेत देती है कि हालिया गिरावट केवल एक अस्थायी करेक्शन था और लंबी अवधि में बुलियन मार्केट में बड़ी तेजी (Bull Run) के संकेत मिल रहे हैं। निवेशकों के लिए $5,000 का मौजूदा स्तर एक महत्वपूर्ण टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।
शेयर और कमोडिटी बाजार में आने वाली अचानक गिरावट अक्सर निवेशकों को डरा देती है, लेकिन AuAg Funds के हालिया विश्लेषण के अनुसार, यह गिरावट अक्सर एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा होती है।
बाजार में 20-30% का करेक्शन
AuAg Funds के विशेषज्ञों का मानना है कि एक तेजी वाले बाजार (Bull Market) में 20% से 30% तक का उतार-चढ़ाव पूरी तरह से सामान्य है। उनके अनुसार:
- Orchestrated Pullbacks: जब बाजार बहुत अधिक गर्म (Frothy) हो जाता है, तो बड़े खिलाड़ी बड़ी ‘शॉर्ट पोजीशन’ के जरिए कीमतों को कृत्रिम रूप से नीचे गिराते हैं।
- कमजोर निवेशकों की विदाई: इस गिरावट का मुख्य उद्देश्य सट्टेबाजों और ‘कमजोर हाथों’ (Weak Hands) को बाजार से बाहर निकालना होता है, जो डर के मारे अपनी होल्डिंग बेचने लगते हैं।
सोने, चांदी पर मनोज कुमार जैन की राय
अमेरिका का व्यापार घाटा भी पिछले सप्ताह एक बार फिर बढ़कर 70.3 अरब डॉलर हो गया, जबकि बाजार की अपेक्षा 55.5 अरब डॉलर की थी। इस आंकड़े ने सोने और चांदी की कीमतों को समर्थन दिया।
वर्तमान में दोनों कीमती धातुओं में काफी अधिक मूल्य अस्थिरता देखी जा रही है, लेकिन चांदी की कीमतें इस सप्ताह बंद भाव के आधार पर 63.90 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अपने सपोर्ट स्तर को बनाए रख सकती हैं। वहीं सोने की कीमतें भी 4,770 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के सपोर्ट स्तर को कायम रख सकती हैं।
सोना और चांदी अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले सत्र में दिन के उच्च स्तर से फिसल गए। शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं में तेजी देखी गई, लेकिन बाद में वे अपने उच्च स्तर से नीचे आ गए, क्योंकि पिछले सप्ताह अमेरिका में बेरोजगारी दावों की संख्या घटकर 2,06,000 रह गई, जबकि अनुमान 2,23,000 का था।
डॉलर इंडेक्स ने भी अपनी बढ़त जारी रखी और फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं कम होने के बीच दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जिससे सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव पड़ा। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कीमती धातुओं में सुरक्षित निवेश की मांग को समर्थन मिल रहा है।
मनोज कुमार जैन की सोने, चांदी पर राय (Manoj Kumar Jain Gold Silver Outlook)
गोल्ड (कॉमेक्स) Gold COMEX
सपोर्ट: $4,964 – $4,915 प्रति ट्रॉय औंस
रेजिस्टेंस: $5,055 – $5,122 प्रति ट्रॉय औंस
सिल्वर (कॉमेक्स) Silver COMEX
सपोर्ट: $74.40 – $72.00 प्रति ट्रॉय औंस
रेजिस्टेंस: $80.00 – $82.40 प्रति ट्रॉय औंस
MCX पर आज के प्रमुख स्तर
MCX गोल्ड (MCX Gold)
सपोर्ट: ₹1,53,150 – ₹1,52,200
रेजिस्टेंस: ₹1,55,800 – ₹1,57,500
MCX सिल्वर (MCX Silver)
सपोर्ट: ₹2,36,600 – ₹2,31,000
रेजिस्टेंस: ₹2,45,500 – ₹2,51,000
केडिया कोमोडिटी की सोने, चांदी पर राय (Kedia Commodity Gold Silver Outlook)
MCX गोल्ड (MCX Gold)
सपोर्ट: ₹1,53,845 – ₹1,52,875
रेजिस्टेंस: ₹1,56,485 – ₹1,58,155
MCX सिल्वर (MCX Silver)
सपोर्ट: ₹2,38,075 – ₹2,34,750
रेजिस्टेंस: ₹2,46,660 – ₹2,51,920
सोने-चांदी का भाव, FAQ
1. आज सोने और चांदी की कीमतों में अचानक तेजी क्यों आई?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के खतरे और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी विमानवाहक पोतों (USS Gerald Ford) की तैनाती के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की ओर रुख किया है, जिससे कीमतें बढ़ी हैं।
2. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या समय सीमा तय की है?
ट्रंप ने कहा है कि वह अगले 10 से 15 दिनों के भीतर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य तनाव पर अंतिम फैसला लेंगे। उन्होंने “बहुत बुरे परिणाम” की चेतावनी भी दी है।
3. AuAg Funds ने 2026 के लिए क्या भविष्यवाणी की है?
स्वीडिश निवेश कंपनी के अनुसार, 2026 में सोना $6,000 प्रति औंस और चांदी $133 प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच सकती है। उनके अनुसार बाजार की हालिया गिरावट केवल एक अस्थायी ‘करेक्शन’ है।
4. डिएगो गार्सिया (Diego Garcia) सैन्य बेस को लेकर विवाद क्या है?
ब्रिटेन ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला देते हुए अमेरिका को अपने डिएगो गार्सिया बेस से ईरान पर हमला करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में खिंचाव पैदा हो गया है।
5. हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) क्यों चर्चा में है?
यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है जहाँ ईरान ने सैन्य अभ्यास किया है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का 20% हिस्सा गुजरता है, जिससे युद्ध की स्थिति में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
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नोट: दी गई कीमतें सांकेतिक हैं। बाजार में अंतिम भाव जीएसटी और अन्य करों के कारण अलग हो सकते हैं।



