Gold Silver ETFs: वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता का असर अब ETF निवेश पर भी साफ नजर आने लगा है। फरवरी 2026 में सोने और चांदी के एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) के प्रति निवेशकों के रुझान में कमी देखी गई है। अगर हम निवेश के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें, तो गोल्ड और सिल्वर ETF दोनों ही कैटेगरी में पिछले महीने की तुलना में निवेश की रफ्तार धीमी रही है। निवेशकों की सतर्कता और बाजार की मौजूदा स्थितियों ने निवेश के इन पैसिव विकल्पों को काफी प्रभावित किया है।
ETF क्या होता है? (What is ETF?)
एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) ऐसा निवेश माध्यम है जो शेयर बाजार में स्टॉक की तरह ट्रेड होता है। गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेशक सीधे फिजिकल सोना या चांदी खरीदने के बजाय फंड यूनिट्स खरीदते हैं, जिनकी कीमत कीमती धातुओं के बाजार भाव से जुड़ी होती है।
फरवरी 2026 में सोने और चांदी के ETF का प्रदर्शन (Gold Silver ETF Performance in February 2026)
फरवरी में निवेशकों का उत्साह कम होने के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
- गोल्ड ETF (Gold ETFs): फरवरी 2026 में गोल्ड ETF में कुल 5,254 करोड़ रूपए का निवेश (net inflow) आया। यह जनवरी के 24,039 रूपए करोड़ के मुकाबले लगभग 78% कम है।
- सिल्वर ETF (Silver ETFs): चांदी के ETF की स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण रही, जिसमें 826 करोड़ रूपए की निकासी (outflow) दर्ज की गई।
सोने और चांदी के ETF में गिरावट के कारण (Reasons for fall in gold and silver ETFs)
गोल्ड ETF में निवेश कम होने का मुख्य कारण जनवरी में हुई असाधारण बढ़ोतरी के बाद का सुधार है। जनवरी में साल की शुरुआत के कारण निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो में बदलाव (rebalancing) और नए निवेश किए थे, साथ ही कुछ लोगों ने मुनाफा भी वसूला था (profit-booking)।
वहीं दूसरी ओर, सिल्वर ETF में इस महीने न केवल पैसे निकाले गए, बल्कि उनकी कुल संपत्ति (AUM) में भी पिछले महीने की तुलना में कमी दर्ज की गई है।
इस गिरावट का एक और मुख्य कारण ये है कि वैश्विक बाजार में जोखिम लेने की भावना बेहतर होने के कारण निवेशकों का रुझान फिर से इक्विटी मार्केट की ओर बढ़ा। इससे गोल्ड और सिल्वर ETF में आने वाला निवेश कम हो गया।
पैसिव स्कीमों पर असर (Impact on Passive Schemes)
सोने और चांदी के ETF के अलावा, अन्य पैसिव स्कीमें जिनमें गोल्ड फंड्स (FoFs) और इंडेक्स फंड्स भी शामिल हैं, इन पर भी इसका असर दिखा है। कुल मिलाकर, पैसिव स्कीमों में होने वाला मासिक निवेश जनवरी के 39,954 करोड़ रूपए से 65% घटकर 13,879 करोड़ रूपए रह गया है।
निवेश में उतार-चढ़ाव क्यों आता है? (Why do investments Fluctuate?)
गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश की गति वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से काफी प्रभावित होती है। डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव, ब्याज दरों में बदलाव, महंगाई के स्तर, भू-राजनीतिक तनाव और कमोडिटी बाजार के रुझान जैसे कारक निवेशकों की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इन परिस्थितियों में बदलाव आने पर ETF में निवेश का रुझान भी तेजी से बदल सकता है।
ETF में निवेश करने के लिए क्या जरूरी होता है?
ETF में निवेश करने के लिए सबसे पहले निवेशक के पास डिमैट (Demat) और ट्रेडिंग अकाउंट होना जरूरी होता है। यह अकाउंट किसी भी स्टॉक ब्रोकर या ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म के माध्यम से खुलवाया जा सकता है। डिमैट अकाउंट में निवेशक की खरीदी गई ETF यूनिट्स सुरक्षित रूप से रखी जाती हैं, जबकि ट्रेडिंग अकाउंट के जरिए इन्हें शेयर बाजार में खरीदा और बेचा जाता है।
गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश की प्रक्रिया शेयर खरीदने जैसी ही होती है। निवेशक अपने ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर जाकर किसी भी गोल्ड या सिल्वर ETF की यूनिट्स को बाजार भाव पर खरीद सकता है। इन यूनिट्स की कीमत सोने और चांदी के अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार भाव से जुड़ी होती है, इसलिए इनके दाम बाजार के साथ बदलते रहते हैं। ETF में निवेश का एक फायदा यह भी है कि इसमें फिजिकल सोना या चांदी रखने, उसकी सुरक्षा और शुद्धता की चिंता नहीं करनी पड़ती।
Gold Silver ETFs से जुड़े कुछ सवाल-जवाब, FAQ’s
1. गोल्ड और सिल्वर ETF क्या होते हैं?
गोल्ड और सिल्वर ETF ऐसे निवेश फंड होते हैं जो शेयर बाजार में स्टॉक की तरह खरीदे और बेचे जा सकते हैं। इनमें निवेशक भौतिक सोना या चांदी खरीदने के बजाय फंड की यूनिट्स लेते हैं। इन यूनिट्स की कीमत अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में सोने-चांदी के भाव से जुड़ी होती है।
2. फरवरी 2026 में गोल्ड ETF में निवेश क्यों घटा?
फरवरी 2026 में गोल्ड ETF में कुल 5,254 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो जनवरी के 24,039 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 78% कम है। जनवरी में हुई तेज निवेश गतिविधि के बाद कई निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जबकि कुछ ने अपने पोर्टफोलियो में बदलाव किया, जिससे निवेश की रफ्तार धीमी पड़ गई।
3. सिल्वर ETF में निकासी (Outflow) क्यों देखने को मिली?
फरवरी में सिल्वर ETF में करीब 826 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज की गई। बाजार में अस्थिरता, निवेशकों की सतर्कता और कमोडिटी बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण कई निवेशकों ने अपने निवेश को सुरक्षित रखने के लिए फंड से पैसा निकालना बेहतर समझा।
4. क्या गोल्ड और सिल्वर ETF सुरक्षित निवेश माने जाते हैं?
गोल्ड और सिल्वर ETF को अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है क्योंकि ये कीमती धातुओं से जुड़े होते हैं। हालांकि इनकी कीमतें भी वैश्विक बाजार, डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरों और आर्थिक परिस्थितियों से प्रभावित होती हैं, इसलिए इनमें भी उतार-चढ़ाव संभव है।
5. गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश करने के लिए क्या जरूरी होता है?
इन ETF में निवेश करने के लिए निवेशक के पास डिमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना जरूरी होता है। इसके बाद वह शेयर बाजार के जरिए गोल्ड या सिल्वर ETF की यूनिट्स को आसानी से खरीद और बेच सकता है, जिससे भौतिक सोना या चांदी रखने की जरूरत नहीं पड़ती।
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डिस्क्लेमर: ये न्यूज सिर्फ जानकारी के लिए बनाई गई है, निवेश या ट्रेडिंग की सलाह नहीं है। स्टोरी में दी गई राय एक्सपर्ट और ब्रोकरेज हाउस की है। गोल्ड प्राइस टुडे से जुड़े लोग निजी तौर पर सोने, चांदी की ट्रेडिंग नहीं करते हैं। हमारी सोने, चांदी में कोई पोजीशन नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें। सोने चांदी में निवेश जोखिम का काम है अपने विवेक का इस्तेमाल करें। आपको होने वाले किसी भी नुकसान की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है।



