Friday, March 6, 2026
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Gem and Jewellery Export 2026: 23.19 अरब डॉलर पर स्थिर भारत का निर्यात, US टैरिफ से 45% गिरावट

Gem and Jewellery Export 2026: अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच भारत का रत्न एवं आभूषण निर्यात (Gem and Jewellery Export) वैश्विक अनिश्चितताओं और टैरिफ दबावों के बावजूद मजबूत बना रहा। इस अवधि में कुल निर्यात 23.19 अरब अमेरिकी डॉलर (₹2,03,280.72 करोड़) दर्ज किया गया।

पिछले वर्ष की समान अवधि (23.33 अरब डॉलर) की तुलना में डॉलर में 0.64% की मामूली गिरावट रही, जबकि रुपये के आधार पर 3.57% की वृद्धि दर्ज हुई। यह प्रदर्शन बताता है कि कठिन वैश्विक हालात में भी भारतीय जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर ने स्थिरता बनाए रखी।

US Export में 45% गिरावट, टैरिफ बना बड़ा कारण

भारत के सबसे बड़े निर्यात बाजार संयुक्त राज्य अमेरिका में ऊंचे टैरिफ और मूल्य प्रतिस्पर्धा की चुनौती के कारण 45% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसका सीधा असर कुल निर्यात आंकड़ों पर पड़ा।

हालांकि, हाल ही में घोषित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत आभूषणों पर 18% टैरिफ बहाली और हीरे व रंगीन रत्नों पर शून्य शुल्क की घोषणा से उद्योग को बड़ी राहत मिली है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता निकट अवधि में भारत के जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात में लगभग 3 अरब अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

बाजार विविधीकरण: यूएई, हांगकांग और ऑस्ट्रेलिया में मजबूत वृद्धि (Market Diversification: UAE, Hong Kong, Australia)

अमेरिकी बाजार में दबाव के बावजूद भारत ने निर्यात बाजारों का सफल विविधीकरण किया।

  1. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को निर्यात 23.71% बढ़ा
  2. हांगकांग में 33.5% की वृद्धि
  3. ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस में 36% से अधिक की मजबूत बढ़त
  4. बेल्जियम, थाईलैंड और इज़राइल में भी दोहरे अंकों की वृद्धि

यह रुझान दर्शाता है कि भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।

GJEPC अध्यक्ष किरीट भंसाली का बयान (GJEPC Chairman Kirit Bhansali’s view)

Gem and Jewellery Export Promotion Council (GJEPC) के अध्यक्ष Kirit Bhansali ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद 23.19 अरब डॉलर का निर्यात स्तर उद्योग की मजबूती को दर्शाता है। उनके अनुसार, भारत-अमेरिका व्यापार ढांचे की घोषणा से भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी, खासकर हीरे, रंगीन रत्न और जड़ाऊ स्वर्ण आभूषण श्रेणी में।

उन्होंने यह भी कहा कि बाजार विविधीकरण और आगामी व्यापार समझौतों के समर्थन से वित्त वर्ष 2026-27 में उद्योग के पुनरुद्धार और सतत वृद्धि की मजबूत संभावना है।

Budget 2026-27: जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर को बड़ा समर्थन (Big support to the gems and jewellery sector)

केंद्रीय बजट 2026-27 में कारोबार सुगमता, कस्टम सुधार, तेज क्लियरेंस और MSME समर्थन जैसे कदमों से उद्योग को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

डिजिटल अप्रेज़ल, बिल ऑफ एंट्री की अग्रिम फाइलिंग और SEZ से DTA बिक्री पर रियायत जैसे उपाय लागत कम करेंगे और निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाएंगे।

सरकार का लक्ष्य 2047 तक 100 अरब डॉलर के निर्यात का है, जिसके लिए यह बजट मजबूत आधार तैयार करता है।

अप्रैल 2025-जनवरी 2026: सेगमेंट-वाइज प्रदर्शन
कटे और पॉलिश किए हुए हीरे
(Cut & Polished Diamonds)
निर्यात: 9.97 अरब डॉलर
7.46% की गिरावट (YoY)

सोने के आभूषणों का निर्यात (Gold Jewellery Export)
कुल निर्यात: 9.71 अरब डॉलर
5.53% की वृद्धि
साधारण सोना आभूषण: +1.57%
जड़ाऊ स्वर्ण आभूषण: +8.69%

चांदी के आभूषण (Silver Jewellery)
1.28 अरब डॉलर
51.21% की तेज वृद्धि

प्लैटिनम आभूषण (Platinum Jewellery)
215.15 मिलियन डॉलर
49.09% की बढ़त

Lab-Grown Diamonds
923.62 मिलियन डॉलर
9.73% गिरावट (मूल्य में), मात्रा में वृद्धि

Coloured Gemstones
342.34 मिलियन डॉलर
3.38% की मामूली गिरावट

वैश्विक व्यापारिक दबावों और अमेरिकी बाजार में गिरावट के बावजूद भारत का जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात स्थिर बना हुआ है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और बजट सुधार निकट भविष्य में निर्यात वृद्धि के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं।

Gem और Jewelery Export से जुड़े कुछ सवाल जवाब, FAQ’s

1. अप्रैल 2025-जनवरी 2026 के दौरान भारत का कुल रत्न एवं आभूषण निर्यात कितना रहा और इसमें क्या बदलाव हुआ?
इस अवधि में भारत का कुल निर्यात 23.19 अरब अमेरिकी डॉलर (₹2,03,280.72 करोड़) रहा। पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में डॉलर के आधार पर 0.64% की मामूली गिरावट दर्ज हुई, जबकि रुपये के आधार पर 3.57% की वृद्धि हुई। यह दर्शाता है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद सेक्टर स्थिर बना रहा।

2. अमेरिकी बाजार में 45% की गिरावट के पीछे मुख्य कारण क्या रहे?
संयुक्त राज्य अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है। ऊंचे टैरिफ, मूल्य प्रतिस्पर्धा में कमी और व्यापारिक दबावों के कारण अमेरिका को निर्यात में 45% से अधिक की गिरावट आई। इसका सीधा असर कुल निर्यात प्रदर्शन पर पड़ा।

3. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर को क्या लाभ मिलने की संभावना है?
नए व्यापार ढांचे के तहत आभूषणों पर 18% टैरिफ बहाल किया गया है और हीरे व रंगीन रत्नों पर शून्य शुल्क की व्यवस्था की गई है। इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होगी और निकट अवधि में लगभग 3 अरब डॉलर तक अतिरिक्त निर्यात वृद्धि संभव है।

4. किन देशों में भारत ने अमेरिकी गिरावट के बावजूद मजबूत वृद्धि दर्ज की?
भारत ने निर्यात बाजारों का सफल विविधीकरण किया। UAE में 23.71%, हांगकांग में 33.5% और ऑस्ट्रेलिया व फ्रांस में 36% से अधिक की वृद्धि हुई। इसके अलावा बेल्जियम, थाईलैंड और इज़राइल जैसे बाजारों में भी दोहरे अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

5. Budget 2026-27 से जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग को किस प्रकार का समर्थन मिलेगा?
बजट में कारोबार सुगमता, कस्टम सुधार, तेज क्लियरेंस, डिजिटल अप्रेज़ल और MSME समर्थन जैसे प्रावधान शामिल हैं। इससे लागत कम होगी, नकदी प्रवाह सुधरेगा और निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य 2047 तक 100 अरब डॉलर का निर्यात हासिल करना है।

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