BMO Capital Markets: पिछले कुछ महीनों से वैश्विक सोना बाजार में सुधार (Correction) का दौर देखने को मिला है। इसके बावजूद सोने की कीमतें 4,000 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर बनी हुई हैं। BMO Capital Markets की नई रिपोर्ट के अनुसार, इसके पीछे सबसे बड़ा कारण चीन की लगातार मजबूत मांग है, जिसने वैश्विक गोल्ड मार्केट को मजबूत समर्थन दिया है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन का प्रभाव केवल मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी वास्तविक गोल्ड होल्डिंग्स भी आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती हैं।
BMO का दावा: चीन के पास हो सकता है लगभग 30,000 टन सोना
BMO Capital Markets के विश्लेषकों का अनुमान है कि चीन के पास सतह पर उपलब्ध (Above-ground) सोने का भंडार लगभग 30,000 टन हो सकता है, जो आधिकारिक आंकड़ों से काफी अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में वैश्विक सोने की कुल मांग का लगभग एक-तिहाई (1/3) हिस्सा चीन से प्रभावित हो रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि वर्ष की दूसरी छमाही में यदि सोने की कीमतों में तेजी आती है तो उसका सबसे बड़ा कारण चीन की मजबूत खरीदारी होगी।
क्या चीन अमेरिका के गोल्ड रिजर्व को पीछे छोड़ सकता है?
रिपोर्ट के अनुसार, यदि पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) मौजूदा गति से सोना खरीदना जारी रखता है, तो लगभग पांच वर्षों में उसका केंद्रीय बैंक अमेरिकी ट्रेजरी गोल्ड रिजर्व के बराबर पहुंच सकता है।
BMO का यह भी मानना है कि कुल गोल्ड होल्डिंग्स के आधार पर चीन अमेरिका को इससे भी पहले पीछे छोड़ सकता है। साथ ही, चीन की बढ़ती मांग और फ्यूचर्स तथा OTC बाजार में बढ़ती तरलता उसे वैश्विक गोल्ड प्राइसिंग में अधिक प्रभावशाली बना सकती है।
चीन के गोल्ड रिजर्व का मौजूदा अनुमान
रिपोर्ट के अनुसार, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) के पास लगभग 5,200 टन सोना है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में सोना आभूषण और निवेश (Investment Bullion) के रूप में मौजूद है।
BMO का अनुमान है कि चीन का कुल गोल्ड स्टॉक दुनिया के सतह पर उपलब्ध कुल सोने का लगभग 13% है, जबकि अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 15% मानी जाती है।
अमेरिका के बराबर पहुंचने के लिए कितनी खरीदारी बाकी?
रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने अपने अंतिम गोल्ड रिजर्व लक्ष्य का खुलासा नहीं किया है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका के बराबर पहुंचना उसका न्यूनतम लक्ष्य हो सकता है।
इसके लिए चीन को अभी भी लगभग 2,500 से 3,000 टन अतिरिक्त सोना खरीदना होगा, जिसे खरीदारी के तरीके के आधार पर दो से पांच वर्षों में हासिल किया जा सकता है।
M2 मनी सप्लाई के आधार पर कितना सोना चाहिए?
BMO ने तुलना करते हुए कहा कि मौजूदा कीमतों पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व का गोल्ड स्टॉक उसकी M2 Money Supply का लगभग 5% है।
यदि चीन भी यही अनुपात हासिल करना चाहता है, तो उसके केंद्रीय बैंक को लगभग 18,000 टन सोना रखना होगा। तुलना के लिए, पिछले वर्ष के अंत तक चीन के पास लगभग 5,222 टन आधिकारिक गोल्ड रिजर्व था।
हाल के महीनों में तेज हुई PBoC की खरीदारी
रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय तक चली कीमतों में गिरावट का फायदा उठाते हुए चीन ने हाल के महीनों में अपनी खरीदारी बढ़ाई है।
- पिछले महीने PBoC ने 15 टन सोना खरीदा, जो अक्टूबर 2023 के बाद उसकी सबसे बड़ी मासिक खरीद थी।
- इस वर्ष अब तक चीन के आधिकारिक गोल्ड रिजर्व में 40 टन से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वैश्विक गोल्ड प्राइसिंग में बढ़ रहा है चीन का प्रभाव
BMO का कहना है कि चीन केवल सोना जमा नहीं कर रहा, बल्कि वैश्विक बुलियन ट्रेड में अपनी भूमिका भी मजबूत कर रहा है।
बीजिंग, हांगकांग को अंतरराष्ट्रीय बुलियन हब के रूप में विकसित करने के लिए नई Clearing and Settlement Infrastructure, Shanghai Gold Exchange से मजबूत कनेक्टिविटी और फ्यूचर्स व Over-the-Counter (OTC) बाजार में तरलता बढ़ाने पर काम कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन पहलों का उद्देश्य अधिक अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग गतिविधियों को आकर्षित करना है, जिससे आने वाले समय में वैश्विक सोने की कीमत तय करने की शक्ति धीरे-धीरे पारंपरिक पश्चिमी बाजारों से चीन की ओर स्थानांतरित हो सकती है।
वैश्विक गोल्ड मार्केट पर क्या पड़ेगा असर?
अगर चीन सोना खरीदने में अमेरिका को पीछे छोड़ देता है, तो इसका असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक वित्तीय व्यवस्था, सोने की कीमतों और मुद्रा बाजार पर भी पड़ सकता है। हालांकि यह एक संभावित परिदृश्य है, निश्चित परिणाम नहीं।
- वैश्विक गोल्ड मार्केट में चीन का प्रभाव बढ़ सकता है: अगर चीन दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड होल्डर बन जाता है, तो वैश्विक गोल्ड मार्केट में उसकी भूमिका और प्रभाव बढ़ सकता है। इससे चीन की नीतियों और खरीदारी पर बाजार की प्रतिक्रिया पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है।
- सोने की कीमतों को समर्थन मिल सकता है: यदि चीन लगातार बड़ी मात्रा में सोना खरीदता रहता है, तो मांग बढ़ने से कीमतों को समर्थन मिल सकता है। हालांकि कीमतों पर ब्याज दरें, डॉलर, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और भू-राजनीतिक घटनाएं भी समान रूप से असर डालती हैं।
- अमेरिकी डॉलर को प्रतिस्पर्धा मिल सकती है: चीन लंबे समय से रेनमिन्बी (RMB) के अंतरराष्ट्रीय उपयोग को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। अधिक गोल्ड रिजर्व उसकी वित्तीय विश्वसनीयता को मजबूत कर सकते हैं, लेकिन इससे अमेरिकी डॉलर की वैश्विक स्थिति तुरंत नहीं बदल जाएगी। डॉलर का प्रभुत्व कई अन्य आर्थिक और वित्तीय कारकों पर भी निर्भर करता है।
- केंद्रीय बैंकों की रणनीति बदल सकती है: यदि चीन की गोल्ड रणनीति सफल रहती है, तो अन्य देश भी अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं। इससे केंद्रीय बैंकों की गोल्ड खरीदारी में वृद्धि देखने को मिल सकती है।
- एशिया का बुलियन बाजार और मजबूत हो सकता है: यदि चीन हांगकांग और शंघाई को अंतरराष्ट्रीय बुलियन ट्रेडिंग हब के रूप में और विकसित करता है, तो एशिया की भूमिका वैश्विक सोना व्यापार और प्राइस डिस्कवरी में बढ़ सकती है।
- अमेरिका की आर्थिक ताकत खत्म नहीं होगी: अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक, गहरे वित्तीय बाजार और डॉलर जैसी वैश्विक रिजर्व मुद्रा का लाभ है। इसलिए केवल गोल्ड रिजर्व में पीछे रह जाने से उसकी आर्थिक या वित्तीय स्थिति स्वतः कमजोर नहीं हो जाएगी।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब हो सकता है?
- सोने की कीमतों में लंबी अवधि की मजबूती की संभावना बढ़ सकती है।
- केंद्रीय बैंकों की खरीदारी पर निवेशकों की नजर और अधिक रहेगी।
- डॉलर, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाओं के साथ-साथ चीन की गोल्ड पॉलिसी भी बाजार की प्रमुख चालक बन सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. BMO Capital Markets ने चीन के गोल्ड रिजर्व को लेकर क्या दावा किया है?
रिपोर्ट के अनुसार, चीन अगले लगभग पांच वर्षों में अमेरिकी गोल्ड रिजर्व के बराबर पहुंच सकता है और कुल गोल्ड होल्डिंग्स के मामले में उससे पहले भी आगे निकल सकता है।
2. BMO के अनुसार चीन के पास कितना सोना हो सकता है?
विश्लेषकों का अनुमान है कि चीन के पास लगभग 30,000 टन सतह पर उपलब्ध (Above-ground) सोने का भंडार हो सकता है, जो आधिकारिक आंकड़ों से अधिक है।
3. चीन की बढ़ती मांग का वैश्विक सोना बाजार पर क्या असर पड़ रहा है?
रिपोर्ट के अनुसार, चीन वर्तमान में वैश्विक सोने की मांग का लगभग एक-तिहाई हिस्सा प्रभावित कर रहा है, जिससे कीमतों को मजबूत समर्थन मिल रहा है।
4. PBoC ने हाल ही में कितनी गोल्ड खरीदारी की?
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने 15 टन सोना खरीदा, जो अक्टूबर 2023 के बाद उसकी सबसे बड़ी मासिक खरीद थी। इस वर्ष अब तक उसके आधिकारिक गोल्ड रिजर्व में 40 टन से अधिक की वृद्धि हुई है।
5. चीन वैश्विक गोल्ड प्राइसिंग में अपनी भूमिका कैसे बढ़ा रहा है?
चीन हांगकांग को अंतरराष्ट्रीय बुलियन हब बनाने, शंघाई गोल्ड एक्सचेंज से कनेक्टिविटी मजबूत करने तथा फ्यूचर्स और OTC बाजार में तरलता बढ़ाने पर काम कर रहा है। BMO के अनुसार, इससे भविष्य में वैश्विक गोल्ड प्राइसिंग पर चीन का प्रभाव बढ़ सकता है।
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