Gold Silver Price Today, Gold Price today in Big Cities, 18 Carrat Gold Price Today, आज सोने का भाव, आज चांदी का भाव: आज 12 अक्टूबर, सोमवार को बाजार खुलते ही कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। सुबह 09:00 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1,50,791 रूपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा, जिसमें 707 रूपए यानी (0.74%) की गिरावट देखी गई। वहीँ चांदी MCX में भी गिरावट देखी गई, जो 2,25,300 रूपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई, जो 450 रूपए यानी (0.20%) की गिरावट को दर्शाता है।
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आज वैश्विक बाजार में बढ़त देखने को मिली। सुबह 09:00 बजे (IST) COMEX पर गोल्ड 12.60 डॉलर यानी करीब (0.30%) की बढ़त के साथ 4227.00 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, वहीं चांदी में भी बढ़त दिखी और यह 0.232 डॉलर (0.44%) बढ़त के साथ 61.305 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
मनोज कुमार जैन की राय
पृथ्वी फिनमार्ट के डायरेक्टर मनोज कुमार जैन (SEBI Registration number INH000005023) के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बाद सोने और चांदी की कीमतों में फिर से तेजी आई कि अमेरिका मध्यावधि चुनाव तक ईरान पर हमला नहीं करेगा। बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें बढ़त के साथ बंद हुईं। सोने का दिसंबर वायदा भाव 1.43% की तेजी के साथ 4,216.30 अमेरिकी डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर बंद हुआ। वहीं, चांदी का दिसंबर वायदा भाव 2.74% की बढ़त के साथ 61.05 अमेरिकी डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर बंद हुआ।
घरेलू बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं में तेजी रही। सोने का दिसंबर वायदा भाव 1.29% की बढ़त के साथ 1,51,499 रूपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, चांदी का दिसंबर वायदा भाव 2.04% की तेजी के साथ 2,25,755 रूपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।
सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी आई और दोनों धातुओं ने साप्ताहिक कारोबार के अंत में अपने अहम सपोर्ट लेवल को बनाए रखा। इसका जिक्र हमने अपनी पिछली सप्ताह की रिपोर्ट में भी किया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव तक ईरान पर हमला नहीं करेगा। उनके इस बयान के बाद बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली और सोने-चांदी की कीमतों में निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी आई।
रूसी राष्ट्रपति की ईरानी राष्ट्रपति के साथ बातचीत के बाद भी सोने और चांदी की कीमतों को सहारा मिला। इस बातचीत में अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने के प्रयासों में ईरान को पूरा समर्थन देने की बात कही गई।
हालांकि, डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण सोने और चांदी की कीमतों में तेजी सीमित रही।
सोने और चांदी की कीमतों में फिलहाल काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दोनों धातुएं क्रमशः 4,110 अमेरिकी डॉलर और 59.10 अमेरिकी डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम सपोर्ट लेवल को बनाए हुए हैं। साप्ताहिक कारोबार के अंत में कीमतें इन स्तरों से ऊपर बनी रहीं और शुक्रवार को इनमें तेज रिकवरी देखने को मिली। हमारी पिछली सप्ताह की रिपोर्ट में भी इस तरह की उछाल की संभावना का जिक्र किया गया था।
हमें उम्मीद है कि इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर इंडेक्स में बदलाव और भू-राजनीतिक तनाव के कारण सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है।
मनोज कुमार जैन की सोने, चांदी पर राय (Manoj Kumar Jain Gold Silver Outlook)
गोल्ड (कॉमेक्स) Gold COMEX
सपोर्ट: 4,184 डॉलर – 4,155 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस
रेजिस्टेंस: 4,220 डॉलर – 4,264 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस
सिल्वर (कॉमेक्स) Silver COMEX
सपोर्ट: 60.20 डॉलर – 59.10 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस
रेजिस्टेंस: 62.20 डॉलर – 63.50 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस
MCX पर आज के प्रमुख स्तर
MCX गोल्ड (MCX Gold)
सपोर्ट: 1,50,500 रूपए – 1,49,800 रूपए
रेजिस्टेंस: 1,52,000 रूपए – 1,52,850 रूपए
MCX सिल्वर (MCX Silver)
सपोर्ट: 2,24,000 रूपए – 2,22,200 रूपए
रेजिस्टेंस: 2,27,700 रूपए – 2,29,100 रूपए
MCX पर सोने-चांदी में गिरावट क्यों?
सोमवार, 12 अक्टूबर को MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के साथ कारोबार शुरू हुआ, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुएं बढ़त पर थीं। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार के इस अंतर के पीछे डॉलर की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रम जैसे कारक अहम हो सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के ईरान पर हमले को मध्यावधि चुनाव तक टालने के बयान से सोने और चांदी की कीमतों को पहले समर्थन मिला था। वहीं, रूस और ईरान के बीच बातचीत से भी युद्ध समाप्त करने की उम्मीदों को लेकर बाजार में प्रतिक्रिया देखने को मिली। हालांकि, डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी कीमती धातुओं की तेजी को सीमित कर सकती है।
इसके अलावा, पिछले कारोबारी सत्रों में आई तेजी के बाद मुनाफावसूली भी घरेलू बाजार में गिरावट की एक संभावित वजह हो सकती है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों से गिरावट का कोई एक निश्चित कारण साबित नहीं होता। फिलहाल कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर की चाल और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम के कारण सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव बने रहने की आशंका है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
सोने और चांदी में कारोबार करने वालों को इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रखनी चाहिए। इन कारकों में बदलाव से कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
MCX पर सोने के लिए 1,50,500–1,49,800 रूपए का सपोर्ट जोन अहम रहेगा, जबकि 1,52,000–1,52,850 रूपए का स्तर रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा सकता है। चांदी के लिए 2,24,000–2,22,200 रूपए का सपोर्ट जोन और 2,27,700–2,29,100 रूपए का रेजिस्टेंस जोन महत्वपूर्ण रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड के लिए 4,184–4,155 डॉलर और सिल्वर के लिए 60.20–59.10 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस का सपोर्ट जोन महत्वपूर्ण है। वहीं, गोल्ड में 4,220–4,264 डॉलर और सिल्वर में 62.20–63.50 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के रेजिस्टेंस स्तर पर नजर रखी जा सकती है।
निवेशकों को इन स्तरों के आसपास कीमतों की चाल और बाजार में आने वाले नए संकेतों पर ध्यान देना चाहिए। केवल एक सत्र की तेजी या गिरावट के आधार पर फैसला लेने के बजाय जोखिम प्रबंधन, अपनी निवेश अवधि और जोखिम सहने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है। ये स्तर बाजार विश्लेषण के लिए हैं, निवेश की गारंटी या व्यक्तिगत निवेश सलाह नहीं।
सोने, चांदी के भाव से जुड़े सवाल-जवाब, FAQ’s
1. सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव आने के प्रमुख कारण क्या हैं?
सोने की कीमतें अमेरिकी डॉलर की चाल, ब्याज दरों की संभावनाओं, महंगाई, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और वैश्विक राजनीतिक तनाव जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। इन कारकों में बदलाव से सोने की मांग और कीमतों पर असर पड़ सकता है।
2. चांदी की कीमतों को कौन-कौन से कारक प्रभावित करते हैं?
चांदी की कीमतों पर निवेश की मांग, औद्योगिक उपयोग, वैश्विक आर्थिक गतिविधियों, डॉलर की चाल और खनन से जुड़ी आपूर्ति का असर पड़ता है। सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में इसकी मांग भी कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
3. डॉलर मजबूत होने पर सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है?
आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग जैसे कारक इस प्रभाव को बदल सकते हैं।
4. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सोने की कीमतें क्यों प्रभावित होती हैं?
सोना नियमित ब्याज नहीं देता, जबकि अमेरिकी बॉन्ड से ब्याज आय मिल सकती है। इसलिए बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर कुछ निवेशकों के लिए सोने का आकर्षण कम हो सकता है। इसका वास्तविक असर बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की मांग पर निर्भर करता है।
5. भू-राजनीतिक तनाव का सोने और चांदी की कीमतों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
युद्ध या अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ने पर निवेशक अनिश्चितता से बचने के लिए सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। इससे कीमतों को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों और औद्योगिक मांग में बदलाव के कारण कीमतों में गिरावट भी संभव है।
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