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Gold में 3 हफ्तों की सबसे बड़ी गिरावट, 4,300 डॉलर के स्तर पर पहुंचा भाव, ब्याज दर बढ़ने की चिंता बढ़ी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में लगातार दबाव देखने को मिल रहा है। Spot Gold का भाव 4,302 से 4,321 डॉलर प्रति औंस के दायरे में आ गया, जो 7 अगस्त 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है। इस गिरावट के पीछे बढ़ती महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की आशंका प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

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सोने की कीमतों में लगातार गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने लगातार चौथे कारोबारी सत्र नुकसान दर्ज किया है। Spot Gold की कीमत गिरकर 4,302-4,321 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई। यह करीब तीन सप्ताह का निचला स्तर है और हालिया कारोबारी सत्रों में सोने पर बिकवाली का दबाव बढ़ने का संकेत देता है।

मध्य पूर्व तनाव और कच्चे तेल की तेजी बनी चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य हमलों और तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। महंगा क्रूड ऑयल वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव बढ़ा सकता है।

बाजार में यह चिंता बढ़ रही है कि यदि ऊर्जा कीमतों में तेजी लंबे समय तक जारी रहती है, तो केंद्रीय बैंकों के लिए महंगाई को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इससे ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने या बढ़ाने की संभावना मजबूत हो सकती है।

ब्याज दर बढ़ने की आशंका से सोने पर दबाव

सोने को आमतौर पर महंगाई से बचाव के साधन (Inflation Hedge) के रूप में देखा जाता है। हालांकि, ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ने पर सोने की मांग प्रभावित हो सकती है।

इसकी वजह यह है कि सोना कोई निश्चित ब्याज या यील्ड नहीं देता। ऐसे माहौल में निवेशक अपने फंड को बॉन्ड और बैंक डिपॉजिट जैसी ब्याज देने वाली संपत्तियों की ओर स्थानांतरित कर सकते हैं। इससे सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

Fed के फैसले पर बाजार की नजर

वित्तीय बाजार में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक को लेकर भी सतर्कता बढ़ गई है। CME FedWatch Tool के अनुसार, बाजार में लगभग 67% से 70% संभावना जताई जा रही है कि फेड इस महीने की बैठक में ब्याज दर बढ़ा सकता है।

अगर फेड वास्तव में दरों में बढ़ोतरी करता है, तो अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में मजबूती आ सकती है, जिसका असर सोने की निवेश मांग पर पड़ सकता है।

इसका भारतीय बाजार पर क्या असर?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का असर भारतीय बुलियन बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, घरेलू सोने की कीमत केवल अंतरराष्ट्रीय Spot Gold पर निर्भर नहीं करती, बल्कि रुपया-डॉलर विनिमय दर, आयात लागत, MCX Gold और स्थानीय मांग भी कीमतों को प्रभावित करते हैं।

यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कमजोरी आगे भी जारी रहती है और रूपए में बड़ी गिरावट नहीं आती, तो भारत में सोने की कीमतों पर भी दबाव आ सकता है। इससे घरेलू बाजार में 24 कैरेट, 22 कैरेट और अन्य शुद्धता वाले सोने के भाव गिरावट आ सकती है।

सोने, चांदी के भाव से जुड़े सवाल-जवाब, FAQ’s

1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत किस स्तर पर पहुंच गई है?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold की कीमत 4,302 से 4,321 डॉलर प्रति औंस के दायरे में आ गई है। यह 7 अगस्त 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है। सोने की कीमत में लगातार चौथे कारोबारी सत्र गिरावट दर्ज की गई है।

2. सोने की कीमत में लगातार गिरावट की प्रमुख वजहें क्या हैं?

सोने की कीमतों पर दबाव के पीछे बढ़ती महंगाई की चिंता, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की आशंका प्रमुख कारण हैं। इन परिस्थितियों में निवेशकों की सोने के प्रति धारणा प्रभावित हो सकती है।

3. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सोने पर क्या असर पड़ सकता है?

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी से वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। यदि ऊर्जा कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो केंद्रीय बैंकों के लिए महंगाई को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है और ब्याज दरों को ऊंचा रखने की संभावना बढ़ सकती है।

4. ब्याज दर बढ़ने की आशंका से सोने की कीमत क्यों प्रभावित होती है?

सोना नियमित ब्याज या यील्ड प्रदान नहीं करता। ऐसे में जब ब्याज दरें बढ़ने की संभावना होती है, तो निवेशक बॉन्ड और बैंक डिपॉजिट जैसी ब्याज देने वाली संपत्तियों की ओर आकर्षित हो सकते हैं। इससे सोने की मांग घट सकती है और इसकी कीमत पर दबाव बन सकता है।

5. फेड की ब्याज दर बढ़ाने की संभावना कितनी है?

CME FedWatch Tool के अनुसार वित्तीय बाजार में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस महीने ब्याज दर बढ़ाने की लगभग 67% से 70% संभावना जताई जा रही है। यदि फेड दर बढ़ाता है, तो अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड मजबूत हो सकते हैं, जिसका असर सोने की कीमतों पर पड़ सकता है।

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डिस्क्लेमर: ये न्यूज सिर्फ जानकारी के लिए बनाई गई है, निवेश या ट्रेडिंग की सलाह नहीं है। स्टोरी में दी गई राय एक्सपर्ट और ब्रोकरेज हाउस की है। गोल्ड प्राइस टुडे से जुड़े लोग निजी तौर पर सोने, चांदी की ट्रेडिंग नहीं करते हैं। हमारी सोने, चांदी में कोई पोजीशन नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें। सोने चांदी में निवेश जोखिम का काम है अपने विवेक का इस्तेमाल करें। आपको होने वाले किसी भी नुकसान की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है।

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