Gold Silver Price Today, Gold Price today in Big Cities, 18 Carrat Gold Price Today, आज सोने का भाव, आज चांदी का भाव: आज 14 अगस्त, शुक्रवार को बाजार खुलते ही कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। सुबह 09:00 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1,52,509 रूपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा, जिसमें 957 रूपए यानी (0.62%) की गिरावट देखी गई। वहीँ चांदी MCX में भी गिरावट देखी गई, जो 2,37,500 रूपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है, जो 335 रूपए यानी (0.14%) की गिरावट को दर्शाता है।
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आज वैश्विक बाजार में भी गिरावट देखने को मिली। सुबह 09:00 बजे (IST) COMEX पर गोल्ड 40.20 डॉलर यानी करीब (0.91%) की गिरावट के साथ 4380.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, वहीं चांदी में भी गिरावट दिखी और यह 0.763 डॉलर (1.17%) गिरकर 64.23 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
केडिया कोमोडिटी की राय (Kedia Commodity View)
सोना (Gold)- सोने की कीमतें 0.91% गिरकर 1,53,466 रुपए पर बंद हुईं। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद कम होने के बावजूद निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली की, जिससे सोने पर दबाव बना रहा।
अमेरिका में जुलाई में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) महंगाई सालाना आधार पर 3.4% रही, जो जून के 3.5% से कम है और बाजार की उम्मीदों के अनुरूप है। यह लगातार दूसरी महीने महंगाई में गिरावट को दर्शाता है। अब सितंबर की फेड बैठक में ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 36% रह गई है, जो एक सप्ताह पहले लगभग 55% थी। बाजार की नजर अब आगामी Producer Price Index (PPI) आंकड़ों पर है, जिससे महंगाई और मौद्रिक नीति की आगे की दिशा के संकेत मिल सकते हैं। शिकागो फेड के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्स्बी ने भी सावधानी बरतते हुए कहा कि श्रम बाजार की कमजोरी की तुलना में लंबे समय तक बनी रहने वाली महंगाई को लेकर चिंता अधिक है।
भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने सोने को कुछ सुरक्षित निवेश मांग दी। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष तथा Strait of Hormuz को लेकर जारी बातचीत में गतिरोध ने बुलियन को सपोर्ट दिया, हालांकि लंबे सीजफायर की खबरों से तत्काल जोखिम प्रीमियम कुछ कम हुआ है।
एशिया के प्रमुख बाजारों में फिजिकल गोल्ड की मांग कमजोर रही। भारत में सोने पर डिस्काउंट बढ़कर 47 डॉलर प्रति औंस हो गया, जो पिछले सप्ताह 44 डॉलर था। चीन में सोने का प्रीमियम घटकर 3-5 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि पिछले सप्ताह यह 5-8 डॉलर था।
भारत में सोने की मांग और आयात- वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के अनुसार, जून तिमाही में भारत का शुद्ध सोना आयात सालाना आधार पर 23% घटकर 98.1 टन रह गया। इस अवधि में भारत की सोने की मांग भी 6% घटकर 131.4 टन रही।
दुनियाभर में सोने की मांग- दूसरी तिमाही में वैश्विक सोने की मांग 1,268.9 टन पर स्थिर रही। इस दौरान केंद्रीय बैंकों ने 289 टन सोना खरीदा, जबकि ETF से 45 टन सोने की निकासी हुई। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी ने ETF आउटफ्लो के असर को काफी हद तक संतुलित किया।
जून के अंत में लंदन की वॉल्ट में रखा सोना महीने-दर-महीने 0.77% बढ़कर 9,464 टन हो गया। इसकी कुल कीमत करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर रही।
तकनीकी स्तर
- तकनीकी रूप से सोने में लॉन्ग लिक्विडेशन देखने को मिला। कीमत में 1,416 रुपए की गिरावट के साथ ओपन इंटरेस्ट 5.59% घटकर 9,766 कॉन्ट्रैक्ट रह गया।
- सोने को 1,52,755 रुपए पर सपोर्ट है। इसके नीचे टूटने पर कीमत 1,52,050 रुपए तक गिर सकती है।
- ऊपर की तरफ 1,54,655 रुपए पर रेजिस्टेंस है। इस स्तर के ऊपर लगातार मजबूती रहने पर सोने की कीमत 1,55,850 रुपए तक पहुंच सकती है।
- डॉलर की चाल, अमेरिकी महंगाई के आंकड़े, फेड की ब्याज दर नीति, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और फिजिकल गोल्ड की मांग आगे सोने की कीमत की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण रहेंगे।
Trading Ideas
- आज सोने की ट्रेडिंग रेंज 1,52,050 रुपए से 1,55,850 रुपए के बीच रह सकती है।
- अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद फेड की जल्द ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद कम होने के बावजूद निवेशकों की मुनाफावसूली से सोने की कीमतों में गिरावट आई।
- जुलाई में अमेरिकी CPI महंगाई 3.4% रही, जो जून के 3.5% से कम और बाजार की उम्मीदों के अनुरूप थी।
- अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव तथा Strait of Hormuz को लेकर अनिश्चितता से सोने को सुरक्षित निवेश मांग का सहारा मिला, हालांकि लंबे सीजफायर की खबरों से जोखिम प्रीमियम कम हुआ है।
चांदी (Silver)- चांदी की कीमतें 1% गिरकर 2,35,447 रुपए पर बंद हुईं। अमेरिकी डॉलर स्थिर रहने के बीच अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों में सालाना हेडलाइन और कोर महंगाई में मामूली नरमी दिखी, जिससे फेडरल रिजर्व पर तुरंत ब्याज दर बढ़ाने का दबाव कम हुआ और चांदी पर मुनाफावसूली का दबाव बना।
अमेरिका में अगस्त के पहले सप्ताह में शुरुआती बेरोजगारी दावों की संख्या 9,000 बढ़कर 2,09,000 हो गई, जो बाजार के 2,02,000 के अनुमान से अधिक थी। वहीं, लगातार बेरोजगारी भत्ते के दावे 22,000 घटकर 17.77 लाख रह गए।
अमेरिका में जुलाई में Producer Price Index (PPI) में कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि जून में संशोधित आधार पर इसमें 0.1% की गिरावट आई थी। बाजार में जुलाई के लिए 0.2% बढ़त की उम्मीद थी। कोर प्रोड्यूसर कीमतें महीने-दर-महीने 0.2% बढ़ीं, हालांकि पिछली अवधि की संशोधित 0.4% बढ़त की तुलना में रफ्तार धीमी रही।
हालांकि, मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव महंगाई के लिए एक संभावित जोखिम बना हुआ है। यदि ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आती है और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इससे अमेरिकी महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है और फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दर नीति तय करना अधिक मुश्किल हो सकता है।
सोलर पैनल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और बिजली ग्रिड में इस्तेमाल के कारण चांदी को औद्योगिक मांग से लगातार संरचनात्मक सपोर्ट मिल रहा है। जून में चीन का सिल्वर वाले अयस्कों का आयात सालाना आधार पर 62.5% बढ़कर 2,19,000 टन हो गया, जो औद्योगिक गतिविधियों में लगातार मांग का संकेत देता है।
जून के अंत में लंदन की वॉल्ट में रखा चांदी का भंडार महीने-दर-महीने 1.7% बढ़कर 28,082 टन हो गया। इसकी कीमत करीब 53.1 अरब डॉलर रही, जो लगभग 9,36,052 सिल्वर बार के बराबर है।
वैश्विक सिल्वर मार्केट में सप्लाई की कमी- वैश्विक चांदी बाजार में लगातार छठे साल सप्लाई की कमी रहने का अनुमान है। 2026 में यह कमी बढ़कर 46.3 मिलियन औंस हो सकती है, जबकि 2025 में यह 40.3 मिलियन औंस थी।
कुल चांदी की मांग में 2% गिरावट का अनुमान है, जबकि औद्योगिक उपयोग करीब 3% घटकर चार साल के निचले स्तर पर आ सकता है। ईरान संघर्ष से वैश्विक आर्थिक विकास पर पड़ने वाले संभावित असर को औद्योगिक मांग में कमजोरी का एक कारण माना जा रहा है।
इसके विपरीत, सिक्कों और सिल्वर बार की मांग में 18% बढ़ोतरी का अनुमान है, जिसे अमेरिका में मजबूत खरीदारी से समर्थन मिल रहा है। वैश्विक चांदी की सप्लाई में भी 2% गिरावट का अनुमान है। 2021 से अब तक स्टॉक्स से 762 मिलियन ट्रॉय औंस चांदी निकाली जा चुकी है, जिससे लंबी अवधि में बाजार की लिक्विडिटी को लेकर चिंता बनी हुई है।
तकनीकी स्तर
- तकनीकी रूप से चांदी में नई बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कीमत में 2,388 रुपए की गिरावट के साथ ओपन इंटरेस्ट 1.35% बढ़कर 10,816 कॉन्ट्रैक्ट हो गया।
- चांदी को 2,33,500 रुपए पर सपोर्ट है। इसके नीचे गिरावट आने पर कीमत 2,31,550 रुपए तक जा सकती है।
- ऊपर की ओर 2,37,700 रुपए पर रेजिस्टेंस है। इस स्तर के ऊपर लगातार मजबूती रहने पर चांदी की कीमत 2,39,950 रुपए तक पहुंच सकती है।
- अमेरिकी महंगाई, फेड की ब्याज दर नीति, डॉलर की चाल, औद्योगिक मांग और मध्य पूर्व की स्थिति आगे चांदी की कीमत की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण रहेंगे।
Trading Ideas
- आज चांदी की ट्रेडिंग रेंज 2,31,550 रुपए से 2,39,950 रुपए के बीच रह सकती है।
- अमेरिकी हेडलाइन और कोर महंगाई में मामूली नरमी के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने का तत्काल दबाव कम हुआ, लेकिन डॉलर स्थिर रहने और मुनाफावसूली से चांदी में गिरावट आई।
- अगस्त के पहले सप्ताह में अमेरिका में शुरुआती बेरोजगारी दावे 9,000 बढ़कर 2,09,000 हो गए।
- जुलाई 2026 में अमेरिकी Producer Price Index में कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि जून में संशोधित आधार पर इसमें 0.1% की गिरावट आई थी।
- औद्योगिक मांग, मध्य पूर्व का भू-राजनीतिक तनाव और लगातार छठे साल रहने वाली संभावित वैश्विक सप्लाई कमी आगे चांदी की कीमतों के लिए अहम कारक रहेंगे।
आज सोने-चांदी में गिरावट क्यों आई?
सोने और चांदी की कीमतों में आज गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह हालिया तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली रही। अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक नरम रहने से फेडरल रिजर्व की तत्काल ब्याज दर बढ़ाने की संभावना कम हुई, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा वसूला। इससे बुलियन कीमतों पर दबाव बढ़ा।
सोने में गिरावट की मुख्य वजह
जुलाई में अमेरिकी CPI महंगाई सालाना आधार पर 3.4% रही, जो जून के 3.5% से कम थी। इससे फेड की जल्द ब्याज दर बढ़ाने की चिंता कम हुई। हालांकि, बाजार पहले ही इस नरमी को काफी हद तक कीमतों में शामिल कर चुका था। ऐसे में सोने में तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली।
इसके अलावा, सितंबर की फेड बैठक में ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 36% रह गई है, जो एक सप्ताह पहले लगभग 55% थी। अब निवेशकों की नजर आगामी PPI आंकड़ों और फेड के अगले संकेतों पर रहेगी।
भू-राजनीतिक तनाव से मिला सीमित सपोर्ट
अमेरिका-ईरान तनाव और Strait of Hormuz को लेकर अनिश्चितता ने सोने को सुरक्षित निवेश की मांग दी है। हालांकि, लंबे सीजफायर की खबरों से तत्काल भू-राजनीतिक जोखिम कुछ कम हुआ है। इसलिए सुरक्षित निवेश के तौर पर मिलने वाला सपोर्ट भी सीमित रहा।
चांदी पर क्यों बढ़ा दबाव?
चांदी में भी अमेरिकी महंगाई के नरम आंकड़ों और स्थिर डॉलर के बीच मुनाफावसूली देखने को मिली। अमेरिका में शुरुआती बेरोजगारी दावे बढ़कर 2,09,000 हो गए, जबकि जुलाई में PPI में कोई बदलाव नहीं हुआ। इन आंकड़ों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था और फेड की नीति को लेकर मिश्रित संकेत दिए।
हालांकि, चांदी की लंबी अवधि की तस्वीर में सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और बिजली ग्रिड जैसी इंडस्ट्री से मांग का सपोर्ट बना हुआ है।
निवेशकों को अब क्या देखना चाहिए?
आने वाले सत्रों में निवेशकों के लिए अमेरिकी PPI, फेड की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स और भू-राजनीतिक घटनाक्रम सबसे महत्वपूर्ण संकेतक रहेंगे। इसके साथ ही एशियाई बाजारों में फिजिकल गोल्ड की मांग और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी पर भी नजर रखनी होगी।
सोने में 1,52,755 रुपए का स्तर अहम सपोर्ट है। इसके नीचे कीमत 1,52,050 रुपए तक जा सकती है, जबकि 1,54,655 रुपए के ऊपर मजबूती आने पर 1,55,850 रुपए का स्तर देखा जा सकता है।
चांदी में 2,33,500 रुपए का सपोर्ट महत्वपूर्ण है। इसके नीचे गिरावट 2,31,550 रुपए तक बढ़ सकती है। वहीं 2,37,700 रुपए के ऊपर टिकने पर कीमत 2,39,950 रुपए तक पहुंचने की संभावना बन सकती है।
मौजूदा गिरावट को फिलहाल पूरी तरह ट्रेंड बदलने के संकेत के बजाय मुनाफावसूली और शॉर्ट-टर्म दबाव के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, निवेशकों को किसी भी नई पोजीशन से पहले अमेरिकी महंगाई, फेड के संकेत, डॉलर और प्रमुख तकनीकी स्तरों की दिशा पर नजर रखनी चाहिए।
सोने, चांदी के भाव से जुड़े सवाल-जवाब, FAQ’s
1. 14 अगस्त 2026 को MCX पर सोने का भाव क्या है?
14 अगस्त 2026, शुक्रवार को सुबह 09:00 बजे MCX पर सोना 1,52,509 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इसमें पिछले स्तर की तुलना में 957 रुपए यानी 0.62% की गिरावट दर्ज की गई। हालिया तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली सोने पर दबाव का एक प्रमुख कारण रही।
2. 14 अगस्त 2026 को MCX पर चांदी का भाव क्या है?
MCX पर 14 अगस्त 2026 को सुबह 09:00 बजे चांदी 2,37,500 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। कीमत में 335 रुपए यानी 0.14% की गिरावट दर्ज हुई। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों, स्थिर डॉलर और मुनाफावसूली के बीच चांदी में दबाव देखने को मिला।
3. अमेरिकी महंगाई का सोने और चांदी की कीमतों पर क्या असर पड़ा?
जुलाई 2026 में अमेरिकी CPI महंगाई सालाना आधार पर 3.4% रही, जो जून के 3.5% से कम और बाजार की उम्मीद के अनुरूप थी। महंगाई में लगातार दूसरी महीने नरमी से सितंबर में फेड की ब्याज दर बढ़ाने की संभावना घटकर करीब 36% रह गई। हालांकि, निवेशकों की मुनाफावसूली ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया।
4. आज सोने के प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं?
सोने के लिए 1,52,755 रुपए प्रमुख सपोर्ट है। इसके नीचे गिरावट आने पर कीमत 1,52,050 रुपए तक जा सकती है। दूसरी ओर, 1,54,655 रुपए प्रमुख रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर लगातार मजबूती रहने पर सोना 1,55,850 रुपए तक पहुंच सकता है।
5. चांदी की कीमतों के लिए आगे कौन से कारक महत्वपूर्ण रहेंगे?
चांदी के लिए अमेरिकी महंगाई, फेड की ब्याज दर नीति, डॉलर की दिशा, औद्योगिक मांग और मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक घटनाक्रम महत्वपूर्ण रहेंगे। 2026 में वैश्विक सिल्वर मार्केट में लगातार छठे साल सप्लाई डेफिसिट रहने का अनुमान है। संभावित 46.3 मिलियन औंस की कमी और औद्योगिक उपयोग चांदी के दीर्घकालिक रुख को प्रभावित कर सकते हैं।
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