सोने की कीमतों में रिकॉर्ड स्तर से करीब 30% की गिरावट के बीच चीन के केंद्रीय बैंक ने अपनी गोल्ड खरीदारी की रफ्तार बढ़ा दी है। People’s Bank of China (PBOC) ने जुलाई में 20 टन सोना खरीदा। यह अक्टूबर 2023 के बाद किसी एक महीने में उसकी सबसे बड़ी गोल्ड खरीद है।
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21 महीने से लगातार सोना खरीद रहा PBOC
चीन का केंद्रीय बैंक लगातार 21 महीनों से अपने आधिकारिक गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी कर रहा है। ताजा रिजर्व आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में PBOC ने 20 टन सोना अपने भंडार में जोड़ा।
World Gold Council (WGC) के Senior Analyst, EMEA Krishan Gopaul के अनुसार, जुलाई की खरीद के बाद 2026 में अब तक PBOC की कुल शुद्ध सोने की खरीद 60 टन हो गई है। इसके साथ केंद्रीय बैंक की आधिकारिक गोल्ड होल्डिंग्स बढ़कर 2,366 टन पहुंच गई हैं।
सोने की कीमतों में गिरावट के बीच खरीदारी तेज
चीन की यह खरीदारी ऐसे समय बढ़ी है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत अपने साल की शुरुआत के रिकॉर्ड उच्च स्तर से लगभग 30% नीचे आ चुकी है।
मार्च के बाद से PBOC ने अपनी मासिक खरीदारी की गति में भी बढ़ोतरी की है। इससे संकेत मिलता है कि चीन मौजूदा कीमतों को अपने रणनीतिक गोल्ड रिजर्व को बढ़ाने के लिए उपयोगी अवसर के रूप में देख रहा है।
केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी को हाल के वर्षों में सोने की कीमतों को मजबूत समर्थन देने वाले प्रमुख कारकों में शामिल किया गया है।
सिर्फ चीन ही नहीं, दूसरे केंद्रीय बैंक भी बढ़ा रहे गोल्ड रिजर्व
World Gold Council के विश्लेषक Krishan Gopaul के अनुसार, चीन के अलावा अन्य केंद्रीय बैंक भी अपने गोल्ड रिजर्व में इजाफा कर रहे हैं। Czech National Bank ने जुलाई में करीब 1.7 टन सोना खरीदा। इसके साथ 2026 में उसकी अब तक की शुद्ध खरीद लगभग 12 टन हो गई है और कुल गोल्ड होल्डिंग्स करीब 84 टन पहुंच गई हैं।
कजाकिस्तान के National Bank of Kazakhstan ने भी जुलाई में अपने गोल्ड रिजर्व में 1 टन से अधिक की बढ़ोतरी की। इन खरीदारी से संकेत मिलता है कि केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।
Central Bank Gold Buying से सोने को मिल रहा सपोर्ट
विश्लेषकों के मुताबिक, केंद्रीय बैंकों की लगातार गोल्ड खरीदारी ने सोने की कीमतों को महत्वपूर्ण सपोर्ट दिया है। खासतौर पर 4,000 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के ऊपर सोने की कीमत को बनाए रखने में आधिकारिक क्षेत्र की मांग को अहम माना जा रहा है।
केंद्रीय बैंक जब अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाते हैं, तो इससे बाजार में लंबी अवधि की संरचनात्मक मांग पैदा होती है। यही कारण है कि निवेशक PBOC की खरीदारी पर विशेष नजर रखते हैं।
BMO का अनुमान: चीन की गोल्ड डिमांड बन सकती है बड़ी ताकत
BMO Capital Markets के कमोडिटी विश्लेषकों ने जुलाई के अंत में कहा था कि 2026 की दूसरी छमाही में चीन की बढ़ती सोने की मांग कीमतों को ऊपर ले जाने वाला प्रमुख कारक बन सकती है।
BMO के अनुसार, चीन का वास्तविक गोल्ड स्टॉक आधिकारिक आंकड़ों से काफी अधिक हो सकता है। विश्लेषकों ने अनुमान लगाया कि चीन के पास लगभग 30,000 टन सोना ऐसा हो सकता है जो आधिकारिक आंकड़ों में पूरी तरह दिखाई नहीं देता।
हालांकि, यह आंकड़ा आधिकारिक PBOC रिजर्व का आंकड़ा नहीं बल्कि BMO का अनुमान है।
चीन के गोल्ड रिजर्व को लेकर बड़ा अनुमान
BMO Capital Markets ने चीन की संभावित लंबी अवधि की गोल्ड रणनीति को उसकी मुद्रा युआन (RMB) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने की महत्वाकांक्षा से भी जोड़ा है।
विश्लेषकों के अनुसार, यदि चीन अपने मौद्रिक ढांचे के संदर्भ में अमेरिकी रिजर्व के समान अनुपात में सोना रखना चाहता है, तो उसे अपने केंद्रीय बैंक के गोल्ड रिजर्व को काफी अधिक बढ़ाना पड़ सकता है।
BMO ने एक बेंचमार्क के तौर पर अमेरिकी Federal Reserve के गोल्ड रिजर्व और अमेरिकी M2 मनी सप्लाई के अनुपात का इस्तेमाल किया। इस आधार पर उसका अनुमान है कि चीन को लंबे समय में लगभग 18,000 टन गोल्ड होल्डिंग की जरूरत पड़ सकती है।
चीन को और 2,500-3,000 टन सोना खरीदने की जरूरत?
BMO के विश्लेषकों का अनुमान है कि चीन के आधिकारिक गोल्ड रिजर्व को अमेरिकी स्तर के करीब लाने के लिए आने वाले वर्षों में लगभग 2,500 से 3,000 टन अतिरिक्त सोने की खरीद की आवश्यकता हो सकती है।
विश्लेषकों के मुताबिक, यह खरीदारी दो से पांच वर्षों की अवधि में संभव हो सकती है। हालांकि, चीन ने अपने अंतिम गोल्ड रिजर्व लक्ष्य को सार्वजनिक रूप से निर्धारित नहीं किया है।
इसलिए यह अनुमान चीन की घोषित नीति नहीं, बल्कि BMO Capital Markets का विश्लेषण है।
Yuan Internationalisation में Gold की भूमिका
चीन लंबे समय से युआन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रभावशाली मुद्रा बनाने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में सोने का बड़ा रिजर्व मुद्रा की विश्वसनीयता और वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने में भूमिका निभा सकता है।
अगर चीन आने वाले वर्षों में अपनी गोल्ड खरीदारी जारी रखता है, तो इसका असर सिर्फ उसके विदेशी मुद्रा भंडार पर नहीं बल्कि वैश्विक सोने की मांग और कीमतों पर भी पड़ सकता है।
Gold Price Outlook: आगे चीन की खरीदारी पर रहेगी नजर
चीन की ओर से लगातार गोल्ड खरीदारी ऐसे समय हो रही है जब केंद्रीय बैंकों की मांग वैश्विक सोना बाजार के लिए महत्वपूर्ण आधार बनी हुई है। अगर PBOC आने वाले महीनों में भी खरीदारी की गति बनाए रखता है और अन्य केंद्रीय बैंक भी अपने रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाते हैं, तो इससे सोने की कीमतों को लंबी अवधि में समर्थन मिल सकता है।
हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक स्थिति और भू-राजनीतिक तनाव भी सोने की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
PBOC की जुलाई में 20 टन सोने की खरीद चीन की रणनीतिक गोल्ड रिजर्व नीति की निरंतरता को दर्शाती है। 21 महीनों से जारी खरीदारी और अन्य केंद्रीय बैंकों की बढ़ती मांग सोने के लिए मजबूत दीर्घकालिक आधार तैयार कर सकती है। हालांकि, चीन के भविष्य के गोल्ड रिजर्व को लेकर BMO के आंकड़े अनुमान हैं, आधिकारिक आंकड़े नहीं।
सोने-चांदी से जुड़े FAQ’s
1. PBOC ने जुलाई में कितने टन सोना खरीदा और इसका क्या महत्व है?
People’s Bank of China ने जुलाई में 20 टन सोना अपने रिजर्व में जोड़ा। यह अक्टूबर 2023 के बाद उसकी सबसे बड़ी मासिक गोल्ड खरीद है। इससे संकेत मिलता है कि चीन कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद अपने रणनीतिक सोने के भंडार को बढ़ाने पर लगातार ध्यान दे रहा है।
2. चीन लगातार कितने महीनों से अपने गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी कर रहा है?
PBOC ने लगातार 21 महीनों से सोना खरीदा है। World Gold Council के अनुसार, जुलाई की खरीद के बाद 2026 में अब तक चीन की आधिकारिक शुद्ध गोल्ड खरीद 60 टन हो गई है और उसकी आधिकारिक गोल्ड होल्डिंग्स बढ़कर लगभग 2,366 टन पहुंच गई हैं।
3. चीन की गोल्ड खरीदारी से अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है?
चीन दुनिया के प्रमुख सोना उपभोक्ताओं में शामिल है और PBOC की लगातार खरीदारी वैश्विक बाजार में लंबी अवधि की मांग को मजबूत कर सकती है। यदि चीन आने वाले महीनों में खरीदारी जारी रखता है, तो इससे सोने की कीमतों को समर्थन मिल सकता है, खासकर तब जब अन्य केंद्रीय बैंक भी गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं।
4. क्या चीन के पास आधिकारिक आंकड़ों से ज्यादा सोना होने का अनुमान है?
हां। BMO Capital Markets के विश्लेषकों ने अनुमान लगाया है कि चीन के पास आधिकारिक आंकड़ों में दर्ज मात्रा से काफी अधिक सोना हो सकता है। BMO ने करीब 30,000 टन के संभावित अतिरिक्त स्टॉक का अनुमान दिया है। हालांकि, यह एक विश्लेषणात्मक अनुमान है और इसे चीन के आधिकारिक गोल्ड रिजर्व आंकड़े के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
5. चीन आने वाले वर्षों में और कितना सोना खरीद सकता है और इसका कारण क्या है?
BMO Capital Markets के अनुसार, अगर चीन अपने गोल्ड रिजर्व को अमेरिकी स्तर के समान एक रणनीतिक अनुपात तक ले जाना चाहता है, तो उसे आने वाले वर्षों में लगभग 2,500 से 3,000 टन अतिरिक्त सोना खरीदना पड़ सकता है। विश्लेषकों ने इसे युआन को अंतरराष्ट्रीय रिजर्व मुद्रा के रूप में मजबूत करने की चीन की महत्वाकांक्षा से भी जोड़ा है। हालांकि, PBOC ने ऐसा कोई आधिकारिक अंतिम गोल्ड रिजर्व लक्ष्य घोषित नहीं किया है।
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