WGC Report: वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 में वैश्विक गोल्ड-बैक्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (Gold ETFs) से निवेशकों ने बड़ी मात्रा में पैसा निकाला। इसके बावजूद वर्ष 2026 की पहली छमाही (H1) में कुल निवेश सकारात्मक बना रहा। इसका सबसे बड़ा कारण वर्ष की शुरुआत में हुई मजबूत खरीदारी और एशियाई निवेशकों की लगातार बढ़ती भागीदारी रही।
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जून 2026 में गोल्ड ETF का प्रदर्शन कैसा रहा?
जून 2026 के दौरान दुनिया भर के गोल्ड ETF में कुल 8.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर की शुद्ध निकासी (Net Outflow) दर्ज की गई।
इसी अवधि में गोल्ड ETF की कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) घटकर 526 बिलियन अमेरिकी डॉलर रह गई, जबकि कुल गोल्ड होल्डिंग 74 टन घटकर 4,047 टन पर पहुंच गई।
हालांकि जून कमजोर रहा, लेकिन जनवरी से जून 2026 (H1) के दौरान वैश्विक गोल्ड ETF में 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। वहीं कुल गोल्ड होल्डिंग में 18 टन की बढ़ोतरी देखने को मिली।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का कहना है कि ETF परिसंपत्तियों में आई गिरावट का मुख्य कारण सोने की कीमतों में कमजोरी थी, न कि बड़े पैमाने पर निवेशकों द्वारा निकासी।
H1 2026 में एशिया बना गोल्ड ETF निवेश का सबसे बड़ा केंद्र
साल 2026 की पहली छमाही में एशिया वैश्विक गोल्ड ETF निवेश का सबसे मजबूत क्षेत्र बनकर उभरा।
इस दौरान एशियाई गोल्ड ETF में लगभग 12 बिलियन अमेरिकी डॉलर का शुद्ध निवेश आया, जो अब तक का सबसे मजबूत प्रथम-छमाही प्रदर्शन माना जा रहा है।
हालांकि जून में चीन के निवेशकों ने बेहतर इक्विटी बाजार और कमजोर सोने की कीमतों के कारण कुछ निवेश निकाला, लेकिन शुरुआती महीनों की मजबूत खरीदारी ने पूरे क्षेत्र को शीर्ष स्थान पर बनाए रखा।
भारत में गिरावट को निवेशकों ने खरीदारी का अवसर माना
जून 2026 में जब कई देशों में निवेशकों ने गोल्ड ETF से पैसा निकाला, तब भारत उन चुनिंदा बाजारों में शामिल रहा जहां निवेशकों ने गिरती कीमतों को निवेश का अच्छा अवसर माना।
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय निवेशकों ने गोल्ड ETF में निवेश जारी रखा, जिससे देश एशिया के प्रमुख सकारात्मक बाजारों में शामिल रहा।
उत्तर अमेरिका का सबसे कमजोर प्रदर्शन
जून के दौरान उत्तर अमेरिका के गोल्ड ETF पर सबसे अधिक दबाव देखने को मिला।
इस क्षेत्र से अकेले जून में 5.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की निकासी हुई, जबकि H1 2026 में कुल निकासी बढ़कर 7.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई। यह वर्ष 2013 के बाद उत्तर अमेरिका का सबसे कमजोर पहला छह महीनों का प्रदर्शन रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, ऊंची अमेरिकी ब्याज दरों की संभावना, बढ़ती बॉन्ड यील्ड और मजबूत अमेरिकी डॉलर ने सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश की मांग को प्रभावित किया।
यूरोप में भी निवेशकों ने निकाला पैसा
यूरोपीय गोल्ड ETF में जून के दौरान 818 मिलियन अमेरिकी डॉलर की शुद्ध निकासी दर्ज की गई।
हालांकि मासिक गिरावट के बावजूद, वर्ष 2026 की पहली छमाही में यूरोप के गोल्ड ETF में कुल 3.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का शुद्ध निवेश बना रहा।
ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में भी रही हल्की निकासी
अन्य क्षेत्रों के गोल्ड ETF में भी जून के दौरान सीमित निकासी देखने को मिली।
ऑस्ट्रेलिया में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई, जबकि दक्षिण अफ्रीका के ETF में भी हल्की निकासी हुई। इसके बावजूद दोनों बाजार पूरे वर्ष के हिसाब से सकारात्मक बने हुए हैं।
गोल्ड ट्रेडिंग वॉल्यूम ने बनाया नया रिकॉर्ड
हालांकि जून में ट्रेडिंग गतिविधि कुछ धीमी रही, लेकिन वर्ष 2026 की पहली छमाही के दौरान वैश्विक गोल्ड ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने अब तक के सबसे ऊंचे औसत स्तर पर पहुंच गया।
यह दर्शाता है कि वैश्विक निवेशकों की सोने में रुचि अभी भी मजबूत बनी हुई है।
H2 2026 में क्या रहेगा गोल्ड ETF का आउटलुक?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का मानना है कि वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में गोल्ड ETF में निवेश स्थिर हो सकता है।
हालांकि ऊंची ब्याज दरों की संभावना फिलहाल निवेश को प्रभावित कर रही है, लेकिन बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और वित्तीय बाजारों में अस्थिरता निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर आकर्षित करती रह सकती है।
मुख्य बातें (Key Highlights)
- जून 2026 में गोल्ड ETF से 8.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर की निकासी।
- H1 2026 में कुल 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का शुद्ध निवेश।
- वैश्विक गोल्ड ETF की AUM घटकर 526 बिलियन अमेरिकी डॉलर।
- कुल गोल्ड होल्डिंग 4,047 टन, जबकि H1 में 18 टन की वृद्धि।
- एशिया ने वैश्विक निवेश में सबसे बड़ी हिस्सेदारी निभाई।
- भारत जून में भी सकारात्मक निवेश दर्ज करने वाले प्रमुख बाजारों में शामिल रहा।
- उत्तर अमेरिका का प्रदर्शन वर्ष 2013 के बाद सबसे कमजोर रहा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. जून 2026 में वैश्विक गोल्ड ETF का प्रदर्शन कैसा रहा?
जून 2026 में वैश्विक गोल्ड ETF से 8.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर की शुद्ध निकासी दर्ज की गई। इसके साथ ही ETF की कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) घटकर 526 बिलियन अमेरिकी डॉलर रह गई और गोल्ड होल्डिंग 74 टन घटकर 4,047 टन पर पहुंच गई।
2. क्या पहली छमाही (H1 2026) में गोल्ड ETF निवेश सकारात्मक रहा?
हाँ। जून में भारी निकासी के बावजूद जनवरी से जून 2026 के बीच वैश्विक गोल्ड ETF में 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। इसी अवधि में कुल गोल्ड होल्डिंग में 18 टन की बढ़ोतरी भी हुई, जिससे पहली छमाही का प्रदर्शन सकारात्मक रहा।
3. H1 2026 में किस क्षेत्र ने सबसे अधिक गोल्ड ETF निवेश आकर्षित किया?
एशिया पहली छमाही में वैश्विक गोल्ड ETF निवेश का सबसे मजबूत क्षेत्र बनकर उभरा। इस दौरान एशियाई गोल्ड ETF में लगभग 12 बिलियन अमेरिकी डॉलर का शुद्ध निवेश आया, जो इस क्षेत्र का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रथम-छमाही प्रदर्शन माना जा रहा है।
4. भारत में गोल्ड ETF निवेश का रुझान कैसा रहा?
जून 2026 में जब कई देशों में निवेशकों ने गोल्ड ETF से पैसा निकाला, तब भारत उन चुनिंदा बाजारों में शामिल रहा जहां निवेशकों ने सोने की कीमतों में आई गिरावट को खरीदारी का अवसर माना। इससे भारतीय गोल्ड ETF में निवेश का रुझान सकारात्मक बना रहा।
5. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने H2 2026 के लिए क्या अनुमान जताया है?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का मानना है कि वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में गोल्ड ETF निवेश स्थिर रह सकता है। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और बाजार में उतार-चढ़ाव निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर आकर्षित करते रह सकते हैं, हालांकि ऊंची ब्याज दरें अभी भी एक प्रमुख चुनौती बनी हुई हैं।
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डिस्क्लेमर: ये न्यूज सिर्फ जानकारी के लिए बनाई गई है, निवेश या ट्रेडिंग की सलाह नहीं है। स्टोरी में दी गई राय एक्सपर्ट और ब्रोकरेज हाउस की है। गोल्ड प्राइस टुडे से जुड़े लोग निजी तौर पर सोने, चांदी की ट्रेडिंग नहीं करते हैं। हमारी सोने, चांदी में कोई पोजीशन नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें। सोने चांदी में निवेश जोखिम का काम है अपने विवेक का इस्तेमाल करें। आपको होने वाले किसी भी नुकसान की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है।



