China Gold Reserves: चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने जून 2026 में अपने स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) में पिछले ढाई वर्षों की सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी दर्ज की है। खास बात यह है कि यह खरीद ऐसे समय में की गई जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली।
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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चीन ने लगातार 20वें महीने अपने गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि देश लंबी अवधि की रणनीति के तहत सोने में निवेश जारी रखे हुए है।
जून में सबसे बड़ी गोल्ड खरीद, रिजर्व 75.44 मिलियन औंस पहुंचा
पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 के अंत तक देश का कुल स्वर्ण भंडार 75.44 मिलियन फाइन ट्रॉय औंस पहुंच गया, जो मई में 74.96 मिलियन फाइन ट्रॉय औंस था।
इस दौरान चीन ने 4.80 लाख फाइन ट्रॉय औंस (करीब 15 मीट्रिक टन) सोना अपने भंडार में जोड़ा। यह अक्टूबर 2023 के बाद सबसे बड़ी मासिक खरीद है। उस समय चीन ने 7.40 लाख औंस सोना खरीदा था।
सोने की कीमत गिरने से रिजर्व का मूल्य घटा
हालांकि, सोने की मात्रा बढ़ने के बावजूद चीन के गोल्ड रिजर्व का कुल मूल्य घट गया। जून के अंत में रिजर्व का मूल्य 303.72 अरब डॉलर रहा, जबकि मई में यह 340.75 अरब डॉलर था।
इसकी प्रमुख वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में आई तेज गिरावट रही।
जून में सोने की कीमतों में 2008 के बाद सबसे बड़ी गिरावट
जून 2026 में स्पॉट गोल्ड की कीमतों में 11.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो अक्टूबर 2008 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट मानी जा रही है। इस दौरान सोना कुछ समय के लिए 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से भी नीचे फिसल गया।
किन कारणों से दबाव में आया गोल्ड?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों पर कई वैश्विक कारकों का असर पड़ा।
- अमेरिकी डॉलर में मजबूती आने से सोने की मांग प्रभावित हुई।
- निवेशकों ने अनुमान लगाया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है।
- ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई की चिंताओं ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
लंबी अवधि में गोल्ड पर चीन का भरोसा कायम
कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद चीन की लगातार खरीद यह संकेत देती है कि केंद्रीय बैंक लंबी अवधि के लिए सोने को सुरक्षित निवेश और विदेशी मुद्रा भंडार के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देख रहा है। इससे वैश्विक गोल्ड मार्केट में केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी का रुझान भी जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
FAQs
1. चीन ने जून 2026 में अपने गोल्ड रिजर्व में कितनी बढ़ोतरी की?
चीन के केंद्रीय बैंक ने जून 2026 में लगभग 4.80 लाख फाइन ट्रॉय औंस, यानी करीब 15 मीट्रिक टन सोना खरीदा। यह अक्टूबर 2023 के बाद सबसे बड़ी मासिक खरीद मानी जा रही है।
2. चीन का कुल गोल्ड रिजर्व अब कितना हो गया है?
जून 2026 के अंत तक चीन का कुल गोल्ड रिजर्व बढ़कर 75.44 मिलियन फाइन ट्रॉय औंस हो गया, जो मई में 74.96 मिलियन फाइन ट्रॉय औंस था।
3. गोल्ड रिजर्व बढ़ने के बावजूद उसका मूल्य क्यों घट गया?
हालांकि चीन ने अधिक सोना खरीदा, लेकिन जून में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में लगभग 11.65 प्रतिशत की गिरावट आने के कारण उसके गोल्ड रिजर्व का कुल मूल्य 340.75 अरब डॉलर से घटकर 303.72 अरब डॉलर रह गया।
4. जून 2026 में सोने की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
सोने पर दबाव की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रखने की उम्मीद और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव रहे। इन कारणों से निवेशकों का रुझान सोने से कुछ हद तक कम हुआ।
5. लगातार गोल्ड खरीदने से चीन की क्या रणनीति दिखाई देती है?
लगातार 20 महीनों से सोना खरीदना इस बात का संकेत है कि चीन अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने और लंबी अवधि के लिए सुरक्षित परिसंपत्तियों को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। केंद्रीय बैंक सोने को आर्थिक अनिश्चितता के दौरान एक भरोसेमंद रिजर्व एसेट मान रहा है।
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