Monday, July 6, 2026
Google search engine
HomeGold PriceWGC Gold Outlook: दूसरी छमाही में कैसा रहेगा सोने का सफर, जानिए...

WGC Gold Outlook: दूसरी छमाही में कैसा रहेगा सोने का सफर, जानिए किन फैक्टर्स पर टिकी है आगे की चाल?

सोने की कीमतों में इस साल रिकॉर्ड तेजी देखने के बाद अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह रैली आगे भी जारी रहेगी या बाजार अब स्थिरता की ओर बढ़ेगा। इसी बीच World Gold Council (WGC) ने अपनी मिड-ईयर आउटलुक रिपोर्ट 2026 जारी की है, जिसमें वर्ष 2026 की दूसरी छमाही के लिए सोने की संभावित दिशा, प्रमुख ट्रिगर्स और जोखिमों का विस्तृत आकलन पेश किया गया है।

सोने, चांदी के MCX, इंटरनेशनल मार्केट, सराफा और अपने शहर का लेटेस्ट भाव हमारी नई वेबसाइट पर देखें- https://goldpricetodaynews.com/

दूसरी छमाही में 4100 Dollar के आसपास रह सकता है सोना

WGC की जुलाई 2026 रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में वर्ष 2026 की दूसरी छमाही के दौरान सोना लगभग 4100 Dollar प्रति औंस के आसपास सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। परिषद का अनुमान है कि कीमतें इस स्तर से लगभग 5 प्रतिशत ऊपर या नीचे रह सकती हैं।

हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि वैश्विक आर्थिक या भू-राजनीतिक परिस्थितियां अधिक चुनौतीपूर्ण होती हैं, तो सोना फिर से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है।

अनुकूल परिस्थितियों में 4500 Dollar से 5000 Dollar तक पहुंच सकता है सोना

रिपोर्ट के मुताबिक यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था में कमजोरी बढ़ती है, भू-राजनीतिक तनाव तेज होता है और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ती है, तो सोना 4500 Dollar प्रति औंस तक पहुंच सकता है। वहीं यदि बाजार को और मजबूत ट्रिगर्स मिलते हैं, तो कीमतें 5000 Dollar प्रति औंस का स्तर भी छू सकती हैं।

WGC ने बताए सोने की तेजी के प्रमुख ट्रिगर्स

World Gold Council का कहना है कि कुछ ऐसे प्रमुख कारक हैं जो आने वाले महीनों में सोने की कीमतों को नई तेजी दे सकते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, जब महंगाई लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती है, तब सोना ऐतिहासिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करता है।

सेंट्रल बैंकों की खरीदारी बनी हुई है सबसे बड़ा सपोर्ट

World Gold Council के अनुसार वर्ष 2022 से अब तक दुनिया भर के केंद्रीय बैंक औसतन 1000 टन सोना प्रति वर्ष खरीद रहे हैं, जो लंबे समय के औसत 600 टन प्रति वर्ष से काफी अधिक है।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि यदि केंद्रीय बैंक अपनी खरीद में अतिरिक्त 20 से 30 टन की बढ़ोतरी करते हैं, तो इससे सोने की कीमतों को लगभग 1 प्रतिशत अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।

भारत में मांग पर पड़ सकता है आयात शुल्क का असर

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता बाजार है, जहां सालाना लगभग 800 टन सोने की मांग रहती है।

हालांकि WGC ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने का असर घरेलू मांग पर पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार केवल आयात शुल्क बढ़ने से ही ज्वेलरी, बार और कॉइन की मांग में 50 से 60 टन तक की कमी आ सकती है, जो सालाना आधार पर लगभग 10 प्रतिशत गिरावट के बराबर होगी।

सोने के सामने कौन-कौन से जोखिम हैं?

हालांकि रिपोर्ट का दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन कुछ ऐसे कारक भी हैं जो निकट अवधि में सोने की कीमतों पर दबाव बना सकते हैं।

  • Dollar में मजबूती: सोने की कीमतों पर दबाव
  • उम्मीद से अधिक ब्याज दरें: मांग कमजोर पड़ सकती है
  • जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति: सुरक्षित निवेश की मांग घट सकती है

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि सोने की कीमतों में मौजूदा स्तर से 10 से 15 प्रतिशत तक की गिरावट आती है, तब भी नीचे की ओर जोखिम सीमित रह सकता है क्योंकि कम कीमतों पर खरीदारी बढ़ने की संभावना रहती है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?

World Gold Council का मानना है कि सोना फिलहाल स्थिरता के दौर में प्रवेश कर रहा है, लेकिन इसकी दीर्घकालिक संभावनाएं अभी भी मजबूत बनी हुई हैं। केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी, भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई से जुड़े जोखिम सोने को मजबूत आधार प्रदान कर रहे हैं, जबकि ब्याज दरों और Dollar की दिशा निकट अवधि में सबसे महत्वपूर्ण ट्रिगर बनी रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. WGC के अनुसार दूसरी छमाही में सोने का संभावित स्तर क्या है?
रिपोर्ट के मुताबिक सोना वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में लगभग 4100 Dollar प्रति औंस के आसपास कारोबार कर सकता है और इसमें लगभग 5 प्रतिशत का उतार-चढ़ाव संभव है।

2. किन परिस्थितियों में सोना 5000 Dollar प्रति औंस तक पहुंच सकता है?
यदि वैश्विक आर्थिक कमजोरी बढ़ती है, भू-राजनीतिक तनाव तेज होता है और सुरक्षित निवेश की मांग मजबूत होती है, तो सोना पहले 4500 Dollar और बाद में 5000 Dollar प्रति औंस तक पहुंच सकता है।

3. WGC ने सोने के लिए सबसे बड़े सकारात्मक कारक कौन से बताए हैं?
रिपोर्ट में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव, ब्याज दरों में संभावित कटौती और दीर्घकालिक निवेशकों की खरीदारी को प्रमुख सकारात्मक कारकों के रूप में बताया गया है।

4. भारत में सोने की मांग पर क्या असर पड़ सकता है?
WGC का अनुमान है कि आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने से भारत में ज्वेलरी, बार और कॉइन की मांग में 50 से 60 टन तक की कमी आ सकती है।

5. सोने के लिए सबसे बड़े जोखिम क्या हैं?
रिपोर्ट के अनुसार Dollar की मजबूती, अपेक्षा से अधिक ब्याज दरें और निवेशकों की जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति निकट अवधि में सोने की कीमतों पर दबाव बना सकती है।

1.यूट्यूब चैनल – Gold Price Today News (190K सब्सक्राइबर्स)

2.फेसबुक पेज – Gold Silver Price Today (118K फॉलोअर्स)

3. इंस्टाग्राम – Gold Price Today News (50K फॉलोअर्स)

4.X (ट्विटर) – @today_gold

5.टेलीग्रामग्रुप – Gold Silver Price

डिस्क्लेमर: ये न्यूज सिर्फ जानकारी के लिए बनाई गई है, निवेश या ट्रेडिंग की सलाह नहीं है। स्टोरी में दी गई राय एक्सपर्ट और ब्रोकरेज हाउस की है। गोल्ड प्राइस टुडे से जुड़े लोग निजी तौर पर सोने, चांदी की ट्रेडिंग नहीं करते हैं। हमारी सोने, चांदी में कोई पोजीशन नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें। सोने चांदी में निवेश जोखिम का काम है अपने विवेक का इस्तेमाल करें। आपको होने वाले किसी भी नुकसान की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular