Saturday, June 27, 2026
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Gold Price: सोने, चांदी की तेजी का यू-टर्न, 2025 के रिकॉर्ड के बाद 2026 में क्यों लगा भारी झटका, जानिए वजह?

Gold Price: सर्राफा बाजार में पिछले काफी समय से जारी रिकॉर्ड तोड़ बढ़त पर अब ब्रेक लग गया है। ‘सोने, चांदी की तेजी का यू-टर्न’ निवेशकों के लिए इस समय सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है। साल 2025 में ऐतिहासिक ऊंचाई छूने के बाद, अब 2026 में कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट और उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। मिडिल ईस्ट संकट के शांत होने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कड़े रुख के कारण बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बदल चुका है, जिससे सोना और चांदी अपने शीर्ष स्तरों से नीचे आ गए हैं।

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2025 की ऐतिहासिक तेजी और 2026 का यू-टर्न

  • 2025 का रिकॉर्ड: साल 2025 सोने और चांदी के लिए शानदार रहा। इस दौरान सोने में 66% और चांदी में 135% की रिकॉर्ड तोड़ तेजी देखी गई थी।
  • 2026 में झटका: 2026 की शुरुआत में भी यह तेजी जारी रही, लेकिन जल्द ही बाजार में भारी उतार-चढ़ाव आ गया। जनवरी के अंत में चांदी के वायदा बाजार (Silver Futures) को 1980 के दशक के बाद का सबसे बड़ा एक दिन का झटका लगा। वहीं फरवरी में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद सोने के ‘सुरक्षित निवेश’ (Safe Haven) वाले दर्जे पर भी सवाल उठने लगे।

कीमतें गिरने के मुख्य कारण

मैक्वेरी के रणनीतिकारों (Strategists) के मुताबिक, मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) का संकट अब शांत होता दिख रहा है, जिससे सोने का आकर्षण कम हुआ है। इसके अलावा निम्नलिखित कारणों से कीमतें गिरी हैं:

  • नए फेड चेयरमैन का कड़ा रुखः अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन केविन वॉर्श (Kevin Warsh) का रुख काफी कड़ा (Hawkish) रहा है। बाजार अब यह मानकर चल रहा है कि फेड सितंबर या चौथी तिमाही (Q4) तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।
  • ब्याज दरें और मजबूत डॉलर: जब ब्याज दरें बढ़ती हैं और डॉलर मजबूत होता है, तो सोने जैसी बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों की होल्डिंग कॉस्ट बढ़ जाती है। यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) और बैंक ऑफ जापान (BOJ) ने भी इस महीने ब्याज दरें बढ़ाई हैं।
  • शेयर बाजार की तरफ झुकावः निवेशक अब सोने-चांदी से मुनाफावसूली (Profit Booking) करके इक्विटी (Share Market) की तरफ बढ़ रहे हैं। उदाहरण के लिए, जब माइक्रोन (Micron) जैसी कंपनियां एक ही दिन में $130 बिलियन की मार्केट कैप जोड़ रही हों, तो लोग सोने में पैसा फंसाने के बजाय शेयरों में जा रहे हैं।

सोना और चांदी: मैक्वेरी का नया अनुमान

सोना (Gold): मैक्वेरी का अनुमान है कि 2026 में हाजिर सोना (Spot Gold) औसतन 4,641 डॉलर प्रति औंस पर रहेगा (जो पिछले साल से 35% ज्यादा है)। हालांकि, उन्होंने साल के अंत का अनुमान 4,400 डॉलर से घटाकर 4,300 डॉलर कर दिया है। 2027 में इसके 9.5% गिरकर 4,200 डॉलर पर आने और 2030 तक हर साल थोड़ा गिरने का अनुमान है।

चांदी (Silver): कम इन्वेंट्री और मजबूत मांग के कारण चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन इस वजह से यह गिरावट के प्रति अधिक संवेदनशील (Vulnerable) हो गई है। इतिहास गवाह है कि चांदी बहुत तेजी से गिरती है। मैक्वेरी को उम्मीद है कि इस साल की आखिरी तिमाही में चांदी 70 डॉलर प्रति औंस पर और 2027 के अंत तक गिरकर 65 डॉलर पर आ जाएगी।

बाजार के समीकरण बदलने वाले 8 बड़े फैक्टर्स

  • ‘डिबेसमेंट ट्रेड’ का अंत: करेंसी की वैल्यू कम होने के डर से जो खरीदारी (Debasement trade) चल रही थी, वह अब खत्म हो रही है; कीमतें सेंटिमेंट और वास्तविक पोजीशनिंग के मुकाबले बहुत ज्यादा ऊपर चली गई थीं।
  • फेड (Fed) की अनिश्चितताः अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर बढ़ी अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने सबसे पहले सोने और चांदी जैसे अधिक लिक्विडिटी वाले एसेट्स को बेचना शुरू कर दिया है।
  • मजबूत डॉलर बना ‘मलबे की गेंद’ (Wrecking ball): डॉलर इंडेक्स (DXY) 100 के स्तर पर एक साल तक बेस बनाने के बाद अब इस साल के उच्चतम स्तर को पार कर गया है, जबकि जापानी येन (JPY) 1980 के दशक के बाद के सबसे निचले स्तर (~160) पर है।
  • अमेरिकी अर्थव्यवस्था का दबदबा: AI में भारी निवेश, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और मजबूत आर्थिक आंकड़ों के दम पर अमेरिकी बाजार की ताकत (US Exceptionalism) अब सोने की तेजी के ढांचागत कारणों पर भारी पड़ रही है।
  • फेड चेयरमैन वॉर्श का कड़ा रुखः नए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श का हालिया भाषण बाजार को सख्त संदेश देने और फेड की स्वतंत्रता की साख बनाने के लिए था, जिससे संकेत मिलता है कि वे आसान मौद्रिक नीति (currency debasement) के पक्ष में नहीं हैं।
  • कीमतों में उतार-चढ़ाव का तरीका (Technical): कीमती धातुएं जनवरी-फरवरी 2026 में “लिफ्ट (Elevator) की तरह तेजी से ऊपर” गईं, लेकिन मार्च से जून 2026 के बीच “एस्केलेटर (सीढ़ी) की तरह धीरे-धीरे नीचे” आ रही हैं; चढ़ते समय बाजार में स्थिरता नहीं थी, इसलिए गिरते समय भी यह काफी उतार-चढ़ाव (इंट्राडे में सोने में -9% और चांदी में -26% तक की गिरावट) दिखा रहा है।
  • बॉटम के करीब बाजारः तकनीकी रूप से, सोना अपने 200-दिनों के मूविंग एवरेज (200 DMA) से 10% नीचे और चांदी 17% नीचे ट्रेड कर रही है। इतिहास (पिछले 10 साल) गवाह है कि सोने के लिए -10% और चांदी के लिए -20% का स्तर मजबूत सपोर्ट रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार अब “टॉप के बजाय बॉटम (निचले स्तर) के अधिक करीब” है।
  • चौतरफा गिरावट: यह मंदी सिर्फ सोने-चांदी तक सीमित नहीं थी; न्यूयॉर्क सत्र में सोना -3%, चांदी -8%, प्लेटिनम -5%, पैलेडियम -6%, कॉपर -3%, क्रूड ऑयल -5% और बिटकॉइन भी -5% टूट गया। वहीं बॉन्ड्स में जमकर खरीदारी हुई।

आगे की राह और मंदी के बड़े संकेत

  • 2008 जैसे मंदी के संकेत: कीमती धातुओं की यह गिरावट संकेत दे सकती है कि वे जोखिम भरे बाजारों (Risk assets) में आने वाली बड़ी मंदी की अगुवाई कर रहे हैं; शेयर बाजार और बॉन्ड्स तथा सोने और बॉन्ड्स के बीच का संबंध 2008 के संकट जैसा दिख रहा है।
  • बाजार के खिलाड़ी (Participation): आम रिटेल सटोरिये बाजार से (काफी हद तक) बाहर हैं, सीटीए (CTAs/Fast Money) शॉर्ट पोजीशंस बढ़ा रहे हैं, और ईटीएफ (ETFs) लगातार अपनी होल्डिंग कम कर रहे हैं। वहीं चीन को छोड़कर अन्य देशों के फिजिकल खरीदार नीतियों के कारण शांत बैठे हैं।
  • साल 2026 की दूसरी तिमाही (Q2) का सबक: जनवरी/फरवरी में बने रिकॉर्ड ऊंचे स्तरों (V-tops) के बाद इस तिमाही ने निवेशकों को कड़ा सबक दिया है कि बाजार में “हर एक तेजी का अंत निश्चित है।”

सोने, चांदी के भाव से जुड़े कुछ सवाल-जवाब, FAQ’s

1. 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट क्यों आई है?
मिडिल ईस्ट संकट के शांत होने, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख, मजबूत डॉलर और निवेशकों के शेयर बाजार की ओर रुख करने से कीमतों में गिरावट आई है।

2. 2025 में सोना और चांदी का प्रदर्शन कैसा रहा था?
2025 में सोने ने लगभग 66% और चांदी ने करीब 135% की रिकॉर्ड तेजी दर्ज की थी, जिससे दोनों धातुएं ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गई थीं।

3. मैक्वेरी ने सोने और चांदी के लिए क्या अनुमान दिया है?
मैक्वेरी के अनुसार 2026 में सोने का औसत भाव मजबूत रह सकता है, लेकिन साल के अंत तक इसमें नरमी संभव है। वहीं चांदी भी चौथी तिमाही और 2027 तक दबाव में रह सकती है।

4. क्या यह गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर हो सकती है?
तकनीकी संकेतों के अनुसार सोना और चांदी अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तरों के करीब पहुंच रहे हैं, इसलिए कई विश्लेषक इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए संभावित अवसर मान रहे हैं।

5. आने वाले महीनों में सोने-चांदी की कीमतों को कौन से फैक्टर सबसे अधिक प्रभावित करेंगे?
अमेरिकी फेड की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स, वैश्विक आर्थिक स्थिति, भू-राजनीतिक घटनाक्रम, निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता और केंद्रीय बैंकों की नीतियां कीमतों की दिशा तय करेंगी।

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डिस्क्लेमर: ये न्यूज सिर्फ जानकारी के लिए बनाई गई है, निवेश या ट्रेडिंग की सलाह नहीं है। स्टोरी में दी गई राय एक्सपर्ट और ब्रोकरेज हाउस की है। गोल्ड प्राइस टुडे से जुड़े लोग निजी तौर पर सोने, चांदी की ट्रेडिंग नहीं करते हैं। हमारी सोने, चांदी में कोई पोजीशन नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें। सोने चांदी में निवेश जोखिम का काम है अपने विवेक का इस्तेमाल करें। आपको होने वाले किसी भी नुकसान की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है।

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