Goldman Sachs: वैश्विक सर्राफा बाजार और कमोडिटी निवेशकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। दुनिया की जानी-मानी वित्तीय संस्था गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs Group Inc.) ने साल के अंत तक के लिए सोने (Gold) के अपने अनुमानित मूल्य के टारगेट में 500 डॉलर प्रति औंस (Ounce) की एक बड़ी कटौती कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा इस साल (2026) ब्याज दरों में कोई कटौती न किए जाने की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए गोल्डमैन सैक्स ने अपने पुराने अनुमानों को बदला है। हालांकि, इस कटौती के बावजूद विश्लेषकों का मानना है कि साल की दूसरी छमाही में सोने में बढ़त का सिलसिला जारी रहेगा, लेकिन इसकी रफ़्तार उम्मीद से कम हो सकती है।
सोने का नया टारगेट और मौजूदा बाजार की स्थिति
गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों (लीना थॉमस और डैन स्टुइवेन) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, सोने के मूल्य अनुमानों में बड़ा बदलाव किया गया है:
- नया संशोधित टारगेट: दिसंबर तक के लिए सोने का नया टारगेट 4,900 डॉलर प्रति औंस तय किया गया है (इससे पहले यह अनुमान 5,400 डॉलर प्रति औंस था)।
- मौजूदा बाजार भाव: फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,165 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। गौरतलब है कि जनवरी के अंत में सोना 5,600 डॉलर के अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, जिसके बाद से इसमें लगातार मुनाफावसूली और गिरावट देखी जा रही है।
टारगेट घटाने के सबसे बड़े कारण
यूएस फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति में आया बदलाव सोने की कीमतों पर भारी दबाव बना रहा है।
1. ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें टलीं (No Fed Rate Cuts): पहले बाजार को उम्मीद थी कि फेडरल रिजर्व इस साल अर्थव्यवस्था को राहत देते हुए ब्याज दरें घटाएगा (Easing)। लेकिन अब गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अमेरिकी रेट कट इस साल नहीं, बल्कि सीधे अगले साल (जून और दिसंबर 2027 में) होंगे। जब ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो निवेशक सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों के बजाय सरकारी बॉन्ड्स में निवेश करना अधिक पसंद करते हैं।
2. सोने के ETFs में निवेश की सुस्ती (Lower ETF Inflows): ब्याज दरों में कटौती की समयसीमा आगे बढ़ने के कारण ‘गोल्ड-बैक्ड ईटीएफ’ (Gold-backed ETFs) पर भी नकारात्मक असर पड़ा है। आने वाले महीनों में इन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में जितना पैसा आने की उम्मीद जताई जा रही थी, अब उसमें बड़ी कमी आने की आशंका है।
3. नए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श का सख्त रुख (Hawkish Fed Chair): राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में नियुक्त किए गए नए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श (Kevin Warsh) की अगुवाई में हुई पहली नीतिगत बैठक उम्मीद से कहीं ज्यादा सख्त (Hawkish) रही। उन्होंने देश में महंगाई को हर हाल में काबू में करने की कसम खाई है और संकेत दिए हैं कि इस साल ब्याज दरों को घटाने के बजाय और बढ़ाया (Hike) जा सकता है।
4,400 डॉलर तक गिर सकता है सोना (Downside Risk)
गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों ने बाजार के लिए एक जोखिम भी रेखांकित किया है। यदि फेडरल रिजर्व महंगाई के दबाव में आकर सितंबर जैसी शुरुआत में ही ब्याज दरें बढ़ाना शुरू कर देता है, तो सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की मांग में भारी कमी आ सकती है। इस विपरीत परिस्थिति में सोने की कीमतें टूटकर 4,400 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक नीचे आ सकती हैं।
लंबी अवधि में क्यों बनी रहेगी सोने की चमक?
टारगेट में कटौती के बाद भी गोल्डमैन सैक्स लंबी अवधि (Long-term) के लिए सोने को लेकर सकारात्मक बना हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार, दो ऐसे मुख्य फैक्टर्स हैं जो सोने की कीमतों को पूरी तरह क्रैश होने से बचाएंगे और इसे सपोर्ट देंगे:
- केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी: दुनिया भर के सेंट्रल बैंक लगातार अपनी आर्थिक स्थिरता के लिए सोना खरीद रहे हैं। अनुमान है कि इस साल हर महीने 50 टन और अगले साल हर महीने 40 टन सोने की खरीदारी की जाएगी।
- भू-राजनीतिक अनिश्चितता (Geopolitical Tensions): मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई और अनिश्चितता का माहौल है। ऐसे में निवेशक सोने को एक मजबूत सुरक्षा कवच मानते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल, FAQ’s
1. गोल्डमैन सैक्स ने सोने का टारगेट क्यों घटाया है?
गोल्डमैन सैक्स ने अपने सोने के लक्ष्य में कटौती इसलिए की है क्योंकि अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 2026 में ब्याज दरों में कटौती की संभावना काफी कम हो गई है। ऊंची ब्याज दरें लंबे समय तक बने रहने से सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों पर दबाव बढ़ता है।
2. गोल्डमैन सैक्स का सोने के लिए नया लक्ष्य क्या है?
गोल्डमैन सैक्स ने दिसंबर 2026 तक सोने का नया लक्ष्य 4,900 डॉलर प्रति औंस तय किया है। इससे पहले बैंक ने सोने के लिए 5,400 डॉलर प्रति औंस का लक्ष्य दिया था, जिसे अब 500 डॉलर घटा दिया गया है।
3. फेडरल रिजर्व की नीतियों का सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ रहा है?
फेडरल रिजर्व की सख्त (Hawkish) मौद्रिक नीति और ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने के संकेतों से सोने की मांग प्रभावित हो रही है। निवेशक अधिक रिटर्न देने वाले बॉन्ड और अन्य वित्तीय साधनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे सोने पर दबाव बना हुआ है।
4. गोल्डमैन सैक्स के अनुसार सोने की कीमतों में कितना जोखिम बना हुआ है?
यदि महंगाई के दबाव के कारण फेडरल रिजर्व आने वाले महीनों में ब्याज दरों में बढ़ोतरी शुरू करता है, तो सोने की सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में मांग घट सकती है। ऐसी स्थिति में सोना गिरकर 4,400 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकता है।
5. टारगेट घटाने के बावजूद गोल्डमैन सैक्स सोने को लेकर सकारात्मक क्यों है?
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार की जा रही सोने की खरीदारी, मध्य पूर्व सहित विभिन्न क्षेत्रों में जारी भू-राजनीतिक तनाव, और सुरक्षित निवेश की मांग लंबे समय में सोने की कीमतों को मजबूत समर्थन प्रदान करेंगे।
1.यूट्यूब चैनल – Gold Price Today News (189K सब्सक्राइबर्स)
2.फेसबुक पेज – Gold Silver Price Today (118K फॉलोअर्स)
3. इंस्टाग्राम – Gold Price Today News (50K फॉलोअर्स)
4.X (ट्विटर) – @today_gold
5.टेलीग्रामग्रुप – Gold Silver Price
डिस्क्लेमर: ये न्यूज सिर्फ जानकारी के लिए बनाई गई है, निवेश या ट्रेडिंग की सलाह नहीं है। स्टोरी में दी गई राय एक्सपर्ट और ब्रोकरेज हाउस की है। गोल्ड प्राइस टुडे से जुड़े लोग निजी तौर पर सोने, चांदी की ट्रेडिंग नहीं करते हैं। हमारी सोने, चांदी में कोई पोजीशन नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें। सोने चांदी में निवेश जोखिम का काम है अपने विवेक का इस्तेमाल करें। आपको होने वाले किसी भी नुकसान की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है।



