Saturday, June 6, 2026
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JP Morgan Gold Forecast: जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में घटाया सोने की औसत कीमत का अनुमान, जानिए क्या कहती है रिपोर्ट ?

JP Morgan Report: वैश्विक वित्तीय बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच वैश्विक बैंक जेपी मॉर्गन (JP Morgan) ने साल 2026 के लिए सोने की कीमतों को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण अनुमान जारी किया है। बैंक ने 2026 के लिए सोने के औसत दाम के अनुमान को पहले के 5,708 डॉलर प्रति औंस से घटाकर अब 5,243 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। हालांकि, सोने के निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि जेपी मॉर्गन ने साल के अंत तक सोने के 6,000 डॉलर प्रति औंस के अपने मूल लक्ष्य (Target) को पूरी तरह बरकरार रखा है। बैंक का मानना है कि साल 2026 की दूसरी छमाही (Second Half) में सोने की मांग में एक बार फिर जोरदार रिकवरी देखने को मिलेगी, जिससे इसकी कीमतों में भारी उछाल आएगा।

सोने की महा-तेजी (Bull Run) अभी खत्म नहीं हुई

जेपी मॉर्गन द्वारा 2026 के लिए सोने की औसत कीमत के अनुमान में की गई कटौती इस बात का संकेत है कि बैंक साल के पहले छह महीनों (First Half) को एक सुस्त दौर के रूप में देख रहा है। विश्लेषकों का स्पष्ट कहना है कि इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि सोने की कई सालों से चली आ रही महा-तेजी का बुनियादी सपोर्ट खत्म हो गया है या मंदी शुरू हो गई है। बाजार में आया यह बदलाव सिर्फ एक अस्थायी ठहराव (Temporary Pause) है, जबकि सोने को ऊपर ले जाने वाले वैश्विक कारण आज भी उतने ही मजबूत हैं।

शॉर्ट-टर्म में डॉलर और ट्रेजरी यील्ड की चुनौती

सोना हमेशा से वास्तविक रिटर्न (Real Yields) और डॉलर की मजबूती में होने वाले बदलावों के प्रति बेहद संवेदनशील रहा है। वर्तमान आर्थिक माहौल में ये दोनों ही कारक सोने की चाल को प्रभावित कर रहे हैं:

  • यूएस ट्रेजरी यील्ड (US Treasury Yields): अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में लगातार हो रही बढ़ोतरी सोने के लिए चुनौती बनी हुई है।
  • मजबूत डॉलर (Strong Dollar): डॉलर के मजबूत बने रहने के कारण शॉर्ट-टर्म (Near-Term) में सोने की राह में कुछ मुश्किलें (Headwinds) जरूर दिखाई दे रही हैं।

जेपी मॉर्गन का नया अनुमान इस हकीकत को स्वीकार करता है, लेकिन इसके बावजूद बैंक सोने की इस लंबी तेजी के अपने मजबूत विश्वास को छोड़ने से पूरी तरह इनकार करता है।

कमजोर ईटीएफ और वायदा बाजार की सुस्ती

बैंक के विश्लेषकों ने रविवार को जारी किए गए एक नोट में बाजार की मौजूदा स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा:

“बाजार की यह शांति गतिविधियों और मांग के सुस्त आंकड़ों में साफ दिखाई देती है। कॉमेक्स (COMEX) पर कुल गोल्ड फ्यूचर्स ओपन इंटरेस्ट (Open Interest) और वॉल्यूम (ट्रेडिंग की मात्रा) काफी नीचे बने हुए हैं। इसके साथ ही नेट ‘मैनेज्ड मनी’ फ्यूचर्स ओपन इंटरेस्ट भी निचले स्तर पर थमा हुआ है और गोल्ड ईटीएफ (ETF) में आने वाला पैसा (Flows) फिलहाल बहुत कम रहा है।”

दूसरी छमाही में कैसे पलटेगी बाजी?

पूरे साल के औसत अनुमान में की गई यह कटौती साल के शुरुआती छह महीनों की सुस्त कीमतों को दर्शाती है। लेकिन 6,000 डॉलर के साल के अंत के लक्ष्य (Year-end Target) को बनाए रखने का सीधा मतलब है कि साल की दूसरी छमाही में सोने की कीमतें बहुत तेजी से ऊपर भागेंगी।

इस ऊंचे लक्ष्य के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए बाजार को फिर से एक बड़े ट्रिगर की जरूरत होगी। जेपी मॉर्गन के अनुसार, दूसरी छमाही में इस तेजी को रफ्तार देने के लिए बड़े संस्थानों (Institutional Buyers) और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की तरफ से बड़े पैमाने पर दोबारा खरीदारी (Fresh Buying) की शुरुआत होनी बेहद जरूरी होगी।

सोने, चांदी के भाव से जुड़े सवाल जवाब, Gold Silver Price FAQ

1. JP Morgan ने 2026 के लिए सोने का नया औसत लक्ष्य कितना रखा है?
जेपी मॉर्गन ने 2026 के लिए सोने की औसत कीमत का अनुमान घटाकर 5,243 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। इससे पहले बैंक का अनुमान 5,708 डॉलर प्रति औंस था। हालांकि बैंक ने साल के अंत तक 6,000 डॉलर प्रति औंस के अपने बड़े लक्ष्य को बरकरार रखा है।

2. क्या JP Morgan के अनुसार सोने की तेजी खत्म हो गई है?
नहीं, बैंक का मानना है कि सोने की लंबी अवधि की तेजी अभी खत्म नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार यह केवल एक अस्थायी ठहराव है और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और महंगाई जैसी वजहें अभी भी सोने को मजबूत सपोर्ट दे रही हैं।

3. फिलहाल सोने की कीमतों पर दबाव क्यों बना हुआ है?
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती फिलहाल सोने पर दबाव बना रही है। मजबूत डॉलर के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग कुछ कमजोर हुई है, जिससे शॉर्ट-टर्म में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

4. JP Morgan के अनुसार दूसरी छमाही में सोना क्यों तेजी पकड़ सकता है?
बैंक का मानना है कि 2026 की दूसरी छमाही में केंद्रीय बैंक, बड़े संस्थागत निवेशक और ETF फंड दोबारा बड़ी खरीदारी शुरू कर सकते हैं। इससे सोने की मांग मजबूत होगी और कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।

5. COMEX और ETF बाजार की मौजूदा स्थिति क्या संकेत दे रही है?
रिपोर्ट के मुताबिक COMEX पर गोल्ड फ्यूचर्स का ओपन इंटरेस्ट और ट्रेडिंग वॉल्यूम अभी कमजोर बने हुए हैं। इसके अलावा गोल्ड ETF में भी निवेश का प्रवाह कम है, जो फिलहाल बाजार में सुस्ती और निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।

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डिस्क्लेमर: ये न्यूज सिर्फ जानकारी के लिए बनाई गई है, निवेश या ट्रेडिंग की सलाह नहीं है। स्टोरी में दी गई राय एक्सपर्ट और ब्रोकरेज हाउस की है। गोल्ड प्राइस टुडे से जुड़े लोग निजी तौर पर सोने, चांदी की ट्रेडिंग नहीं करते हैं। हमारी सोने, चांदी में कोई पोजीशन नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें। सोने चांदी में निवेश जोखिम का काम है अपने विवेक का इस्तेमाल करें। आपको होने वाले किसी भी नुकसान की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है।

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