StoneX Report: वैश्विक कमोडिटी बाजार में मची भारी हलचल के बीच StoneX ने सोने और चांदी की कीमतों पर अपनी एक नई और विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट का मुख्य विषय बाजार में आई वह ‘ऐतिहासिक गिरावट’ है, जिसने पिछले कुछ महीनों के शानदार प्रदर्शन के बाद निवेशकों के मुनाफे को भारी घाटे में धकेल दिया है। StoneX के अनुसार, बाजार में अतिरिक्त “उत्साह” (Froth) अब पूरी तरह से साफ हो चुका है। जहाँ एक ओर फेडरल रिजर्व की सख्ती और तकनीकी कारणों ने कीमतों को जमीन पर ला दिया है, वहीं दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप के शांति संकेतों ने बाजार को “ओवरसोल्ड” जोन से रिकवरी की एक नई उम्मीद दी है।
बाजार की वर्तमान स्थिति
StoneX के अनुसार, पिछले हफ्ते तक जो कीमतें एक सीमित दायरे में संघर्ष कर रही थीं, वे अब भारी गिरावट का शिकार हो चुकी हैं।
- सोने की चाल: 2 मार्च को सोना 5,419 डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर था, जो गिरकर 4,126 डॉलर के निचले स्तर तक आ गया।
- ट्रंप फैक्टर: राष्ट्रपति ट्रंप के एक ट्वीट ने बाजार की दिशा बदल दी। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ बातचीत में प्रगति हुई है और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों को 5 दिनों के लिए टाल दिया गया है। इस खबर के बाद सोने में 150 डॉलर का जोरदार उछाल देखा गया।
गिरावट के पीछे के 4 प्रमुख कारण
StoneX ने स्पष्ट किया है कि पिछले कुछ महीनों के शानदार प्रदर्शन के बाद यह “वाश-आउट” (सफाई) बाजार के लिए जरूरी थी:
- ब्याज दरों और फेड (Fed) का सख्त रुख: निवेशकों को डर है कि ब्याज दरें उम्मीद के मुताबिक नहीं घटेंगी। फेड गवर्नर क्रिस वालर जैसे नरम नीति समर्थकों ने भी दरें घटाने की वकालत नहीं की, जिससे बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ गया।
- ओवरबॉट मार्केट (Crowded Market): जब सोना 5,200 डॉलर के ऊपर था, तब बाजार में जरूरत से ज्यादा खरीदारी (Crowded Trade) हो चुकी थी। गिरावट शुरू होते ही चांदी में सोने के मुकाबले कहीं अधिक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
- तकनीकी कारण (Technicals): मूविंग एवरेज जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों के टूटने से बिकवाली का दबाव और तेज हो गया।
- मजबूरी में बिक्री (Distress Selling): शेयर बाजार (S&P 500) की कमजोरी के कारण निवेशकों को अपना ‘मार्जिन’ कवर करने के लिए मजबूरन सोना बेचना पड़ा। इस महीने सोना 24% गिरा है, जबकि शेयर बाजार केवल 10%।
मांग और इन्वेंट्री का डेटा (Central Banks & ETFs)
- केंद्रीय बैंकों की बेरुखी: जनवरी में शुद्ध खरीदारी केवल 5 टन रही, जबकि 2025 में यह औसत 72 टन प्रति माह थी। इसने बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर डाला।
- ETF से निकासी: गोल्ड ETFs से लगभग 96 टन सोना बाहर निकला है। वहीं, सिल्वर ETFs से इस साल अब तक 1,573 टन (6%) चांदी बाहर निकल चुकी है।
- COMEX स्टॉक: चांदी की इन्वेंट्री तेजी से गिरकर 10,348 टन रह गई है, जो अब अपने सामान्य स्तर की ओर लौट रही है। इससे भविष्य में बाजार की अस्थिरता कम होने की उम्मीद है।
हाई से लो तक का सफर
कीमती धातुओं में हालिया समय में तेज गिरावट देखने को मिली है, हालांकि लंबी अवधि में इनकी मजबूती अब भी बरकरार है।
- पिछले सोमवार के हाई से लो: सोना 29% (5,038 से 4,099 डॉलर) और चांदी 25% (81.64 से 60.96 डॉलर) गिरी।
- जनवरी के शिखर से तुलना: सोना 31% और चांदी एक झटके में 50% (121.65 से 60.96 डॉलर) नीचे आ गई है।
- दीर्घकालिक नजरिया: हालांकि, 2024 की शुरुआत से अब भी सोना 113% और चांदी 185% ऊपर हैं।
फंड मैनेजर्स की स्थिति (Managed Money)
रिपोर्ट बताती है कि चांदी में हालिया तेजी का मुख्य कारण “शॉर्ट कवरिंग” (बिकवाली के सौदों को काटना) था, न कि नई लंबी अवधि की खरीदारी। फरवरी की शुरुआत में जहाँ ‘लॉन्ग पोजीशन’ 5,589 टन थी, वह अब घटकर केवल 2,053 टन रह गई है।
आगे क्या होगा? (Expert Conclusion)
StoneX का मानना है कि भारी बिकवाली ने दोनों धातुओं को ‘ओवरसोल्ड’ (Oversold) क्षेत्र में धकेल दिया है।
- नई खरीदारी: मध्य-पूर्व में संघर्ष अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और ईद के बाद पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए बाजार में खरीदारी की नई दिलचस्पी (Fresh Buying Interest) देखी जा सकती है।
- अंतिम राय: StoneX के अनुसार, भले ही बाजार में रिकवरी आए, लेकिन दोनों धातुएं फिलहाल अपने उच्चतम स्तर (Highs) को छू चुकी हैं और अब एक नई स्थिरता की तलाश करेंगी।
StoneX रिपोर्ट के अनुसार, सोने और चांदी में हालिया भारी गिरावट बाजार से अतिरिक्त उत्साह को खत्म करने वाली एक जरूरी प्रक्रिया रही है, जिसमें फेड की सख्ती, तकनीकी कमजोरी और मजबूरी में बिकवाली मुख्य कारण रहे। हालांकि बाजार अब ओवरसोल्ड स्थिति में है, जिससे सीमित रिकवरी की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल नई स्थिरता बनने तक उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
StoneX Report से जुड़े कुछ सवाल-जवाब, FAQ’s
1. StoneX रिपोर्ट में सोने-चांदी की गिरावट को कैसे समझाया गया है?
रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरावट पिछले महीनों की तेजी के बाद एक जरूरी “वाश-आउट” है। बाजार में अत्यधिक खरीदारी, फेड की सख्त नीति और तकनीकी स्तर टूटने से कीमतों में तेज गिरावट आई है।
2. सोने और चांदी में गिरावट के मुख्य कारण क्या हैं?
मुख्य कारणों में फेडरल रिजर्व की सख्त नीति, ओवरबॉट मार्केट, तकनीकी ब्रेकडाउन और शेयर बाजार में गिरावट के चलते मजबूरी में की गई बिक्री शामिल हैं। इन सभी ने मिलकर बाजार पर दबाव बनाया।
3. क्या बाजार अब रिकवरी की ओर बढ़ सकता है?
StoneX के अनुसार, बाजार फिलहाल ओवरसोल्ड स्थिति में है, जिससे तकनीकी तौर पर रिकवरी की संभावना बनती है। साथ ही, ट्रंप के शांति संकेत और भू-राजनीतिक तनाव भी कीमतों को सपोर्ट दे सकते हैं।
4. ETF और केंद्रीय बैंकों के डेटा का क्या संकेत है?
रिपोर्ट बताती है कि गोल्ड और सिल्वर ETFs से बड़ी निकासी हुई है और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी भी घट गई है। इससे बाजार की धारणा कमजोर हुई है और कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ा है।
5. निवेशकों के लिए आगे की रणनीति क्या होनी चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए। बाजार में स्थिरता आने का इंतजार करना और चरणबद्ध निवेश करना बेहतर हो सकता है, क्योंकि फिलहाल उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
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डिस्क्लेमर: ये न्यूज सिर्फ जानकारी के लिए बनाई गई है, निवेश या ट्रेडिंग की सलाह नहीं है। स्टोरी में दी गई राय एक्सपर्ट और ब्रोकरेज हाउस की है। गोल्ड प्राइस टुडे से जुड़े लोग निजी तौर पर सोने, चांदी की ट्रेडिंग नहीं करते हैं। हमारी सोने, चांदी में कोई पोजीशन नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें। सोने चांदी में निवेश जोखिम का काम है अपने विवेक का इस्तेमाल करें। आपको होने वाले किसी भी नुकसान की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है।



